स्वास्थ्य विभाग का हाल: कागजों में करा दिया प्रसव, हकीकत में पीएचसी पर उपकरण तक नहीं, छापा मारा तो खुला खेल
शाहजहांपुर में सीडीओ डॉ.अपराजिता सिंह ने बृहस्पतिवार को ब्लॉक क्षेत्र की सीएचसी और पीएसची का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में पीएसची का हाल देख वह खुद हैरान रह गईं।
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शाहजहांपुर में लोगों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के नाम पर अधिकारियों की आंख में धूल झोंकी जा रही है। बृहस्पतिवार को सीडीओ के निरीक्षण सच्चाई सामने आ गई। ऑनलाइन पोर्टल पर संचालित डिलीवरी प्वाइंट में कागजों पर प्रसव करा दिया गया। सीडीओ को प्रसव केंद्रों के अंदर उपकरण तक नदारद मिले। कमरों में कबाड़ भरा मिला और प्रसव में उपयोग होने वाली रूई पर फंगस लगी मिली।
पुवायां ब्लॉक की गंगसरा उपस्वाथ्य केंद्र डिलीवरी केंद्र पर सीडीओ डॉ.अपराजिता सिंह पहुंचीं तो वहां ताला लगा मिला। चाभी नहीं मिलने पर ताला तुड़वाकर अंदर जाने पर प्रसव संबंधी उपकरण व सामग्री तक नदारद थी। गंदगी होने के साथ बेबी वार्मर में जंक लगी मिली। अभिलेखों में जांचने पर 17 नवंबर को प्रसव होना दर्शाया गया। सीडीओ ने स्थानीय लोगों से जानकारी ली तो बताया गया कि यहां कभी प्रसव नहीं कराया गया है। अभिलेखों में गलत जानकारी अंकित की गई थी।
पीएचसी गंगसरा भी पोर्टल पर प्रसव केंद्र के रूप में दर्ज है। यहां भी कभी प्रसव नहीं होने जानकारी मिली है। सीडीओ ने पुवायां पीएचसी में कोल्ड चेन का निरीक्षण करते हुए एमओआईसी डॉ. नरेंद्र को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत जुझारपुर भी सरकारी अभिलेखों में प्रसव केंद्र दर्ज मिला। यहां ताला लगा मिला। वहां मिली डॉ. सिमर ने बताया कि यहां तीन वर्षो से कोई भी प्रसव नहीं हुआ है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नाहिल में एएनएम अनुपस्थित मिली। सीडीओ ने अभिलेख मांगे तो ताले में बंद मिले।
प्रसव केंद्र के कमरे में भरा मिला पीएचसी का कबाड़
खुदागंज ब्लॉक के ग्राम सिउरा की अतिरिक्त पीएचसी में सीडीओ को भवन जर्जर हालत में मिला। ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज इस डिलीवरी प्वाइंट के एक बंद कमरे का ताला खुलवाया तो बेबी वार्मर पैक रखा मिला। वह खोला तक नहीं गया था। महिला वार्ड में जहां मरीज भर्ती होने चाहिए, वहां पीएचसी का कबाड़ भरा था। रुई व अन्य चिकित्सा सामग्री पर फफूंदी लगी मिली। प्रसव कक्ष में डिलीवरी से संबंधित उपकरण व सामग्री तक नहीं मिली। फार्मासिस्ट और आयुष डॉक्टर ने चार-पांच मरीजों को दवा दी थी। वह भी चार से पांच निष्प्रयोज्य दवाई थी। यहां एमओआईसी दो महीने से नहीं आए हैं।
प्रसव केंद्र की हालत जर्जर
ऑनलाइन पोर्टल पर प्रसव केंद्र के रूप में दर्ज जैतीपुर की पीएचसी खेड़ारठ में सीडीओ को प्रसव से संबंधित कोई उपकरण नहीं मिला। अंदर गंदगी देखकर प्रतीत हुआ कि यहां वर्षों से प्रसव नहीं हुआ जबकि प्रसव पंजिका में प्रसव होना दिखाया गया। वैक्सीनेशन रजिस्टर में टीकाकरण भी दर्ज था। यहां मिली एएनएम ने बताया गया कि यहां कभी प्रसव नहीं होता है। उनके द्वारा टीकाकरण नहीं किया गया है। गांव की दाई से ही प्रसव कराए जाते हैं।
सीएमओ डॉ. आरके गौतम ने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल पर प्रसव केंद्र के एक्टिव होने के बारे में जानकारी नहीं है। कहीं कमी मिली है तो संबंधित से जानकारी लेकर ठीक कराया जाएगा। संसाधनों और स्टाफ की भी कमी है। इसके बावजूद किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।