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यादव सिंह की छाया से बिजली सुधार को ग्रहण

Wed, 30 Mar 2016 12:09 AM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
ब्यूरो /शाहजहांपुर Updated Wed, 30 Mar 2016 12:09 AM IST
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Yadav received from the shadow of the power reforms
पुलिस - फोटो : demo pic
काली कमाई के कुबेर बन चर्चा में आए नोएडा अथॉरिटी के इंजीनियर यादव सिंह की छाया शाहजहांपुर के बिजली नेटवर्क के सुधारों के काम पर भी पड़ गई है। एपीडीआरपी के तहत जिस एनकेजी कंपनी को पिछले वर्ष जिले में नेटवर्क अपग्रेडेशन की जिम्मेदारी दी गई थी, वह यादव सिंह की है और शासन ने उसे प्रतिबंधित कर रखा है। इससे नेटवर्क सुधार का काम ठप हो गया और अभी तक पावर कारपोरेशन ने किसी दूसरी कंपनी को काम की जिम्मेदारी नहीं है। इसके चलते गर्मी बढ़ने के दौरान नगर क्षेत्र में ओवरलोडिंग के दौरान सिस्टम के बैठ जाने की आशंका है। विभागीय अधिकारी मान रहे हैं कि ट्रांसफार्मर फुंकने और लाइन फाल्ट के मामले बढ़ने की आशंका है। कंपनी को कई काम करने थे, जो ठप पड़े हैं।
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विद्युत नेटवर्क में सुधार की केंद्र सरकार की एपीडीआरपी योजना के तहत मध्यांचल वितरण वितरण निगम ने पिछले साल यादव सिंह की कंपनी एनकेजी को जिले की कार्यदायी संस्था नामित किया था। एनकेजी को शहरी क्षेत्र में ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, नए पोल लगाने, जर्जर पोल बदलने, एरियल बंच कंडक्टर (प्लास्टिक कोटेड केबिल) डालने का काम करना था। जनवरी में स्टोर में सामान की कमी से होने से काम धीमा होने दावा किया गया और मार्च के पहले सप्ताह में एनकेजी पर बैन लगा दिया। इससे नेटवर्क सुधार के काम रुक गए। 
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न ट्रांसफार्मर लगे और लाइनें पड़ीं
शहर का बिजली नेटवर्क 25 से लेकर 630 केवी क्षमता वाले 472 ट्रांसफार्मरों पर टिका है। इनमें से 70 ट्रांसफार्मर एनकेजी ने लगाए हैं। पांच साल पहले तक शहर में 40 हजार उपभोक्ताओं के लिए 398 ट्रांसफार्मर थे। अब रियायती योजना के तहत कनेक्शन की संख्या 60 हजार से अधिक हो गई है। ऐसे में एपीडीआरपी के दूसरे चरण में 160 नए ट्रांसफार्मर स्वीकृत हुए थे। कंपनी अभी तक 120 ट्रांसफार्मर ही लगा पाई है। 50 किमी बंच लाइन डालने का काम दो महीने से ठप है क्यों जरूरत के 150 पोल उपलब्ध नहीं है। 
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ऊर्जीकृत नहीं किए जा रहे नए ट्रांसफार्मर
योजना के तहत ओवरलोडिंग वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाई जानी थी। इसके लिए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर रखे गए। एनकेजी ट्रांसफार्मर रखने का दावा कर रही है लेकिन शहर में कई ऐसे ठिकाने बताए जा रहे हैं, जहां अतिरिक्त ट्रांसफार्मर रखने के बाद भी लो टेंशन लाइन नेटवर्क से नहीं जोड़ा गया है जबकि एनकेजी के करार में यह शामिल है। बहादुरगंज और हथौड़ा उपकेंद्र के प्रभारी जेई शैलैंद्र पांडेय के अनुसार रेती की नई बस्ती समेत कई स्थानों पर रखे ट्रांसफार्मर इसीलिए फुंके क्योंकि रखे गए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर एलटी लाइन से नहीं जोड़े गए। 

फ्यूज नहीं मोटा वायर बांध रहे लाइनमैन
एनकेजी के इंजीनियर्स का कहना है कि ट्रांसफार्मर को ओवरलोडिंग और हाई वोल्टेज करंट से फुंकने से बचाने के लिए उनमें फ्यूज वायर बांधने का प्रावधान लेकिन पर बार-बार फ्यूज वायर बांधने के झंझट से बचने के लिए विद्युत निगम के लाइन मैन मोटा वायर बांध रहे हैं। वहीं कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर पर फ्यूज लगाए जाने के बजाय उन्हें सीधे नेटवर्क से जोड़ दिया गया है। ऐसे स्थानों का बिजली लोड वहां की जरूरत से अधिक पाया गया।

एनकेजी के कामों पर शासन स्तर से रोक लगाई गई है। यादव सिंह की कंपनी के बारे में उच्चाधिकारी ही कोई निर्णय करेंगे। शासन स्तर से कार्यदायी संस्था नामित होते ही बचे काम शुरू करा दिए जाएंगे। 

- आरके अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, पॉवर कारपोरेशन

जो काम एनकेजी को करने थे, वे सामान की कमी से पूरे नहीं हो सके। जनवरी तक अधिकांश पोल लगा दिए गए, स्पॉट पर अतिरिक्त ट्रांसफार्मर रख दिए गए हैं लेकिन सामान की कमी से नए ट्रांसफार्मरों का कनेक्शन एलटी लाइन से नहीं किया जा सका है। कंपनी पर रोक हटने का आदेश मिलने के बाद ही काम कराए जा सकते हैं। 
- विनय कुमार, सर्विस, इंजीनियर, एनकेजी
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