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पुरानी रंजिश में भिड़े दो गुट, तीन घायल
-तिलहर।
Updated Wed, 07 Jan 2015 12:35 AM IST
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कसबा के मोहल्ला इमली में पुरानी रंजिश को लेकर हुई मारपीट में पिता-पुत्र समेत समेत तीन लोग घायल हो गए। तीसरा युवक तमाशबीन था। घायलों में एक की हालत गंभीर थी, जिस कारण उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मौके पर पुलिस के पहुंच जाने से एक पक्ष के लोग भाग गए।
मोहल्ला निवासी इसरार ने बताया कि कुछ लोग उसे तथा उसके बेटे फिरोज को मार रहे थे। हमलावरों ने धारदार हथियार से दोनों को बुरी तरह घायल कर दिया। इधर, मोहल्ले के ही कालिब अली शाह का 25 वर्षीय पुत्र मोहीद झगड़ा देखने के लिए पहुंच गया। हमलावरों ने उस पर भी वार कर दिया, जिससे उसका बायां कंधा बुरी तरह जख्मी हो गया। फिरोज की गर्दन और कलाई में गहरे जख्म लगे हैं, वहीं इसरार भी घायल हुआ है।
फिरोज की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल भेजा गया है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस को देखकर हमलावर भाग गए। इधर, अस्पताल में चिकित्सकों ने घायलों का यह कहकर उपचार शुरू नहीं किया कि पहले पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। चिकित्सकों के इस रवैये से लोगों में रोष बढ़ने लगा। उनकी डॉक्टरों से काफी नोकझोक भी हुई। देर रात सीएमओ डॉ. उमेश चंद्र यादव को जब मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने फोन कर अस्पताल में तैनात डॉक्टर की फटकार लगाते हुए घायलों का तत्काल इलाज शुरू करने को कहा। सीएमओ के फोन के बाद ही घायलों का उपचार शुरू हो सका।
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पुलिस कार्रवाई का इंतजार नहीं करना चाहिए
पुलिस को अपनी कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन घायल जब अस्पताल में पहुंच चुके हैं और उनकी हालत गंभीर है, तो ऐसे में इलाज शुरू कर दिया जाना चाहिए। पुलिस कार्रवाई का इंतजार नहीं करना चाहिए।
- डॉ. उमेश चंद्र यादव, सीएमओ
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मोहल्ला निवासी इसरार ने बताया कि कुछ लोग उसे तथा उसके बेटे फिरोज को मार रहे थे। हमलावरों ने धारदार हथियार से दोनों को बुरी तरह घायल कर दिया। इधर, मोहल्ले के ही कालिब अली शाह का 25 वर्षीय पुत्र मोहीद झगड़ा देखने के लिए पहुंच गया। हमलावरों ने उस पर भी वार कर दिया, जिससे उसका बायां कंधा बुरी तरह जख्मी हो गया। फिरोज की गर्दन और कलाई में गहरे जख्म लगे हैं, वहीं इसरार भी घायल हुआ है।
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फिरोज की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल भेजा गया है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस को देखकर हमलावर भाग गए। इधर, अस्पताल में चिकित्सकों ने घायलों का यह कहकर उपचार शुरू नहीं किया कि पहले पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। चिकित्सकों के इस रवैये से लोगों में रोष बढ़ने लगा। उनकी डॉक्टरों से काफी नोकझोक भी हुई। देर रात सीएमओ डॉ. उमेश चंद्र यादव को जब मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने फोन कर अस्पताल में तैनात डॉक्टर की फटकार लगाते हुए घायलों का तत्काल इलाज शुरू करने को कहा। सीएमओ के फोन के बाद ही घायलों का उपचार शुरू हो सका।
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पुलिस कार्रवाई का इंतजार नहीं करना चाहिए
पुलिस को अपनी कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन घायल जब अस्पताल में पहुंच चुके हैं और उनकी हालत गंभीर है, तो ऐसे में इलाज शुरू कर दिया जाना चाहिए। पुलिस कार्रवाई का इंतजार नहीं करना चाहिए।
- डॉ. उमेश चंद्र यादव, सीएमओ