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फांसी पर झूलते ही टूट गई डाल, बच गई जान
शाहजहांपुर, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Mar 2017 12:43 AM IST
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थाना बंडा क्षेत्र के गांव ढुकुरी में नशे के आदी एक अधेड़ ने फांसी लगाकर जान देने के लिए रस्सी का फंदा बनाकर पेड़ की डाल से बांध दिया लेकिन वह जैसे ही फंदे पर लटका डाल टूट गई। इससे उसकी जान तो बच गई लेकिन गले पर रस्सी का खिंचाव होने से आवाज बंद हो गई है। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गांव ढुकुरी निवासी अनीता ने बताया कि उसका 55 वर्षीय पति रामलाल नशे का आदी है। वह सुबह उठते ही शराब पीनी शुरू कर देता है और रात तक पीता रहता है। इससे घर की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। घर में आए दिन झगड़ा होता रहता है। बुधवार को सुबह जब वह शराब पीकर घर लौटा तो अनीता और उसके दो बेटों ने खरी-खोटी सुना दी। इस पर रामलाल घर से रस्सी लेकर चला गया। गांव के बाहर जाकर उसने गले में रस्सी का फंदा कसा और आम के पेड़ की डाल से रस्सी बांधकर लटक गया, लेकिन झटके के साथ पेड़ की डाल टूट गई। आस-पास खेतों में मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी उसके घर पर दी। हालत गंभीर होने पर रामलाल को जिला अस्पताल लाया गया। यहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। गर्दन में रस्सी कस जाने से उसकी आवाज नहीं निकल रही है।
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गांव ढुकुरी निवासी अनीता ने बताया कि उसका 55 वर्षीय पति रामलाल नशे का आदी है। वह सुबह उठते ही शराब पीनी शुरू कर देता है और रात तक पीता रहता है। इससे घर की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। घर में आए दिन झगड़ा होता रहता है। बुधवार को सुबह जब वह शराब पीकर घर लौटा तो अनीता और उसके दो बेटों ने खरी-खोटी सुना दी। इस पर रामलाल घर से रस्सी लेकर चला गया। गांव के बाहर जाकर उसने गले में रस्सी का फंदा कसा और आम के पेड़ की डाल से रस्सी बांधकर लटक गया, लेकिन झटके के साथ पेड़ की डाल टूट गई। आस-पास खेतों में मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी उसके घर पर दी। हालत गंभीर होने पर रामलाल को जिला अस्पताल लाया गया। यहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। गर्दन में रस्सी कस जाने से उसकी आवाज नहीं निकल रही है।
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