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बजाज चीनी मिल सुरक्षाकर्मियों ने भाइयों
मकसूदापुर, शाहजहांपुर
Updated Mon, 05 Jan 2015 11:56 PM IST
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मकसूदापुर की बजाज चीनी मिल में सोमवार को सुरक्षाकर्मियों ने मामूली विवाद में सगे भाइयों को पीटकर मरणासन्न कर दिया। इससे आक्रोशित किसानों ने मिल के केन यार्ड में धावा बोलकर अधिकारियों और कर्मचारियों को दौड़ा लिया। हंगामे के चलते मिल लगभग दो घंटे तक बंद रही।
पूरनपुर क्षेत्र के गांव शेरपुर निवासी लखविंदर सिंह और उसका भाई राजू सिंह एक ट्रांसपोर्टर के ट्रैक्टर पर चालक हैं। वे कनपारा सेंटर से मिल में गन्ना लाने का काम करते हैं। सोमवार को लखविंदर का मिल के एक सिक्योरिटी गार्ड से ट्रैक्टर आगे बढ़ाने को लेकर विवाद हो गया। गार्ड ने अपने कई साथियों के अलावा परिवार के लोगों को फोन कर बुला लिया। सभी ने लखविंदर और राजू सिंह को डनलप वाले गेट के पास घेर लिया और लाठी-डंडाें से पीटना शुरू कर दिया। लोगों के बचाने पर भी गार्ड शांत नहीं हुए और दोनों भाइयों के बेहोश होने पर लहूलुहान हालत में छोड़कर मिल के अंदर चले गए।
दोनों भाइयों की हालत देखकर गन्ना लेकर आए किसान आक्रोशित हो उठे और मिल के केन यार्ड में घुस पड़े। भारी संख्या में किसानों को उग्र देख मिल अधिकारी और गार्ड मौके से भाग निकले। किसानों ने पेराई कार्य ठप करा दिया। सूचना पाकर बंडा से एसओ रजी अहमद मौके पर पहुंचे और किसानों को शांत किया। इसके बाद सिक्योरिटी हेड केएम तिवारी, जीएम केन हेमंत नायक मौके पर पहुंचे और गार्डों के कार्य को निदंनीय बताते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान शांत हुए और पेराई कार्य शुरू हो सका। एसओ रजी अहमद ने घायलों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया है। उन्होंने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
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गार्डों का कार्य निंदनीय है। उन्हें सुरक्षा के लिए रखा गया है, मारपीट के लिए नहीं। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- केएम तिवारी, सिक्योरिटी हेड बजाज चीनी मिल मकसूदापुर
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पूरनपुर क्षेत्र के गांव शेरपुर निवासी लखविंदर सिंह और उसका भाई राजू सिंह एक ट्रांसपोर्टर के ट्रैक्टर पर चालक हैं। वे कनपारा सेंटर से मिल में गन्ना लाने का काम करते हैं। सोमवार को लखविंदर का मिल के एक सिक्योरिटी गार्ड से ट्रैक्टर आगे बढ़ाने को लेकर विवाद हो गया। गार्ड ने अपने कई साथियों के अलावा परिवार के लोगों को फोन कर बुला लिया। सभी ने लखविंदर और राजू सिंह को डनलप वाले गेट के पास घेर लिया और लाठी-डंडाें से पीटना शुरू कर दिया। लोगों के बचाने पर भी गार्ड शांत नहीं हुए और दोनों भाइयों के बेहोश होने पर लहूलुहान हालत में छोड़कर मिल के अंदर चले गए।
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दोनों भाइयों की हालत देखकर गन्ना लेकर आए किसान आक्रोशित हो उठे और मिल के केन यार्ड में घुस पड़े। भारी संख्या में किसानों को उग्र देख मिल अधिकारी और गार्ड मौके से भाग निकले। किसानों ने पेराई कार्य ठप करा दिया। सूचना पाकर बंडा से एसओ रजी अहमद मौके पर पहुंचे और किसानों को शांत किया। इसके बाद सिक्योरिटी हेड केएम तिवारी, जीएम केन हेमंत नायक मौके पर पहुंचे और गार्डों के कार्य को निदंनीय बताते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान शांत हुए और पेराई कार्य शुरू हो सका। एसओ रजी अहमद ने घायलों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया है। उन्होंने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
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गार्डों का कार्य निंदनीय है। उन्हें सुरक्षा के लिए रखा गया है, मारपीट के लिए नहीं। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- केएम तिवारी, सिक्योरिटी हेड बजाज चीनी मिल मकसूदापुर