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पति के बाद बेटा नहीं  रुक रहे वंश कौर के आंसू

Sun, 04 Sep 2016 10:59 PM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
ब्यूरो /शाहजहांपुर Updated Sun, 04 Sep 2016 10:59 PM IST
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Son after husband Kaur descent staying tear
नहीं  रुक रहे वंश कौर के आंसू - फोटो : श्‍ााहजहांपुर/उत्‍ततर प्रदेश्‍ा
 26 वर्ष पहले पति को खोया और अब बुढ़ापे की लाठी पुत्र की हत्या कर दी गई। हत्या में शामिल बहू जेल की सलाखों के पीछे है। इससे परेशान वंश कौर के आंसू नहीं रुक रहे हैं। उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा है कि सीधी दिखने वाली बहू ऐसा घिनौना काम भी कर सकती है।  
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उन्हें सांत्वना देने के लिए घर पर रविवार के लोगों का तांता लगा रहा। वंश कौर के पति बल्देव सिंह की वर्ष 1990 में मार्ग दुर्घटना में मौत हो गई थी। तीन लड़कियों की शादी के बाद वंश कौर की सारी उम्मीदें इकलौते पुत्र सुखजीत सिंह पर टिकी थीं। पंजाब में पढ़ने के बाद सुखजीत इंग्लैंड के डर्बीशायर में सेटल हो गया था, लेकिन मां को उससे काफी उम्मीदें थीं। वह गांव बसंतापुर में 23 एकड़ जमीन होने के कारण फार्म हाउस पर रहकर खेती आदि की देखभाल करती थीं। दो-तीन वर्ष में सुखजीत भी घर आकर मां के पास रहता था। बीती एक सितंबर को सुखजीत की हत्या से वंश कौर के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इसके अगले ही दिन जब इस बात का पता चला कि हत्या में बहू का ही हाथ है तो उनका दुख और ज्यादा बढ़ गया। 
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वंश कौर का कहना है कि सुखजीत बहू को बेहद चाहता था और उसने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि पत्नी ही उसकी हत्या करा देगी। अब वंश कौर की सारी उम्मीदें दोनों पौत्रों पर टिकी हैं। उनका कहना है कि वह दोनों को खूब पढ़ा लिखाकर और अच्छे संस्कार देकर पालेंगी। फिलहाल वह पौत्रों को इंग्लैंड में अपनी पुत्री कुलविंदर कौर के पास भेजेंगी, जिससे उनकी शिक्षा ठीक से पूरी हो सके। 
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रमनदीप के पिता और मां ने किया आने से इंकार
- रमनदीप कौर ने सुखजीत सिंह के साथ प्रेम विवाह किया था, जिस कारण उसके अपने पिता और मां से संबंध खत्म हो गए थे। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि रमनदीप और सुखजीत ने काफी समय तक चले प्रेम संबंधों के बाद शादी करने का फैसला किया था। रमनदीप जाट और सुखजीत कंबोज सिख था। इस कारण रमनदीप के परिवार के लोग इस रिश्ते के खिलाफ थे। 
इसके बाद दोनों ने परिवार के लोगों की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह कर लिया। रमनदीप के पिता और मां इससे काफी नाराज हुए और उन्होंने रमन से सभी संबंध तोड़ लिए। 

रमनदीप के पहला पुत्र होने पर परिवार के लोगों से उसके संबंध फिर से सामान्य हो गए थे। उसके बाद रमनदीप के पिता और मां बसंतापुर भी आए थे। अब पति की हत्या में रमनदीप का नाम आने के बाद उसके पिता और मां ने रमनदीप की मदद करने के लिए शाहजहांपुर आने से इंकार कर दिया है। उनका मानना है कि रमनदीप ने बेहद गलत काम किया है, इस कारण वह उसके साथ नहीं हैं।
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