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सिख फार्मर के नौकर दंपति की संदिग्ध हालात में मौत
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Thu, 16 Feb 2017 11:50 PM IST
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क्षेत्र के गांव बिनौरा-बिनौरी निवासी सिख फार्मर के नौकर दंपति की संदिग्ध हालात में बृहस्पतिवार सुबह मौत हो गई। झाला से कुछ दूरी पर दोनों के शव बरामद हुए। पति का शव पाकड़ पेड़ पर धोती से फांसी के फंदे पर झूल रहा था, उसी पेड़ के नीचे पत्नी की लाश पड़ी थी। धोती का दूसरा पल्लू उसके शरीर पर पड़ा था। सीओ तिलहर मनोज यादव व थानाध्यक्ष ओमप्रकाश गौतम ने गांव पहुंचकर मामले की जानकारी ली और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। मृतक दंपति लखीमपर खीरी के रहने वाले थे।
गांव बिनौरा-बिनौरी निवासी पूर्व प्रधान केसर सिंह ने बताया कि उनके झाले पर काम करने के लिए जिला लखीमपुर खीरी के भीरा पलिया निवासी 48 वर्षीय बलराम नौ दिसंबर को आया था। 13 फरवरी को वह अपनी पत्नी पत्तिया देवी को भी बुला लाया था। दोनों लोग झाले पर ही रहकर खेती-बाड़ी आदि काम देखते थे। बृहस्पतिवार सुबह लगभग पांच बजे बलराम फावड़ा लेकर गेहूं फसल की सिंचाई देखने गया था। साथ में वह अपनी पत्नी को भी ले गया। उसे पत्नी को साथ ले जाने से मना भी किया था, लेकिन वह नहीं माना। खेत पर जाने के बाद दोनों लोग जब काफी देर तक वापस नहीं आए तब फिर बलराम के मोबाइल पर कॉल की गई, लेकिन कॉल रिसीब नहीं हुई। पूर्व प्रधान का बेटा रूपेंद्र सिंह दोनों को देखने खेत पर पहुंचा। वहां जब दोनों आस पास दिखाई नहीं दिए तो रूपेंद्र ने सोचा कि दोनों पास में ही बझेड़ा भगवानपुर के धनपाल सिंह चौहान के खेत में ट्यूबेल के लिए दो मंजिला बनी कोठरी में जाकर सो गए होंगे। पास जाकर देखा तो बलराम का शव पाकड़ के पेड़ पर पत्नी की धोती से फांसी के फंदे पर झूल रहा था। उसकी पत्नी जमीन पर मृत अवस्था में पडी़ थी। आधी धोती उसके शव पर पड़ी थी। सूचना पर थानाध्यक्ष ओमप्रकाश गौतम पुलिस बल के साथ गांव पहुंच गए। कुछ देर बाद सीओ तिलहर मनोज कुमार यादव भी पहुंच गए। दोनों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिए।
पहले पत्नी को मारा, फिर लटक गया फांसी पर
खेड़ा बझेड़ा। जैतीपुर थानाध्यक्ष ओप्रकाश गौतम ने बताया कि ऐसा लग रहा है कि बलराम ने पत्नी की गला दबाकर हत्या की और फिर फांसी के फंदे पर लटक गया। अब कारण क्या रहा, इस मामले की जांच के साथ अन्य पहलू पर भी पड़ताल की जाएगी
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पहले झाला स्वामी के साढू के यहां करता था काम
खेड़ा बझेड़ा। बलराम सिख फार्मर केसर सिंह के यहां काम करने से पहले पलिया में रह रहे उनके साढू कुलवंत सिंह के फार्म पर काम करता था। नौ दिसंम्बर को वह कुलवंत के साढू के यहां बिनौरा-बिनौरी केसर सिंह के यहां आ गया था।
बेटों के सवाल पर चुप थे सिख फार्मर
खेड़ा बझेड़ा। मृत दंपति के तीन जवान बेटे नंदराम गंगाराम व मुकेश हैं और एक बेटी नीलम है, जिसकी शादी हो चुकी है। नंदराम और गंगाराम को केसर सिंह के साढू यह कहकर बिनौरा बिनौरी लाए कि तुम्हारे माता पिता की तबियत खराब है। यहां आने पर दोनों मृत मिले। दोनों बेटों ने एक ही सवाल किया कि मुझे तो तबियत ख़राब बताई थी यंहा दोनों कैसे मर गए। दोनों बेटों ने बताया कि उनके माता-पिता के बीच कभी झगड़ा नहीं होता था।
दोनों के शव पोस्टमार्टम को भेजे जा रहे हैं। मृतक दंपति के बेटों ने अभी तक दोनों की मौत पर किसी प्रकार की कोई शंका जाहिर नहीं की है। यदि कोई तहरीर दी गई तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
मनोज कुमार यादव, सीओ तिलहर
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गांव बिनौरा-बिनौरी निवासी पूर्व प्रधान केसर सिंह ने बताया कि उनके झाले पर काम करने के लिए जिला लखीमपुर खीरी के भीरा पलिया निवासी 48 वर्षीय बलराम नौ दिसंबर को आया था। 13 फरवरी को वह अपनी पत्नी पत्तिया देवी को भी बुला लाया था। दोनों लोग झाले पर ही रहकर खेती-बाड़ी आदि काम देखते थे। बृहस्पतिवार सुबह लगभग पांच बजे बलराम फावड़ा लेकर गेहूं फसल की सिंचाई देखने गया था। साथ में वह अपनी पत्नी को भी ले गया। उसे पत्नी को साथ ले जाने से मना भी किया था, लेकिन वह नहीं माना। खेत पर जाने के बाद दोनों लोग जब काफी देर तक वापस नहीं आए तब फिर बलराम के मोबाइल पर कॉल की गई, लेकिन कॉल रिसीब नहीं हुई। पूर्व प्रधान का बेटा रूपेंद्र सिंह दोनों को देखने खेत पर पहुंचा। वहां जब दोनों आस पास दिखाई नहीं दिए तो रूपेंद्र ने सोचा कि दोनों पास में ही बझेड़ा भगवानपुर के धनपाल सिंह चौहान के खेत में ट्यूबेल के लिए दो मंजिला बनी कोठरी में जाकर सो गए होंगे। पास जाकर देखा तो बलराम का शव पाकड़ के पेड़ पर पत्नी की धोती से फांसी के फंदे पर झूल रहा था। उसकी पत्नी जमीन पर मृत अवस्था में पडी़ थी। आधी धोती उसके शव पर पड़ी थी। सूचना पर थानाध्यक्ष ओमप्रकाश गौतम पुलिस बल के साथ गांव पहुंच गए। कुछ देर बाद सीओ तिलहर मनोज कुमार यादव भी पहुंच गए। दोनों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिए।
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पहले पत्नी को मारा, फिर लटक गया फांसी पर
खेड़ा बझेड़ा। जैतीपुर थानाध्यक्ष ओप्रकाश गौतम ने बताया कि ऐसा लग रहा है कि बलराम ने पत्नी की गला दबाकर हत्या की और फिर फांसी के फंदे पर लटक गया। अब कारण क्या रहा, इस मामले की जांच के साथ अन्य पहलू पर भी पड़ताल की जाएगी
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पहले झाला स्वामी के साढू के यहां करता था काम
खेड़ा बझेड़ा। बलराम सिख फार्मर केसर सिंह के यहां काम करने से पहले पलिया में रह रहे उनके साढू कुलवंत सिंह के फार्म पर काम करता था। नौ दिसंम्बर को वह कुलवंत के साढू के यहां बिनौरा-बिनौरी केसर सिंह के यहां आ गया था।
बेटों के सवाल पर चुप थे सिख फार्मर
खेड़ा बझेड़ा। मृत दंपति के तीन जवान बेटे नंदराम गंगाराम व मुकेश हैं और एक बेटी नीलम है, जिसकी शादी हो चुकी है। नंदराम और गंगाराम को केसर सिंह के साढू यह कहकर बिनौरा बिनौरी लाए कि तुम्हारे माता पिता की तबियत खराब है। यहां आने पर दोनों मृत मिले। दोनों बेटों ने एक ही सवाल किया कि मुझे तो तबियत ख़राब बताई थी यंहा दोनों कैसे मर गए। दोनों बेटों ने बताया कि उनके माता-पिता के बीच कभी झगड़ा नहीं होता था।
दोनों के शव पोस्टमार्टम को भेजे जा रहे हैं। मृतक दंपति के बेटों ने अभी तक दोनों की मौत पर किसी प्रकार की कोई शंका जाहिर नहीं की है। यदि कोई तहरीर दी गई तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
मनोज कुमार यादव, सीओ तिलहर