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बिगड़ा मौसम: 6.8 मिमी बारिश और अंधड़ से खेतों में गिरी फसलें

Sat, 22 Feb 2020 01:12 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 22 Feb 2020 01:12 AM IST
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crop destroyed in rain
शाहजहांपुर। दो दिन से हवा के कम दबाव और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मौसम के तेवर बृहस्पतिवार को देर रात बिगड़ गए। रात करीब 11:30 बजे बादल गरजने के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई और फिर तेज बारिश शुरू हो गई। शुक्रवार को सुबह पांच बजे तक बारिश और बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। इस दौरान 6.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। हवा में नमी के साथ सर्दी बढ़ी तो तापमान भी करीब दो डिग्री लुढ़क गया। इस दौरान 35 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली अंधड़ जैसी पछुआ हवा के झोंकों से खेतों में गेहूं और सरसों की फसल गिर गई। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार गन्ना को कोई हानि नहीं होगी, लेकिन बूंदाबांदी दोबारा होने पर खेतों में गिरी गेहूं की फसल खराब होने की आशंका बढ़ जाएगी। अभी अगले 24 घंटे तक बूंदाबांदी और बारिश की संभावना है।
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मौसम में बदलाव के संकेत बीते मंगलवार से मिलने लगे जब बैरोमीटर की रीडिंग में 26 मिलीबार की गिरावट आ गई। हालांकि अगले दिन बुधवार को मौसम सामान्य बना रहा, लेकिन मंद गति से चल रही पछुआ हवा के झोंके तेज हो गए। बृहस्पतिवार सुबह भी हल्के बादल छाने से धूप में तेजी नहीं रही। दिन ढलने के बाद बादलों की परत गाढ़ी होने लगी और हवा की रफ्तार बढ़ गई। तेज हवा के साथ आधी रात से बूंदाबांदी भी तेज हो गई। कुछ देर तक रिमझिम फुहारों मेें ठहराव आया, लेकिन बाद में रुक-रुककर सुबह तक बारिश होती रही। बरिश से शहर की सड़कें धुल गईं, लेकिन निचले इलाकों की गलियों में कीचड़ हो गई।
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बारिश थमने पर शुक्रवार सुबह कटरा क्षेत्र के किसानों ने रुख किया तो उन्हें गेहूं, सरसों और गन्ना की फसल जमीन पर बिछी मिली। निगोही क्षेत्र में भी कई गांवों में गेहूं और सरसों की फसल खेतों में गिर गई। इससे किसानों को भारी क्षति होने की आशंका है।
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अफीम की फसल को भी नुकसान
जैतीपुर। तेज हवा के साथ हुई बारिश में गांव पलिहुरा, जिगनिया, बमिहाना, खेड़ा-बझेड़ा, विक्रमपुर, बकैनिया आदि में गेहूं की सैकड़ों एकड़ फसल जमीन पर बिछ गई। अफीम की फसल भी तेज हवा के साथ बरसात से गिर गई। क्षेत्र के गांव अंतु गौटिया, कनहनी, नगला देहात माली, सिमरा आदि गांवों में अफीम की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
अंधड़ से बिजली सप्लाई प्रभावित
शाहजहांपुर। बारिश थमने पर सुबह दस बजे के बाद धूप निकल आई, लेकिन हवा की गति तेज बनी रहने से महानगर में कई स्थानों पर शार्ट सर्किट से बिजली लाइनेें ट्रिपिंग के शिकंजे में आ गईं। ककरा कलां सब स्टेशन के आनंदपुरम, ककरा, सुभाषनगर, मामुड़ी आदि फीडर से जुड़े इलाकों में 11 केवी लाइनों के जंपर जलने और फ्यूज उड़ने से रात एक से सुबह आठ बजे तक बिजली आती-जाती रही। गदियाना में 11 केवी एलटी लाइन के तार उलझकर टूट गए, लेकिन यह फाल्ट सुबह नौ बजे तक ठीक कर लिया गया। हवा की गति तेज होने से ट्रिपिंग की समस्या दोपहर बाद तक बनी रही। उधर, कलान में उसावां (बदायूं) से आई 132 केवी लाइन मेें खराबी आने से कलान और मिर्जापुर समेत आसपास के तमाम गांवों में बिजली सप्लाई ठप हो गई। बिजली संकट के कारण घरों में पानी की किल्लत पैदा हो गई।
गेहूं का घटेगा उत्पादन, खेत मेें बिखरेगी सरसों
अगेती प्रजाति का जो गेहूं पहले बोया गया है, उसमें बालियां पड़ने से पौधों में वजन बढ़ने लगा है और बारिश से इसे नुकसान होगा। खेतों में गिरे गेहूं के पौधों में न तो फूल बनेगा और न ही दाना पड़ेगा, जिससे उत्पादन प्रभावित होगा। खेतों में गिरे गन्ने का वजन कम हो जाएगा और चीनी परता कम मिलेगा। सरसों पककर तैयार हो चुकी है, लेकिन बारिश में भीगी फलियां धूप में सूखने पर चटकने के साथ उनका दाना खेतों में बिखरने की आशंका है। बारिश का लाभ सिर्फ उन्हीं किसानों को होगा, जिन्होंने गेहूं की देर से बुआई की है और बढ़वार के वक्त सिंचाई नहीं कर पाए थे। - डॉ. नरेंद्र प्रसाद, प्रभारी, कृषि विज्ञान केंद्र

जिले में हवा के कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। दो दिन पहले बैरोमीटर रीडिंग में 26 अंक की भारी गिरावट देखी गई थी। रात में बादल छाए रहने से न्यूनतम तापमान दो डिग्री बढ़कर 15 डिग्री सेल्सियस हो गया और इसी वजह से रात में उमस भी महसूस हुई, लेकिन सुबह के वक्त आर्द्रता बढ़कर 94 फीसदी होने और तेज हवा चलने से अधिकतम तापमान में दो डिग्री कमी आने का अनुमान है। शुक्रवार को भी बैरोमीटर की रीडिंग सामान्य से कम है। इसलिए दोपहर बाद से बादल फिर घने हो गए जो कि अगले 24 घंटे तक बूंदाबांदी जारी रहने का संकेत है। - डॉ. मनमोहन सिंह, मौसम वैज्ञानिक, गन्ना शोध परिषद
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