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खुटार में बुजुर्ग पिता चाकुओं से गोदकर मार डाला
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Fri, 20 Jan 2017 12:39 AM IST
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हत्यास्थल पर मौजूद पुलिस।
बृहस्पतिवार सुबह घर से शौच को जाने की बात कहकर निकले बुजुर्ग की चाकुओं से गोदकर निर्मम तरीके से हत्या की गई। इस मामले में जमीनी रंजिश का आरोप लगाते हुए मृतक के पुत्र ने अपने ही दो भाइयों और गांव निवासी भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष समेत आठ लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी गांव से फरार हो गए हैं। गांव गेहुंआ निवासी 85 वर्षीय रामसागर मिश्रा बृहस्पतिवार सुबह शौच को निकले थे। दोपहर बाद रामसागर का शव गांव के उत्तर पुत्तन खां के गन्ने के खेत में पड़ा मिला। रामसागर के पेट पर चाकुओं के तमाम प्रहार किए गए थे। गले पर भी चोट के निशान मिले। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया।
एसपी ग्रामीण रमेश कुमार भारतीय भी घटना स्थल पर पहुंचे और मृतक के पुत्र सर्वेश से घटना की जानकारी ली। सर्वेश ने अपने ही परिवार के लोगों पर जमीनी विवाद में पिता की हत्या करने का आरोप लगाया। एएसपी की अगुवाई में आरोपियों की तलाश में कई घरों की तलाशी ली गई लेकिन कोई पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। एएसपी ने नामजदों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं और गांव में सुरक्षा बढ़ाने को भी कहा है। सर्वेश के पुत्र अरविंद कुमार ने रिपोर्ट में बताया कि बृहस्पतिवार को वह अपने भाई रामदत्त के साथ गन्ना छीलने गया था। कुछ देर बाद चीखने की आवाज सुनाई पड़ी तो वह भाई के साथ दौड़कर पुत्तन के खेत की ओर गया तो उसके ताऊ देवेश, भोलानाथ, देवेश के पुत्र हरिप्रकाश, रवि प्रकाश, भोलानाथ के पुत्र श्रीप्रकाश, जयप्रकाश, गांव के ही रामप्रकाश मिश्रा और उनके भाई मुकेश मिश्रा हाथ में चाकू, तमंचे आदि लेकर भागते दिखे। आगे जाने पर बाबा रामसागर का शव पड़ा मिला। जमीनी और पुरानी रंजिश में बाबा की हत्या की है। बताते चलें कि मुकेश मिश्रा खुटार की भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष भी हैं। एसओ इफ्तेखार अहमद ने बताया कि इस संबंध में तहरीर के आधार पर आठ लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
मृतक के दो पुत्र परिवार सहित गायब
खुटार। मृतक रामसागर के दो अन्य पुत्र देवेश मिश्रा और भोलानाथ मिश्रा परिवार सहित गायब हो गए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। दोनों परिवारों में केवल महिलाएं ही है, वह हत्या के आरोप के बारे में कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
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रामसागर के भाई भी हुई थी हत्या
खुटार। रामसागर के भाई रामसरन की चुनावी रंजिश के चलते 12 दिसंबर 1997 को हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गांव के ही कुछ लोग नामजद कराए गए थे, लेकिन बाद में नामजद आरोपी बरी हो गए। मृतक रामसागर के पुत्र सर्वेश का आरोप है गांव के कुछ लोगों ने ही उसके परिवार के बीच रंजिश करा दी थी, यह लोग नहीं चाहते थे कि परिवार के लोग एकजुट रहें।
पांच एकड़ जमीन ने बो दिए दुश्मनी के बीज
पांच एकड़ जमीन ने मृतक रामसागर और उसके दो पुत्रों के बीच दुश्मनी की बड़ी दीवार खड़ी कर दी थी। जमीनी विवाद में मृतक के दो पुत्रों और एक अन्य पुत्र के बीच मुकदमेबाजी भी चल रही थी। रामसागर के पास कुल 16 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि थी। उन्होंने 11 एकड़ भूमि अपने तीन पुत्रों देवेश मिश्रा, भोलानाथ मिश्रा और सर्वेश मिश्रा को दे दी थी। शेष पांच एकड़ भूमि रामसागर ने अपने पास रख ली। रामसागर अपने छोटे पुत्र सर्वेश के साथ रहते थे और अपने हिस्से की जमीन भी सर्वेश को दे रखी थी। इस जमीन में देवेश और भोलानाथ हिस्सा मांग रहे थे। रामसागर अपने भाई रामसरन की हत्या के मामले में अपने पुत्र देवेश के ठीक से गवाही नहीं देने से भी खफा थे। विवाद बढ़ने पर रामसागर ने अपने हिस्से की भूमि सर्वेश की पुत्रवधू सुधा, सुनीता, मनू और शीला के नाम कर दी थी। इससे रामसागर की दो पुत्रों से खटास और बढ़ गई। देवेश और भोलानाथ ने पांच एकड़ भूमि का बैनामा कराने के मामले में कई वर्ष पूर्व मुकदमा कर दिया था। इस पर जमीन पर 145 की कार्रवाई कर दी गई थी, जिस कारण जमीन खाली पड़ी थी। विवाद के चलते दोनों पक्षों में कई बार मारपीट भी हो चुकी थी। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ 107/116 के तहत भी कार्रवाई की थी।
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एसपी ग्रामीण रमेश कुमार भारतीय भी घटना स्थल पर पहुंचे और मृतक के पुत्र सर्वेश से घटना की जानकारी ली। सर्वेश ने अपने ही परिवार के लोगों पर जमीनी विवाद में पिता की हत्या करने का आरोप लगाया। एएसपी की अगुवाई में आरोपियों की तलाश में कई घरों की तलाशी ली गई लेकिन कोई पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। एएसपी ने नामजदों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं और गांव में सुरक्षा बढ़ाने को भी कहा है। सर्वेश के पुत्र अरविंद कुमार ने रिपोर्ट में बताया कि बृहस्पतिवार को वह अपने भाई रामदत्त के साथ गन्ना छीलने गया था। कुछ देर बाद चीखने की आवाज सुनाई पड़ी तो वह भाई के साथ दौड़कर पुत्तन के खेत की ओर गया तो उसके ताऊ देवेश, भोलानाथ, देवेश के पुत्र हरिप्रकाश, रवि प्रकाश, भोलानाथ के पुत्र श्रीप्रकाश, जयप्रकाश, गांव के ही रामप्रकाश मिश्रा और उनके भाई मुकेश मिश्रा हाथ में चाकू, तमंचे आदि लेकर भागते दिखे। आगे जाने पर बाबा रामसागर का शव पड़ा मिला। जमीनी और पुरानी रंजिश में बाबा की हत्या की है। बताते चलें कि मुकेश मिश्रा खुटार की भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष भी हैं। एसओ इफ्तेखार अहमद ने बताया कि इस संबंध में तहरीर के आधार पर आठ लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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मृतक के दो पुत्र परिवार सहित गायब
खुटार। मृतक रामसागर के दो अन्य पुत्र देवेश मिश्रा और भोलानाथ मिश्रा परिवार सहित गायब हो गए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। दोनों परिवारों में केवल महिलाएं ही है, वह हत्या के आरोप के बारे में कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
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रामसागर के भाई भी हुई थी हत्या
खुटार। रामसागर के भाई रामसरन की चुनावी रंजिश के चलते 12 दिसंबर 1997 को हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गांव के ही कुछ लोग नामजद कराए गए थे, लेकिन बाद में नामजद आरोपी बरी हो गए। मृतक रामसागर के पुत्र सर्वेश का आरोप है गांव के कुछ लोगों ने ही उसके परिवार के बीच रंजिश करा दी थी, यह लोग नहीं चाहते थे कि परिवार के लोग एकजुट रहें।
पांच एकड़ जमीन ने बो दिए दुश्मनी के बीज
पांच एकड़ जमीन ने मृतक रामसागर और उसके दो पुत्रों के बीच दुश्मनी की बड़ी दीवार खड़ी कर दी थी। जमीनी विवाद में मृतक के दो पुत्रों और एक अन्य पुत्र के बीच मुकदमेबाजी भी चल रही थी। रामसागर के पास कुल 16 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि थी। उन्होंने 11 एकड़ भूमि अपने तीन पुत्रों देवेश मिश्रा, भोलानाथ मिश्रा और सर्वेश मिश्रा को दे दी थी। शेष पांच एकड़ भूमि रामसागर ने अपने पास रख ली। रामसागर अपने छोटे पुत्र सर्वेश के साथ रहते थे और अपने हिस्से की जमीन भी सर्वेश को दे रखी थी। इस जमीन में देवेश और भोलानाथ हिस्सा मांग रहे थे। रामसागर अपने भाई रामसरन की हत्या के मामले में अपने पुत्र देवेश के ठीक से गवाही नहीं देने से भी खफा थे। विवाद बढ़ने पर रामसागर ने अपने हिस्से की भूमि सर्वेश की पुत्रवधू सुधा, सुनीता, मनू और शीला के नाम कर दी थी। इससे रामसागर की दो पुत्रों से खटास और बढ़ गई। देवेश और भोलानाथ ने पांच एकड़ भूमि का बैनामा कराने के मामले में कई वर्ष पूर्व मुकदमा कर दिया था। इस पर जमीन पर 145 की कार्रवाई कर दी गई थी, जिस कारण जमीन खाली पड़ी थी। विवाद के चलते दोनों पक्षों में कई बार मारपीट भी हो चुकी थी। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ 107/116 के तहत भी कार्रवाई की थी।