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बैक होते वाहन से दबा किशोर, मौत
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Sat, 03 Sep 2016 12:06 AM IST
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बैक होते वाहन से दबा किशोर, मौत
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शुक्रवार अपरान्ह करीब तीन बजे रामलीला मैदान के समीप नौसिखिया ड्राइवर के साथ पिकअप गाड़ी को बैक करा रहा किशोर उसी वाहन की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। अचानक हुए इस हादसे की जानकारी पाकर घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। हादसे के बाद ड्राइवर मौके से भाग निकला।
कस्बे के मोहल्ला प्रेमनगर निवासी राममोहन मिश्रा का करीब 14 साल का बेटा अनुज दोपहर के वक्त मोहल्ले के ही एक परिचित लड़के के साथ रामलीला मैदान के समीप खड़ी गाड़ी पर जा पहुंचा। गाड़ी की चाबी उसके परिचित लड़के के पास थी। बताते हैं कि परिचित लड़का गाड़ी को ड्राइव करते हुए उसे बैक करने लगा। इस काम में सड़क पर खड़े होकर अनुज उसका सहयोग कर रहा था। जब अनुज रामलीला मैदान में बने गेट के खंभे के समीप था तब बैक करते हुए आ रहे अनाड़ी ड्राइवर से गाड़ी कंट्रोल न हो सकी और उसने पीछे खड़े अनुज को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से अनुज का सिर गेट के खंभे में जा लगा और वह वहीं गिरकर तड़पने लगा। जब तक अन्य लोग मौके पर पहुंचते उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक अपने चार बहनों और दो भाइयों में तीसरे नंबर का था। भाइयों में बड़ा होने के कारण मां बाप ने उससे बड़ी उम्मीदें लगा रखी थीं, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।
दिल्ली से खींच लाई मौत
आर्थिक स्थिति काफी कमजोर होने के कारण राममोहन परिवार सहित दिल्ली में रहकर मेहनत मजदूरी करते हैं। कुछ काम लग जाने के कारण राममोहन अपनी पत्नी धनदेवी और अन्य बच्चों समेत दो दिन पहले ही जलालाबाद आ गए, जबकि अनुज वहीं रुक गया। बताते हैं कि अकेला होने के कारण अनुज का मन वहां नहीं लगा और वह भी बृहस्पतिवार रात दिल्ली से चल दिया और शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे जलालाबाद आ गया। हादसे से व्यथित घरवाले और आसपास के लोग कह रहे थे कि अनुज को उसकी मौत दिल्ली से यहां खींच लाई। यदि वह दिल्ली में ही होता तो शायद उसकी मौत टल जाती।
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कस्बे के मोहल्ला प्रेमनगर निवासी राममोहन मिश्रा का करीब 14 साल का बेटा अनुज दोपहर के वक्त मोहल्ले के ही एक परिचित लड़के के साथ रामलीला मैदान के समीप खड़ी गाड़ी पर जा पहुंचा। गाड़ी की चाबी उसके परिचित लड़के के पास थी। बताते हैं कि परिचित लड़का गाड़ी को ड्राइव करते हुए उसे बैक करने लगा। इस काम में सड़क पर खड़े होकर अनुज उसका सहयोग कर रहा था। जब अनुज रामलीला मैदान में बने गेट के खंभे के समीप था तब बैक करते हुए आ रहे अनाड़ी ड्राइवर से गाड़ी कंट्रोल न हो सकी और उसने पीछे खड़े अनुज को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से अनुज का सिर गेट के खंभे में जा लगा और वह वहीं गिरकर तड़पने लगा। जब तक अन्य लोग मौके पर पहुंचते उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक अपने चार बहनों और दो भाइयों में तीसरे नंबर का था। भाइयों में बड़ा होने के कारण मां बाप ने उससे बड़ी उम्मीदें लगा रखी थीं, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।
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दिल्ली से खींच लाई मौत
आर्थिक स्थिति काफी कमजोर होने के कारण राममोहन परिवार सहित दिल्ली में रहकर मेहनत मजदूरी करते हैं। कुछ काम लग जाने के कारण राममोहन अपनी पत्नी धनदेवी और अन्य बच्चों समेत दो दिन पहले ही जलालाबाद आ गए, जबकि अनुज वहीं रुक गया। बताते हैं कि अकेला होने के कारण अनुज का मन वहां नहीं लगा और वह भी बृहस्पतिवार रात दिल्ली से चल दिया और शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे जलालाबाद आ गया। हादसे से व्यथित घरवाले और आसपास के लोग कह रहे थे कि अनुज को उसकी मौत दिल्ली से यहां खींच लाई। यदि वह दिल्ली में ही होता तो शायद उसकी मौत टल जाती।
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