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इलाज के अभाव में किसान की मौत
खुटार।
Updated Mon, 20 Apr 2015 12:01 AM IST
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गांव नवाजपुर के किसान कालीचरन की दिमागी बुखार का इलाज नहीं हो पाने के चलते रविवार को मौत हो गई। वह तीन माह से बीमार चल रहे थे। इस दौरान इलाज में ढाई बीघा जमीन भी बिक गई।
कालीचरन की पत्नी रामदेवी ने बताया कि पति के पास मात्र तीन बीघा जमीन थी। पति की मेहनत मजदूरी से परिवार की गुजर होती थी। तीन माह पूर्व पति को दिमागी बुखार हो गया। बरेली के एक निजी अस्पताल में इलाज के भारी खर्च के चलते ढाई बीघा जमीन बेच देनी पड़ी। कुछ दिन पूर्व डॉक्टरों दो लाख रुपये और जमा करने को कहा। रुपये नहीं होने पर पति को घर ले जाने को कह दिया गया। परिवार के लोग कालीचरन को शाहजहांपुर ले आए और एक अस्पताल में भर्ती करा दिया। रविवार को उनकी मौत हो गई। मृतक अपने पीछे आठ वर्षीय पुत्री नीत कुमार, पांच वर्ष की पुत्री धनदेवी और तीन वर्षीय पुत्र छोटू को छोड़ गया है। बच्चों को पालने की जिम्मेदारी रामदेवी पर आ पड़ी है। पति की मौत से उसका रो-रोकर बुरा हाल है।
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कालीचरन की पत्नी रामदेवी ने बताया कि पति के पास मात्र तीन बीघा जमीन थी। पति की मेहनत मजदूरी से परिवार की गुजर होती थी। तीन माह पूर्व पति को दिमागी बुखार हो गया। बरेली के एक निजी अस्पताल में इलाज के भारी खर्च के चलते ढाई बीघा जमीन बेच देनी पड़ी। कुछ दिन पूर्व डॉक्टरों दो लाख रुपये और जमा करने को कहा। रुपये नहीं होने पर पति को घर ले जाने को कह दिया गया। परिवार के लोग कालीचरन को शाहजहांपुर ले आए और एक अस्पताल में भर्ती करा दिया। रविवार को उनकी मौत हो गई। मृतक अपने पीछे आठ वर्षीय पुत्री नीत कुमार, पांच वर्ष की पुत्री धनदेवी और तीन वर्षीय पुत्र छोटू को छोड़ गया है। बच्चों को पालने की जिम्मेदारी रामदेवी पर आ पड़ी है। पति की मौत से उसका रो-रोकर बुरा हाल है।
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