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ग्रामीण की सोते समय गोली मारकर हत्या
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Sat, 28 Jan 2017 12:14 AM IST
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सोरन सिंह
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थाना क्षेत्र के गांव रौली-बौरी में बृहस्पतिवार रात घर के बरामदे में सो रहे ग्रामीण की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक के बेटे ने गांव के ही तीन सगे भाइयों सहित चार लोगों पर रंजिशन हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गांव रौली-बौरी निवासी शिवसरन ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि 13 अक्तूूबर को गांव के अजयपाल ने कहासुनी हो जाने के बाद उसे बुरी तरह पीटा था। इसकी नामजद रिपोर्ट कराने के बाद से अजयपाल और उसके घरवाले रंजिश मानने लगे थे। इसी रंजिश में बृहस्पतिवार रात अजयपाल अपने भाई रामखिलावन, धनपाल और गांव के ही रामतीर्थ को साथ लेकर उसकी हत्या करने के इरादे से आया, लेकिन वह घर से थोड़ी दूर अपनी परचून की दुकान पर सोया हुआ था। घर पर कमरे के बाहर बरामदे में चारपाई पर उसके 55 वर्षीय पिता सोरन सिंह सोए थे। सोरन के साथ शिवसरन का छह साल का बेटा नितिन भी सोया हुआ था। हमलावरों ने रात में लगभग 12 बजे सोरन के गर्दन के पास गोली मार दी। फायर की आवाज सुनकर शिवसरन मौके पर पहुंचा तो उसने अजयपाल, रामखिलावन, धनपाल और रामतीर्थ को घर से निकल कर भागते देखा। सूचना पर थानाध्यक्ष भरत गौतम फोर्स साथ शुक्रवार सुबह गांव पहुंचे और मामले की जानकारी करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की तलाश के साथ ही मामले की विवेचना की जा रही है।
पड़ोसियों ने नहीं सुनी फायर की आवाज
ग्रामीणों की मानें तो उन्हें घटना की जानकारी शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे तब हुई जब शिवसरन के छह साल के बेटे नितिन के जोर-जोर से रोने की आवाज सुनाई दी। पड़ोसियों का कहना था कि उन्हें फायर की आवाज नहीं सुनाई दी।
चारपाई से दूर आंगन में पड़ा था शव
जिस घर में घटना हुई उसमें चहारदीवारी नहीं है। मकान का बड़ा सा अहाता है। सोरन सिंह कमरे के बाहर बरामदे में चारपाई पर सोए थे। घटना की जानकारी होने पर सुबह पांच बजे जब गांव के लोग मौके पर पहुंचे तो सोरन का शव चारपाई से छह सात कदम की दूरी पर आंगन में पड़ा था। वहां खून बिखरा हुआ था। कुछ खून चारपाई के पास भी पड़ा था।
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घटना के बाद से गुमसुम है नितिन
शिवसरन ने घटना रात 12 बजे की बताई है, जबकि सोरन के पास लेटे नितिन के रोने की आवाज ग्रामीणों ने सुबह पांच बजे सुनी। नितिन घटना के बाद से गुमसुम है। वह कुछ भी नहीं बोल रहा है। अधिक कुरेदने पर उसकी आंखें भर आती हैं।
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पड़ोसियों ने नहीं सुनी फायर की आवाज
ग्रामीणों की मानें तो उन्हें घटना की जानकारी शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे तब हुई जब शिवसरन के छह साल के बेटे नितिन के जोर-जोर से रोने की आवाज सुनाई दी। पड़ोसियों का कहना था कि उन्हें फायर की आवाज नहीं सुनाई दी।
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चारपाई से दूर आंगन में पड़ा था शव
जिस घर में घटना हुई उसमें चहारदीवारी नहीं है। मकान का बड़ा सा अहाता है। सोरन सिंह कमरे के बाहर बरामदे में चारपाई पर सोए थे। घटना की जानकारी होने पर सुबह पांच बजे जब गांव के लोग मौके पर पहुंचे तो सोरन का शव चारपाई से छह सात कदम की दूरी पर आंगन में पड़ा था। वहां खून बिखरा हुआ था। कुछ खून चारपाई के पास भी पड़ा था।
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घटना के बाद से गुमसुम है नितिन
शिवसरन ने घटना रात 12 बजे की बताई है, जबकि सोरन के पास लेटे नितिन के रोने की आवाज ग्रामीणों ने सुबह पांच बजे सुनी। नितिन घटना के बाद से गुमसुम है। वह कुछ भी नहीं बोल रहा है। अधिक कुरेदने पर उसकी आंखें भर आती हैं।