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एचडीएफसी बीमा कंपनी के खिलाफ होगी कार्रवाई
शाहजहांपुर
Updated Wed, 27 May 2015 11:35 PM IST
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बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से सताए किसानों को फसली बीमा का भुगतान न करने पर एचडीएफसी बीमा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई तय हो गई है। बुधवार को फसल बीमा योजना अनुश्रवण समिति की बैठक में समीक्षा करने पर डीएम शुभ्रा सक्सेना को पता चला कि अभी तक कंपनी ने बीमा भुगतान रोक रखा है। उन्होंने इस पर सख्त नाराजगी जताई है। बीमा कंपनी के खिलाफ शासन को पत्र भेजा है।
बता दें कि फसल बीमा करने वाली कंपनी ने 30 अप्रैल तक फसलों को बीमा सुरक्षा दी थी। यही वजह रही कि मौसम की मार से फसली नुकसान सहने वाले किसानों की अप्रैल में मौतें होने पर भी कंपनी ने बीमा कराने वाले किसानों को भुगतान नहीं किया। यही नहीं, मई के तीन सप्ताह बीतने पर भी कंपनी लापरवाह बनी रही। खुलासा तब हुआ जब समीक्षा में डीएम ने पाया कि बीमा कराने वाले 17789 किसानों का भुगतान अटका है।
इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने बीमा कंपनी के जिला समन्वयक के विरुद्ध कार्रवाई के लिए संस्तुति कर दी। पता चला कि कंपनी को किसानों समेत राज्य और केंद्र सरकार ने 2.56 करोड़ रुपये प्रीमियम का भुगतान किया है और इसमें 1.53 करोड़ रुपये किसानों से लिए गए, लेकिन केवल 2.12 करोड़ की क्षतिपूर्ति अदा करने का ही कंपनी का इरादा है। डीएम ने बैंक अधिकारियों को गन्ना और धान की फसल का प्रीमियम काटकर बीमा कंपनी को भिजवाने के निर्देश दिए। साथ ही बीमा कंपनी को जिला मुख्यालय पर कार्यालय जल्द खोलने के निर्देश दिए। बैठक में प्रभारी सीडीओ पीपी त्रिपाठी, उप निदेशक कृषि प्रसार आरके यादव, जिला कृषि अधिकारी अखिलानंद पांडेय आदि मौजूद रहे।
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बता दें कि फसल बीमा करने वाली कंपनी ने 30 अप्रैल तक फसलों को बीमा सुरक्षा दी थी। यही वजह रही कि मौसम की मार से फसली नुकसान सहने वाले किसानों की अप्रैल में मौतें होने पर भी कंपनी ने बीमा कराने वाले किसानों को भुगतान नहीं किया। यही नहीं, मई के तीन सप्ताह बीतने पर भी कंपनी लापरवाह बनी रही। खुलासा तब हुआ जब समीक्षा में डीएम ने पाया कि बीमा कराने वाले 17789 किसानों का भुगतान अटका है।
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इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने बीमा कंपनी के जिला समन्वयक के विरुद्ध कार्रवाई के लिए संस्तुति कर दी। पता चला कि कंपनी को किसानों समेत राज्य और केंद्र सरकार ने 2.56 करोड़ रुपये प्रीमियम का भुगतान किया है और इसमें 1.53 करोड़ रुपये किसानों से लिए गए, लेकिन केवल 2.12 करोड़ की क्षतिपूर्ति अदा करने का ही कंपनी का इरादा है। डीएम ने बैंक अधिकारियों को गन्ना और धान की फसल का प्रीमियम काटकर बीमा कंपनी को भिजवाने के निर्देश दिए। साथ ही बीमा कंपनी को जिला मुख्यालय पर कार्यालय जल्द खोलने के निर्देश दिए। बैठक में प्रभारी सीडीओ पीपी त्रिपाठी, उप निदेशक कृषि प्रसार आरके यादव, जिला कृषि अधिकारी अखिलानंद पांडेय आदि मौजूद रहे।
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