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छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान
शाहजहांपुर।
Updated Sat, 02 Jan 2016 11:13 PM IST
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कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रंगमहला में शनिवार की शाम घर पर अकेली 17 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मोहल्ला रंगमहला में रहने वाले रामनिवास कटियार प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनकी बेटी आकांक्षा एसएस कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष पढ़ाई कर रही थी। बड़ा बेटा प्रशांत प्राइवेट नौकरी करता है। शनिवार को दिन में करीब चार बजे उनकी पत्नी रीता सत्संग में चली गईं। आकांक्षा घर पर अकेली थी। आकांक्षा ने छत पर बने कमरे में लगे कुंडे से दुपट्टे से लटकर फांसी लगा ली। शाम करीब साढ़े चार बजे रीता घर लौटीं तो मकान का मुख्य दरवाजा बंद था। काफी देर तक खटखटाने पर जब दरवाजा नहीं खुला तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इस बीच उनके दरवाजे पर मोहल्ले के लोगों की भीड़ लग गई। पड़ोसियों की मदद से रीता ने मकान का दरवाजा खुलवाया। ऊपर कमरे में आकांक्षा का शव लटका देखकर रीता चीख पड़ीं। शरीर गर्म देखकर आकांक्षा का शव फंदे से उतार लिया गया, लेकिन जब तक आकांक्षा की मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फांसी लगाने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
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मोहल्ला रंगमहला में रहने वाले रामनिवास कटियार प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनकी बेटी आकांक्षा एसएस कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष पढ़ाई कर रही थी। बड़ा बेटा प्रशांत प्राइवेट नौकरी करता है। शनिवार को दिन में करीब चार बजे उनकी पत्नी रीता सत्संग में चली गईं। आकांक्षा घर पर अकेली थी। आकांक्षा ने छत पर बने कमरे में लगे कुंडे से दुपट्टे से लटकर फांसी लगा ली। शाम करीब साढ़े चार बजे रीता घर लौटीं तो मकान का मुख्य दरवाजा बंद था। काफी देर तक खटखटाने पर जब दरवाजा नहीं खुला तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इस बीच उनके दरवाजे पर मोहल्ले के लोगों की भीड़ लग गई। पड़ोसियों की मदद से रीता ने मकान का दरवाजा खुलवाया। ऊपर कमरे में आकांक्षा का शव लटका देखकर रीता चीख पड़ीं। शरीर गर्म देखकर आकांक्षा का शव फंदे से उतार लिया गया, लेकिन जब तक आकांक्षा की मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फांसी लगाने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
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