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गांव का ही निकला दरिंदा, गिरफ्तार
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Sat, 19 Mar 2016 12:14 AM IST
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मानसिक मंदित मूक-बधिर 11 वर्षीय बच्ची से रेप कर उसे खून से लथपथ हाल में छोड़कर भागा दरिंदा उसी गांव का ही तीस वर्षीय विवेक सिंह पुत्र बालिस्टर सिंह है। उसने अपना अपराध कबूल कर लिया है। मामले में ग्राम प्रधान संजीव सिंह समेत पूरे गांव वालों ने विवेक के खिलाफ बयान दिए हैं। केस दर्ज करने के बाद 24 घंटे तक गांव में डेरा डाले पुलिस ने शुक्रवार की शाम को आरोपी को चिन्हित कर पूछताछ शुरू की तो उसने अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर रेप और पाक्सो एक्ट में चालान कर दिया। शनिवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पुलिस पूछताछ में विवेक ने बताया कि 16 मार्च की शाम को उसकी दादी की तेरहवीं थी। दिन ढलने के बाद अंधेरा होने पर खाने पहुंचे लोगों के साथ गांव के ही कुछ बच्चे-बच्चियां भी बाग में जुटे हुए थे। वह दारू के नशे में था और मानसिक मंदित बच्ची पर इसकी नीयत खराब हो गई। उसे अन्य बच्चों से अलग कर और बहला फुसलाकर गांव से करीब 100 मीटर दूर पड़ोसी के गेहूं के खेत में ले गया। वहां बच्ची के साथ दुराचार किया। पल भर में ही बच्ची बेसुध हो गई और रक्तस्राव होने लगा। इस पर वह बच्ची के कपड़े लेकर वहां से भाग गया। आरोपी विवेक ने बच्ची के कपड़े को किसी खेत में फेंक दिया हालांकि वह वह कपड़ा नहीं मिल पाया है। पुलिस ने घटनास्थल पर पड़े खून के नमूने लेकर जांच को भेजा है। साथ ही मौके से मिले आरोपी की चप्पल भी कब्जे में ली है। इससे पहले बृहस्पतिवार रात से गांव में डेरा डाली पुलिस टीम ने रात भर की गई पूछताछ के बाद शुक्रवार की सुबह आठ संदिग्धों पर अपना शिकंजा कसा। दोपहर तक चार को छोड़ दिया और फिर शेष से अलग-अलग की गई पूछताछ के बाद बच्ची की शिनाख्त पर विवेक को ही आरोपी के तौर पर चिन्हित कर लिया।
व्हाट्सएप पर फोटो देख बच्ची ने आरोपी पहचाना
मौके से मिले चप्पल ने गांव में छुपे दरिंदे की खोली पोल
शाहजहांपुर/मदनापुर। मानसिक मंदित मूक बधिर बच्ची से रेप के मामले में दरिंदे को चिन्हित करने में एक साथ कई स्तरों पर शुरू की गई जांच से आरोपी का खुलासा जल्दी हो गया। एसपी सिटी राजेश कुमार की अगुवाई में पुलिस बृहस्पतिवार रात से जिन आठ संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी, उनमें से विवेक के बारे में ही कुछ लोगों ने बताया कि वह पहले भी पीड़ित परिवार और उसके पड़ोसियों के दरवाजे के सामने ओछी हरकतें कर चुका है। विवेक के दारू पीने की लत के चलते उसकी पत्नी उसे छोड़कर मायके चली गई है और साथ रहने को तैयार नहीं। विवेक रोजाना दारू पीता है। गांव में इसके नशेड़ी साथियों से पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि 16 मार्च की शाम को घर में ब्रह्मभोज होने पर भी वह दारू पीने उनके पास नहीं आया लेकिन ब्रह्मभोज में भी नहीं दिखा। शुक्रवार को पुलिस ने दोपहर के समय गांव के ही चार संदिग्धों पर जांच और पूछताछ केंद्रित की और चारों की फोटो व्हाट्सएप पर उस पुलिस टीम को भेजी जो बच्ची को एंबुलेंस से लखनऊ ले जा रही थी। उस टीम ने बच्ची से हिलमिलकर चारों संदिग्धों की फोटो बारी-बारी दिखाई तो विवेक की फोटो देखते ही बच्ची ने चौंकते हामी भरने के अंदाज पर फोटो पर अपनी उंगली रखी। इसी दौरान ग्राम प्रधान गांव के ही एक व्यक्ति साथ लेकर वहां मौजूद सीओ सदर सीओ सदर के पास पहुंचे और बताया कि इसी व्यक्ति ने मौके पर मिली चप्पल हाल में खरीदकर विवेक को दी थी। दोनों बातें एक ही व्यक्ति पर केंद्रित होते ही पुलिस ने विवेक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और सारा राज खुल गया।
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बच्ची लखनऊ में भरती
शाहजहांपुर। रेप पीड़ित मानसिक मंदित मूक-बधिर बच्ची को शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे जिला अस्पताल से महिला पुलिस टीम की निगरानी में एंबुलेंस से लखनऊ के ट्रामा सेंटर रवाना किया गया। बीती रात जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने प्राइवेट पार्ट में गंभीर जख्म के उपचार के लिए आपरेशन जरूरी बताते हुए उसे हायर सेंटर रेफर किया था। शाहजहांपुर और बरेली के सरकारी चिकित्सालय में इस आपरेशन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के चलते बच्ची को लखनऊ के केजीएमसी ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। पुलिस ने दिल्ली में मजदूरी कर रहे बच्ची के पिता को सूचना दी थी। वह शुक्रवार सुबह शाहजहांपुर पहुंचे। पुलिस ने उनके साथ बच्ची को लखनऊ भेजा। एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि बच्ची की जान को कोई खतरा नहीं है और वह अब ठीक है। सिर्फ प्राइवेट पार्ट पर उपचार के लिए आपरेशन होना है।
पुलिस टीम ने बेहतर काम किया है। दरिंदे के खिलाफ सुसंगत धाराओं में पहले ही केस दर्ज किया चुका है। मौके से मिले साक्ष्य सहेज लिए गए हैं। महिला पुलिस टीम बच्ची को उपचार के लिए लखनऊ ले गई है। लगातार जानकारी ली जा रही है और बच्ची की हालत सही है।
- डॉ, मनोज कुमार, एसपी शाहजहांपुर
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पुलिस पूछताछ में विवेक ने बताया कि 16 मार्च की शाम को उसकी दादी की तेरहवीं थी। दिन ढलने के बाद अंधेरा होने पर खाने पहुंचे लोगों के साथ गांव के ही कुछ बच्चे-बच्चियां भी बाग में जुटे हुए थे। वह दारू के नशे में था और मानसिक मंदित बच्ची पर इसकी नीयत खराब हो गई। उसे अन्य बच्चों से अलग कर और बहला फुसलाकर गांव से करीब 100 मीटर दूर पड़ोसी के गेहूं के खेत में ले गया। वहां बच्ची के साथ दुराचार किया। पल भर में ही बच्ची बेसुध हो गई और रक्तस्राव होने लगा। इस पर वह बच्ची के कपड़े लेकर वहां से भाग गया। आरोपी विवेक ने बच्ची के कपड़े को किसी खेत में फेंक दिया हालांकि वह वह कपड़ा नहीं मिल पाया है। पुलिस ने घटनास्थल पर पड़े खून के नमूने लेकर जांच को भेजा है। साथ ही मौके से मिले आरोपी की चप्पल भी कब्जे में ली है। इससे पहले बृहस्पतिवार रात से गांव में डेरा डाली पुलिस टीम ने रात भर की गई पूछताछ के बाद शुक्रवार की सुबह आठ संदिग्धों पर अपना शिकंजा कसा। दोपहर तक चार को छोड़ दिया और फिर शेष से अलग-अलग की गई पूछताछ के बाद बच्ची की शिनाख्त पर विवेक को ही आरोपी के तौर पर चिन्हित कर लिया।
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व्हाट्सएप पर फोटो देख बच्ची ने आरोपी पहचाना
मौके से मिले चप्पल ने गांव में छुपे दरिंदे की खोली पोल
शाहजहांपुर/मदनापुर। मानसिक मंदित मूक बधिर बच्ची से रेप के मामले में दरिंदे को चिन्हित करने में एक साथ कई स्तरों पर शुरू की गई जांच से आरोपी का खुलासा जल्दी हो गया। एसपी सिटी राजेश कुमार की अगुवाई में पुलिस बृहस्पतिवार रात से जिन आठ संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी, उनमें से विवेक के बारे में ही कुछ लोगों ने बताया कि वह पहले भी पीड़ित परिवार और उसके पड़ोसियों के दरवाजे के सामने ओछी हरकतें कर चुका है। विवेक के दारू पीने की लत के चलते उसकी पत्नी उसे छोड़कर मायके चली गई है और साथ रहने को तैयार नहीं। विवेक रोजाना दारू पीता है। गांव में इसके नशेड़ी साथियों से पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि 16 मार्च की शाम को घर में ब्रह्मभोज होने पर भी वह दारू पीने उनके पास नहीं आया लेकिन ब्रह्मभोज में भी नहीं दिखा। शुक्रवार को पुलिस ने दोपहर के समय गांव के ही चार संदिग्धों पर जांच और पूछताछ केंद्रित की और चारों की फोटो व्हाट्सएप पर उस पुलिस टीम को भेजी जो बच्ची को एंबुलेंस से लखनऊ ले जा रही थी। उस टीम ने बच्ची से हिलमिलकर चारों संदिग्धों की फोटो बारी-बारी दिखाई तो विवेक की फोटो देखते ही बच्ची ने चौंकते हामी भरने के अंदाज पर फोटो पर अपनी उंगली रखी। इसी दौरान ग्राम प्रधान गांव के ही एक व्यक्ति साथ लेकर वहां मौजूद सीओ सदर सीओ सदर के पास पहुंचे और बताया कि इसी व्यक्ति ने मौके पर मिली चप्पल हाल में खरीदकर विवेक को दी थी। दोनों बातें एक ही व्यक्ति पर केंद्रित होते ही पुलिस ने विवेक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और सारा राज खुल गया।
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बच्ची लखनऊ में भरती
शाहजहांपुर। रेप पीड़ित मानसिक मंदित मूक-बधिर बच्ची को शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे जिला अस्पताल से महिला पुलिस टीम की निगरानी में एंबुलेंस से लखनऊ के ट्रामा सेंटर रवाना किया गया। बीती रात जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने प्राइवेट पार्ट में गंभीर जख्म के उपचार के लिए आपरेशन जरूरी बताते हुए उसे हायर सेंटर रेफर किया था। शाहजहांपुर और बरेली के सरकारी चिकित्सालय में इस आपरेशन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के चलते बच्ची को लखनऊ के केजीएमसी ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। पुलिस ने दिल्ली में मजदूरी कर रहे बच्ची के पिता को सूचना दी थी। वह शुक्रवार सुबह शाहजहांपुर पहुंचे। पुलिस ने उनके साथ बच्ची को लखनऊ भेजा। एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि बच्ची की जान को कोई खतरा नहीं है और वह अब ठीक है। सिर्फ प्राइवेट पार्ट पर उपचार के लिए आपरेशन होना है।
पुलिस टीम ने बेहतर काम किया है। दरिंदे के खिलाफ सुसंगत धाराओं में पहले ही केस दर्ज किया चुका है। मौके से मिले साक्ष्य सहेज लिए गए हैं। महिला पुलिस टीम बच्ची को उपचार के लिए लखनऊ ले गई है। लगातार जानकारी ली जा रही है और बच्ची की हालत सही है।
- डॉ, मनोज कुमार, एसपी शाहजहांपुर