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चकरैना गोशाला में चार गोवंश की मौत, मांस नोचकर खा रहे कुत्ते

Mon, 13 Jan 2020 02:15 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jan 2020 02:15 AM IST
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death of cows in gaushala
जलालाबाद गौशाला में मृत गोवंश देखने पहुंचे नायब तहसीलदार और सीओ । - फोटो : SHAHJAHANPUR
जलालाबाद। छुट्टा घूमने वाले मवेशियों को पनाह देने के लिए सरकार की पहल पर ग्राम पंचायत स्तर पर गोशालाएं तो बनवा दी गईं, मगर व्यवस्था बदहाल होने से ये गोशालाएं मवेशियों की पनाहगाह की जगह कब्रगाह बन गई है। भूख और ठंड से आए दिन गायें मर रही हैं। अब जलालाबाद की चकरैना गांव स्थित गोशाला में भूख और ठंड से चार गायों की मौत हो गई। मृत गायों को खुले में डाल दिया गया, जिनका मांस कुत्ते नोचकर खा रहे हैं। गौरतलब यह कि प्रशासन को गायों के मरने की जानकारी मीडिया के पहुंचने के बाद हुई।
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जलालाबाद से करीब आठ किमी दूर ग्राम पंचायत रूपापुर के चकरैना गांव के पास सरकारी गोशाला है। यह गोशाला करीब एक साल पहले खुली थी। इसमें पिछले तीन दिनों में चार गायों की मौत हो चुकी है। इनमें दो गायों की मौत शनिवार की रात हुई थी, जो रविवार को भूसा डाले जाने वाले स्थान पर पड़ी थीं और उनका मांस कुत्ते नोच रहे थे। इनसे पहले मरी दो गायों को गोशाला के बाहर फेंक दिया गया, जिनमें एक गाय का आधा शरीर कुत्ते खा चुके थे और दूसरी का केवल कंकाल बचा था। मृत गायों के पड़े होने से चारो तरफ दुर्गंध फैल रही है।
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चकरैना गोशाला में 50 गायें हैं। इन गायों को खाने को सूखा भूसा दिया जाता है। गोशाला परिसर में एक गड्ढा खोद दिया गया है, जिसमें पड़ोसी के नल से पानी भर दिया जाता है। इन गड्ढे में भरा पानी गायों को कई दिन तक पिलाया जाता है। इसमें भरा ठंडा पानी पीने और सूखा भूसा खाने से गाएं बीमार हो रही हैं। यहां तीन गोसेवक तैनात हैं, जिन्हें पिछले एक साल से मानदेय नहीं मिला।
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पिछले कई महीनों से मानदेय न मिलने से गोशाला में नियुक्त सेवादारों ने आना छोड़ दिया है। निजी खर्च पर इधर-उधर के लोगों से काम करवाया जा रहा है। मृत गायों को दफनाने की व्यवस्था कराई जा रही है। - रामसरन, ग्राम प्रधान
करीब एक साल पहले शुरू हुई इस गोशाला में पांच सेवादार लगाए गए थे, जिन्हें केवल एक बार मानदेय मिला। इसके बाद दो लोग काम छोड़कर चले गए। अब तीन लोग बचे है। परंतु जब पैसा नहीं मिलता तब काम कैसे करें। प्रधान से कह दिया है जल्द हम भी काम छोड़ देंगे। - लटूरी सेवादार गौशाला
जानवरों के लिए न दाना है न हरा चारा। सूखा भूसा जानवर कब तक खाएं। भूख और बीमारी से जानवर मर रहे हैं। इसकी सूचना प्रधान को दे दी थी, परंतु किसी ने ध्यान नहीं दिया। पहले भी कई गाएं मर चुकी हैं। - मोरपाल, सेवादार गोशाला

गोशाला में जानवर मरने की जानकारी नहीं मिल पाई थी। अभी पता लगने पर तहसीलदार और बीडीओ को मौके पर भेजा है। गोशाला की व्यवस्थाएं अविलंब दुरुस्त करवाने को कहा गया है। - सतीश चंद्रा, एसडीएम, जलालाबाद

जलालाबाद के गांव चकरैना में मृत पड़ी गोवंश ।

जलालाबाद के गांव चकरैना में मृत पड़ी गोवंश ।- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

जलालाबाद के गांव चकरैना में गोवंश के शव को नोचते कुत्ते ।

जलालाबाद के गांव चकरैना में गोवंश के शव को नोचते कुत्ते ।- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

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