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ढाईघाट गंगातट माघ मेले में लीकेज सिलिंडर से लगी आग, मची भगदड़
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मिर्जापुर। ढाईघाट गंगातट पर माघ मेले में शनिवार सुबह चाय बनाने के दौरान सिलिंडर लीकेज से एक झोपड़ी में आग लग गई। एक पंडाल में रखे गैस से भरे चार सिलिंडर आग की चपेट में आए तो मेले में भगदड़ मच गई। मेले में तैनात दमकल कर्मी फौरन ही मौके पर पहुंचे और बमुश्किल आग पर काबू पाया। इस आगजनी में दो संत के पंडाल, कल्पवासियों की झोंपड़ी और टेंट जल गया।
एक माह तक चलने वाला ढाईघाट मेला माघ पूर्णिमा को गंगा स्नान के साथ समाप्त होता है। गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालु यहां कल्पवास करते हैं। करीब 15 दिन से श्रद्धालुओं का यहां आना शुरू हो चुका है। शनिवार सुबह मेले के पूर्वी क्षेत्र में गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र की कल्पवासी जामवती अपनी झोंपड़ी में गैस चूल्हे पर चाय बना रही थीं। इसी बीच सिलिंडर लीक हो गया और उसमें आग लग गई। आसपास के लोग जब तक आग बुझाते, आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते आग ने जामवती की झोपड़ी के अलावा पड़ोस में कल्पवास कर रहे महंत रघुवीर दास, महिपाल दास के पंडाल और एक पंडे के तंबू को भी चपेट में ले लिया। आग की लपटों को देखकर मेले में हड़कंप मच गया। कुछ लोग आग बुझाने में जुटे तो कुछ अपना सामान समेटकर इधर-उधर भागने लगे। जानकारी मिलते ही मौके पर फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां आग बुझाने पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने से वहां रखा सारा सामान जल गया। चार टेंट भी इसकी चपेट में आकर जल गए, गनीमत रही कि उस समय इन टेंट में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था।
गैस सिलिंडर में भी लगी आग, फटने से बचे
फायर ब्रिगेड टीम के मुखिया श्यामबाबू सिंह ने बताया कि मौके पर संत के पंडाल में भंडारे के लिए चार बड़े भरे हुए गैस सिलिंडर रखे हुए थे। जो आग की चपेट में आकर जलने लगे। उन्हें उठाकर पानी भरे गड्ढे में डालकर आग पर काबू पाया गया। यदि इन चार सिलिंडर पर देर से नजर पड़ती तो मेले में बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
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संत के पंडाल में मिला गांजा और देसी शराब के पौआ
मेला कोतवाली प्रभारी रामायण सिंह ने आग से हुए नुकसान का जायजा लिया तो एक संत के पंडाल में एक बोरी अधजला गांजा और देसी शराब के पौआ बरामद हुए। गांजा साधु-संतों ने पीने के लिए रखा था। घटना के समय संत नहीं मिले थे, उनसे जानकारी की जाएगी। वहीं, संत का कहना है कि शराब देवता को चढ़ाने के लिए रखी थी।
मेले में आग की लपटें देखकर वहां तैनात फायर ब्रिगेड की सभी गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंच गई थीं। जलते हुए चार सिलिंडर पानी में फेंक कर किसी तरह आग पर काबू पाया। - श्यामबाबू सिंह मुखिया, फायर ब्रिगेड टीम प्रभारी, माघ मेला ढाईघाट
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एक माह तक चलने वाला ढाईघाट मेला माघ पूर्णिमा को गंगा स्नान के साथ समाप्त होता है। गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालु यहां कल्पवास करते हैं। करीब 15 दिन से श्रद्धालुओं का यहां आना शुरू हो चुका है। शनिवार सुबह मेले के पूर्वी क्षेत्र में गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र की कल्पवासी जामवती अपनी झोंपड़ी में गैस चूल्हे पर चाय बना रही थीं। इसी बीच सिलिंडर लीक हो गया और उसमें आग लग गई। आसपास के लोग जब तक आग बुझाते, आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते आग ने जामवती की झोपड़ी के अलावा पड़ोस में कल्पवास कर रहे महंत रघुवीर दास, महिपाल दास के पंडाल और एक पंडे के तंबू को भी चपेट में ले लिया। आग की लपटों को देखकर मेले में हड़कंप मच गया। कुछ लोग आग बुझाने में जुटे तो कुछ अपना सामान समेटकर इधर-उधर भागने लगे। जानकारी मिलते ही मौके पर फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां आग बुझाने पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने से वहां रखा सारा सामान जल गया। चार टेंट भी इसकी चपेट में आकर जल गए, गनीमत रही कि उस समय इन टेंट में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था।
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गैस सिलिंडर में भी लगी आग, फटने से बचे
फायर ब्रिगेड टीम के मुखिया श्यामबाबू सिंह ने बताया कि मौके पर संत के पंडाल में भंडारे के लिए चार बड़े भरे हुए गैस सिलिंडर रखे हुए थे। जो आग की चपेट में आकर जलने लगे। उन्हें उठाकर पानी भरे गड्ढे में डालकर आग पर काबू पाया गया। यदि इन चार सिलिंडर पर देर से नजर पड़ती तो मेले में बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
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संत के पंडाल में मिला गांजा और देसी शराब के पौआ
मेला कोतवाली प्रभारी रामायण सिंह ने आग से हुए नुकसान का जायजा लिया तो एक संत के पंडाल में एक बोरी अधजला गांजा और देसी शराब के पौआ बरामद हुए। गांजा साधु-संतों ने पीने के लिए रखा था। घटना के समय संत नहीं मिले थे, उनसे जानकारी की जाएगी। वहीं, संत का कहना है कि शराब देवता को चढ़ाने के लिए रखी थी।
मेले में आग की लपटें देखकर वहां तैनात फायर ब्रिगेड की सभी गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंच गई थीं। जलते हुए चार सिलिंडर पानी में फेंक कर किसी तरह आग पर काबू पाया। - श्यामबाबू सिंह मुखिया, फायर ब्रिगेड टीम प्रभारी, माघ मेला ढाईघाट