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रेप के मामले में अभियुक्त को उम्र कैद
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
Updated Wed, 19 Apr 2017 11:47 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : सजा
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छह साल पहले लगा था नाबालिग का अपहरण कर दुराचार का आरोप
अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय ने सुनाई सजा, सिंधौली में बहन के घर रिश्तेदारी में आई थी बालिका
नाबालिग का अपहरण कर रेप के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय अनिल कुमार पांडेय ने दोष सिद्ध होने पर आरोपी को आजीवन कारावास और पचास हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना पुवायां क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने तीन नवंबर 2011 को सिंधौली थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि उसकी पंद्रह वर्षीय पुत्री थाना सिंधौली क्षेत्र के एक गांव में ब्याही बड़ी पुत्री के घर गई थी। यहां से उसकी नाबालिग बेटी को 26 अक्तूबर 2011 को मुड़िया मिश्र निवासी फिरोज खां अपने साथी विन्नई के साथ बहला-फुसलाकर भगा ले गया। पुलिस ने आठ नवंबर 2011 को चिनौर अड्डे के पास से नाबालिग को बरामद कर लिया और उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी फिरोज खां के खिलाफ धारा 363,366, 376 व एससी-एसटी एक्ट का आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। जिस पर अदालत में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील सुनील कुमार सिंह की ओर से प्रस्तुत किए गए गवाहों के बयान, पुलिस द्वारा प्रस्तुत चिकित्सीय साक्ष्य व दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी फिरोज खां को दोषी पाते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा और पचास हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया। इसी क्रम में कुल देय जुर्माना की धनराशि मे से तीन चौथाई भाग पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाए जाने का आदेश दिया है।
अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय ने सुनाई सजा, सिंधौली में बहन के घर रिश्तेदारी में आई थी बालिका
नाबालिग का अपहरण कर रेप के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय अनिल कुमार पांडेय ने दोष सिद्ध होने पर आरोपी को आजीवन कारावास और पचास हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना पुवायां क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने तीन नवंबर 2011 को सिंधौली थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि उसकी पंद्रह वर्षीय पुत्री थाना सिंधौली क्षेत्र के एक गांव में ब्याही बड़ी पुत्री के घर गई थी। यहां से उसकी नाबालिग बेटी को 26 अक्तूबर 2011 को मुड़िया मिश्र निवासी फिरोज खां अपने साथी विन्नई के साथ बहला-फुसलाकर भगा ले गया। पुलिस ने आठ नवंबर 2011 को चिनौर अड्डे के पास से नाबालिग को बरामद कर लिया और उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी फिरोज खां के खिलाफ धारा 363,366, 376 व एससी-एसटी एक्ट का आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। जिस पर अदालत में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील सुनील कुमार सिंह की ओर से प्रस्तुत किए गए गवाहों के बयान, पुलिस द्वारा प्रस्तुत चिकित्सीय साक्ष्य व दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी फिरोज खां को दोषी पाते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा और पचास हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया। इसी क्रम में कुल देय जुर्माना की धनराशि मे से तीन चौथाई भाग पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाए जाने का आदेश दिया है।
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