{"_id":"f613a23be7aeb21be4513e0e955dfcaf","slug":"the-report-on-the-picket-station-to-enroll-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिपोर्ट लिखाने के लिए थाने पर धरना","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रिपोर्ट लिखाने के लिए थाने पर धरना
रोजा।
Updated Sun, 14 Jun 2015 09:19 PM IST
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी क्षेत्र की एक दलित महिला ने दो वकीलों समेत तीन लोगों पर गैंगरेप का आरोप लगाया है। उसके पति ने शनिवार को रोजा थाने में तहरीर दी, पर अब तक रिपोर्ट न लिखे जाने पर दंपति थाने में ही धरना देकर बैठ गए हैं।
खीरी के एक गांव के युवक ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि मोहम्मदी के एक वकील ने एक मामले में सुलह कराने के लिए उसकी पत्नी को शनिवार की शाम चार बजे शाहजहांपुर बुलाया था। आरोप है कि वकील ने उसकी पत्नी को हथौड़ा चौराहे पर अपनी कार में बैठा लिया और दूसरे वकील से बात कराने के लिए जिला अस्पताल ले गया, जहां समझौता कराने वाला दूसरा वकील नहीं मिला। साथ वाले वकील ने कहा कि रविवार को हम वकील साहब से मिलकर तुम्हारा काम करवा देेंगे।
पीड़िता के पति का आरोप है कि साथ वाला वकील उसकी पत्नी को अपनी कार से मोहम्मदी वापस ला रहा था, तभी अटसलिया-मोहम्मदी मार्ग पर एक राइस मिल के पास दो आरोपी, जिसमें एक वकील और था, मिले और उसकी पत्नी के बाल खींचकर झाड़ियों की ओर ले गए और रिवाल्वर के बल पर दोनों वकीलों व एक अन्य ने उसके साथ दुराचार किया। किसी तरह पीड़िता बचकर रोजा थाने आई। उसने एक सिपाही के मोबाइल से अपने पति को घटना की जानकारी दी। पीड़ित अपनी पत्नी के साथ शनिवार से रोजा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अड़ा हुआ है। सीओ सदर अनुराग दर्शन, प्रभारी निरीक्षक आरएन चौधरी सहित महिला पुलिस ने भी पीड़िता के बयान लिए हैं। पीड़िता ने पुलिस को घटनास्थल भी दिखाया जहां पुलिस को टूटी हुई चूड़ियां आदि मिली हैं। मामला दो वकीलों से जुड़ा होने के कारण पुलिस बैकफुट पर नजर आ रही है। पुलिस ने दोनों आरोपी वकीलों को बुलाकर मामला निपटाने का समय दिया है।
विज्ञापन
सामूहिक रेप का मामला संदिग्ध है, लेकिन इतना जरूर है कि महिला आरोपियों से पीड़ित है और चार साल से अपने गांव से पलायन किए हुए है। दोनों पक्षों के बीच समझौते के आसार बन रहे हैं। बात नहीं बनी तो तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
-अनुराग दर्शन, सीओ सदर
रोजा थाना क्षेत्र में गैंगरेप का मामला फर्जी है। इस पूरे मामले को विभाग का एक सिपाही ही हवा दे रहा है। इसका आरोपियों से विवाद है। पीड़ित के मोबाइल पर सिपाही की कॉल आ रही थीं। गंभीरता को देखते हुए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।
-आरएन चौधरी, प्रभारी निरीक्षक
रोजा पुलिस ने आरोपियों से साठगांठ कर ली है। मुझ पर समझौते का दबाव बनाने के लिए मेरे साथ मारपीट की है। रविवार को मुझे जमीन पर बैठाकर फर्जी मुकदमे में बंद करने की धमकी दी और आरोपियों को कुर्सी पर बैठाकर बात की गई।
-बलात्कार पीड़िता महिला का पति
विज्ञापन
खीरी के एक गांव के युवक ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि मोहम्मदी के एक वकील ने एक मामले में सुलह कराने के लिए उसकी पत्नी को शनिवार की शाम चार बजे शाहजहांपुर बुलाया था। आरोप है कि वकील ने उसकी पत्नी को हथौड़ा चौराहे पर अपनी कार में बैठा लिया और दूसरे वकील से बात कराने के लिए जिला अस्पताल ले गया, जहां समझौता कराने वाला दूसरा वकील नहीं मिला। साथ वाले वकील ने कहा कि रविवार को हम वकील साहब से मिलकर तुम्हारा काम करवा देेंगे।
विज्ञापन
पीड़िता के पति का आरोप है कि साथ वाला वकील उसकी पत्नी को अपनी कार से मोहम्मदी वापस ला रहा था, तभी अटसलिया-मोहम्मदी मार्ग पर एक राइस मिल के पास दो आरोपी, जिसमें एक वकील और था, मिले और उसकी पत्नी के बाल खींचकर झाड़ियों की ओर ले गए और रिवाल्वर के बल पर दोनों वकीलों व एक अन्य ने उसके साथ दुराचार किया। किसी तरह पीड़िता बचकर रोजा थाने आई। उसने एक सिपाही के मोबाइल से अपने पति को घटना की जानकारी दी। पीड़ित अपनी पत्नी के साथ शनिवार से रोजा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अड़ा हुआ है। सीओ सदर अनुराग दर्शन, प्रभारी निरीक्षक आरएन चौधरी सहित महिला पुलिस ने भी पीड़िता के बयान लिए हैं। पीड़िता ने पुलिस को घटनास्थल भी दिखाया जहां पुलिस को टूटी हुई चूड़ियां आदि मिली हैं। मामला दो वकीलों से जुड़ा होने के कारण पुलिस बैकफुट पर नजर आ रही है। पुलिस ने दोनों आरोपी वकीलों को बुलाकर मामला निपटाने का समय दिया है।
विज्ञापन
सामूहिक रेप का मामला संदिग्ध है, लेकिन इतना जरूर है कि महिला आरोपियों से पीड़ित है और चार साल से अपने गांव से पलायन किए हुए है। दोनों पक्षों के बीच समझौते के आसार बन रहे हैं। बात नहीं बनी तो तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
-अनुराग दर्शन, सीओ सदर
रोजा थाना क्षेत्र में गैंगरेप का मामला फर्जी है। इस पूरे मामले को विभाग का एक सिपाही ही हवा दे रहा है। इसका आरोपियों से विवाद है। पीड़ित के मोबाइल पर सिपाही की कॉल आ रही थीं। गंभीरता को देखते हुए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।
-आरएन चौधरी, प्रभारी निरीक्षक
रोजा पुलिस ने आरोपियों से साठगांठ कर ली है। मुझ पर समझौते का दबाव बनाने के लिए मेरे साथ मारपीट की है। रविवार को मुझे जमीन पर बैठाकर फर्जी मुकदमे में बंद करने की धमकी दी और आरोपियों को कुर्सी पर बैठाकर बात की गई।
-बलात्कार पीड़िता महिला का पति