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बुकिंग पर गए गाड़ी मालिक की संदिग्ध हालात में मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, शाहजहांपुर
Updated Thu, 14 Jul 2016 11:51 PM IST
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हादसा
- फोटो : pilibhit, beureu
बारात में बुकिंग पर गाड़ी लेकर गए मालिक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। निगोही में शाहजहांपुर-पीलीभीत मार्ग पर एक आरा मशीन के निकट बृहस्पतिवार की सुबह सड़क पर गाड़ी मालिक का शव पड़ा मिला। सूचना पर पहुंचे परिवार वालों ने हत्या का आरोप लगाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में चोट लगना बताया गया है।
तिलहर के मोहल्ला बहादुरगंज निवासी 45 वर्षीय सुशील कश्यप बुकिंग पर अपनी बोलेरो चलवाते हैं। बुधवार को सुशील तिलहर क्षेत्र के गांव मलूकापुर निवासी चालक नेत्रपाल के साथ बोलेरो बुकिंग पर लेकर क्षेत्र के गांव रूजआरी गए थे। रूजआरी निवासी बृजपाल के बेटे सुरेंद्र पाल की बारात निगोही क्षेत्र के गांव हसौआ जाना थी। रात करीब आठ बजे हसौआ में बारात उतरवाने के बाद सुशील अपने ड्राइवर नेत्रपाल के साथ उसकी ससुराल क्षेत्र के गांव कुदन्ना जाने बात की कहकर वहां से निकल गए थे। बारात में सुशील का भांजा विकास भी अपनी गाड़ी बुकिंग पर ले गया था। रात में करीब 12 बजे विकास ने नेत्रपाल को फोन करके पूछा था कि मामा सुशील कहां हैं इस पर उसने बताया कि वह नशे की हालत में गाड़ी लेकर निकल गए हैं। सुबह करीब पांच बजे ग्रामीणाें ने सुशील को मृत अवस्था में शाहजहांपुर पीलीभीत मार्ग पर राघवपुर सिंकदरपुर तिराहा और त्रिपाठी आरा मशीन के बीच पुलिया के निकट सड़क पर पड़ा देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी। घटना की सूचना पर सुशील का भांजा विकास भी मौके पर पहुंच गया। बोलेरो सड़क किनारे खड़ी थी। प्रत्यक्षदर्शियाें के अनुसार घटनास्थल पर सड़क दुर्घटना के कोई निशान नहीं थे। मृतक कमीज और नेकर पहने सड़क पर पड़ा था। पैंट गाड़ी में रखी मिली। मृतक के चेहरे और गर्दन पर चोट के निशान मिले हैं।
घरवालों ने लगाया हत्या का आरोप
मृतक की मां पार्वती ने बेटे की हत्या करके शव सड़क पर डालने का आरोप लगाया है। पार्वती का कहना है कि तीन साल पहले तिलहर चीनी मिल के निकट कुछ लोगाें ने उसके बेटे का हाथ काट डाला था। उन लोगाें ने जानमाल के डर के कारण उस घटना का जिक्र एक्सीडेंट के रूप में कर दिया था। आरोप लगाया कि बेटे का एक्सीडेंट नहीं, उसकी हत्या की गई है।
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ड्राइवर घटनास्थल से फरार
सुशील के परिवार वालों के मुताबिक उसका एक हाथ नहीं होने के कारण गाड़ी चलाने के लिए नेत्रपाल को रख लिया था। जब दोनाें साथ-साथ नेत्रपाल की ससुराल कुदन्ना गए तो सुबह किस तरह सुशील के साथ हादसा हुआ। यदि सड़क दुर्घटना हुई तो गाड़ी में टूट-फूट या खून के निशान क्याें नहीं मिले और ड्राइवर नेत्रपाल कहां चला गया। यह सारे तथ्य घटना को संदेह के दायरे में ला रहे हैं।
सुशील के घर में मचा कोहराम
सुशील हाथ कटने के बाद से ही कमाने खाने लायक नहीं रह गया था। परिवार का गुजारा करने के लिए बोलेरो खरीद ली थी। बूढ़ी मां पार्वती, पत्नी गुड्डी, बेटा 18 वर्षीय रोहित, 16 वर्षीय आयुष, 14 वर्षीय अंशिका, 12 वर्षीय शिखा, 10 वर्षीय मुस्कान के लिए सुबह से गाड़ी चलवाकर दो जून की रोटी की जुगाड़ कर ही लेता था। सुशील की मौत से मां पार्वती, पत्नी गुड्डी और बच्चाें के सिर पर तो जैसे मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके सामने रोजी-रोजी का संकट खड़ा हो गया है।
सुबह तीन बजे तक तो घटना स्थल पर मैं स्वयं गश्त पर था। सुबह सवा पांच बजे मुझे घटना की सूचना मिली। प्रथम दृष्टया लग रहा था कि उसे किसी वाहन ने कुचल दिया होगा। अब आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने और घरवालों की तहरीर के आधार पर की जाएगी।
- अमर सिंह यादव, एसओ निगोही
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तिलहर के मोहल्ला बहादुरगंज निवासी 45 वर्षीय सुशील कश्यप बुकिंग पर अपनी बोलेरो चलवाते हैं। बुधवार को सुशील तिलहर क्षेत्र के गांव मलूकापुर निवासी चालक नेत्रपाल के साथ बोलेरो बुकिंग पर लेकर क्षेत्र के गांव रूजआरी गए थे। रूजआरी निवासी बृजपाल के बेटे सुरेंद्र पाल की बारात निगोही क्षेत्र के गांव हसौआ जाना थी। रात करीब आठ बजे हसौआ में बारात उतरवाने के बाद सुशील अपने ड्राइवर नेत्रपाल के साथ उसकी ससुराल क्षेत्र के गांव कुदन्ना जाने बात की कहकर वहां से निकल गए थे। बारात में सुशील का भांजा विकास भी अपनी गाड़ी बुकिंग पर ले गया था। रात में करीब 12 बजे विकास ने नेत्रपाल को फोन करके पूछा था कि मामा सुशील कहां हैं इस पर उसने बताया कि वह नशे की हालत में गाड़ी लेकर निकल गए हैं। सुबह करीब पांच बजे ग्रामीणाें ने सुशील को मृत अवस्था में शाहजहांपुर पीलीभीत मार्ग पर राघवपुर सिंकदरपुर तिराहा और त्रिपाठी आरा मशीन के बीच पुलिया के निकट सड़क पर पड़ा देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी। घटना की सूचना पर सुशील का भांजा विकास भी मौके पर पहुंच गया। बोलेरो सड़क किनारे खड़ी थी। प्रत्यक्षदर्शियाें के अनुसार घटनास्थल पर सड़क दुर्घटना के कोई निशान नहीं थे। मृतक कमीज और नेकर पहने सड़क पर पड़ा था। पैंट गाड़ी में रखी मिली। मृतक के चेहरे और गर्दन पर चोट के निशान मिले हैं।
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घरवालों ने लगाया हत्या का आरोप
मृतक की मां पार्वती ने बेटे की हत्या करके शव सड़क पर डालने का आरोप लगाया है। पार्वती का कहना है कि तीन साल पहले तिलहर चीनी मिल के निकट कुछ लोगाें ने उसके बेटे का हाथ काट डाला था। उन लोगाें ने जानमाल के डर के कारण उस घटना का जिक्र एक्सीडेंट के रूप में कर दिया था। आरोप लगाया कि बेटे का एक्सीडेंट नहीं, उसकी हत्या की गई है।
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ड्राइवर घटनास्थल से फरार
सुशील के परिवार वालों के मुताबिक उसका एक हाथ नहीं होने के कारण गाड़ी चलाने के लिए नेत्रपाल को रख लिया था। जब दोनाें साथ-साथ नेत्रपाल की ससुराल कुदन्ना गए तो सुबह किस तरह सुशील के साथ हादसा हुआ। यदि सड़क दुर्घटना हुई तो गाड़ी में टूट-फूट या खून के निशान क्याें नहीं मिले और ड्राइवर नेत्रपाल कहां चला गया। यह सारे तथ्य घटना को संदेह के दायरे में ला रहे हैं।
सुशील के घर में मचा कोहराम
सुशील हाथ कटने के बाद से ही कमाने खाने लायक नहीं रह गया था। परिवार का गुजारा करने के लिए बोलेरो खरीद ली थी। बूढ़ी मां पार्वती, पत्नी गुड्डी, बेटा 18 वर्षीय रोहित, 16 वर्षीय आयुष, 14 वर्षीय अंशिका, 12 वर्षीय शिखा, 10 वर्षीय मुस्कान के लिए सुबह से गाड़ी चलवाकर दो जून की रोटी की जुगाड़ कर ही लेता था। सुशील की मौत से मां पार्वती, पत्नी गुड्डी और बच्चाें के सिर पर तो जैसे मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके सामने रोजी-रोजी का संकट खड़ा हो गया है।
सुबह तीन बजे तक तो घटना स्थल पर मैं स्वयं गश्त पर था। सुबह सवा पांच बजे मुझे घटना की सूचना मिली। प्रथम दृष्टया लग रहा था कि उसे किसी वाहन ने कुचल दिया होगा। अब आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने और घरवालों की तहरीर के आधार पर की जाएगी।
- अमर सिंह यादव, एसओ निगोही