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अंतरजनपदीय मोबाइल लिफ्टर जेल भेजे
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Wed, 20 Jul 2016 10:53 PM IST
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अंतरजनपदीय मोबाइल लिफ्टर जेल भेजे
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ट्रेनों और बसों में यात्रियों के मोबाइल लिफ्ट कर खुले बाजार में सस्ते दामों में बेचने वाला शातिर बुधवार की सुबह शाहजहांपुर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर भागने के क्रम में धर दबोचा गया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक दर्जन चुराए हुए मोबाइल मिले, जो कि इसने बुधवार तड़के मुरादाबाद से बरेली होते हुए लखनऊ को जा रही ट्रेन में चुराया था। कोर्ट में पेश किए जाने पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पूछताछ में इसने अपना नाम लखीमपुर खीरी के मैगलगंज के जमुनिया निवासी लालू दूबे (30) बताया। आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारियों को पूछताछ में इसने बताया कि यह बीते कई साल से मैगलगंज से दिल्ली तक के रूट पर यह ट्रेनों और बसों में यात्रियों के महंगे और नए मोबाइल पर हाथ साफ करता रहा है। चुराए गए मोबाइल को वह शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद और दिल्ली में ही अक्सर 500 रुपये से लेकर हजार रुपये में बेच दिया करता था। एक बार में सात से एक दर्जन की संख्या में यह आसानी से मोबाइलों पर हाथ साफ कर बस या ट्रेन से खिसक लेता था। तड़के दो से पांच बजे के बीच यह अपने शिकार पर हाथ साफ करता था।
बुधवार की सुबह यह शाहजहांपुर स्टेशन पर लखनऊ को जाने वाली ट्रेन से सुबह सात बजे शाहजहांपुर स्टेशन पर उतरा। प्लेटफार्म नंबर दो से एक पर जाने के लिए पटरियों से होकर चला। प्लेटफार्म नंबर एक पर चढ़ने पर यह साझे गश्त पर निकली आरपीएफ और जीआरपी की टीम को ईडब्लूय आफिस के पास देखकर कुछ सकपकाया और किनारा काटते हुए निकलने लगा। शक होने पर आरपीएफ के कंपनी कमांडर एसपी सिंह और जीआरपी थानाध्यक्ष जयशंकर सिंह ने रुकने के लिए कहा और पास बुलाया तो वह तेजी से प्लेटफार्म से बाहर को भागने लगा। जीआरपी सब इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा एवं कांस्टेबल गोपाल कुशवाहा और दिनेश कुमार दौड़कर उसे धर दबोचा। जीआरपी थानाध्यक्ष ने बताया कि बीते काफी समय से इसकी तलाश थी और हर बार गच्चा देकर निकल जाता था।
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पूछताछ में इसने अपना नाम लखीमपुर खीरी के मैगलगंज के जमुनिया निवासी लालू दूबे (30) बताया। आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारियों को पूछताछ में इसने बताया कि यह बीते कई साल से मैगलगंज से दिल्ली तक के रूट पर यह ट्रेनों और बसों में यात्रियों के महंगे और नए मोबाइल पर हाथ साफ करता रहा है। चुराए गए मोबाइल को वह शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद और दिल्ली में ही अक्सर 500 रुपये से लेकर हजार रुपये में बेच दिया करता था। एक बार में सात से एक दर्जन की संख्या में यह आसानी से मोबाइलों पर हाथ साफ कर बस या ट्रेन से खिसक लेता था। तड़के दो से पांच बजे के बीच यह अपने शिकार पर हाथ साफ करता था।
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बुधवार की सुबह यह शाहजहांपुर स्टेशन पर लखनऊ को जाने वाली ट्रेन से सुबह सात बजे शाहजहांपुर स्टेशन पर उतरा। प्लेटफार्म नंबर दो से एक पर जाने के लिए पटरियों से होकर चला। प्लेटफार्म नंबर एक पर चढ़ने पर यह साझे गश्त पर निकली आरपीएफ और जीआरपी की टीम को ईडब्लूय आफिस के पास देखकर कुछ सकपकाया और किनारा काटते हुए निकलने लगा। शक होने पर आरपीएफ के कंपनी कमांडर एसपी सिंह और जीआरपी थानाध्यक्ष जयशंकर सिंह ने रुकने के लिए कहा और पास बुलाया तो वह तेजी से प्लेटफार्म से बाहर को भागने लगा। जीआरपी सब इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा एवं कांस्टेबल गोपाल कुशवाहा और दिनेश कुमार दौड़कर उसे धर दबोचा। जीआरपी थानाध्यक्ष ने बताया कि बीते काफी समय से इसकी तलाश थी और हर बार गच्चा देकर निकल जाता था।
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