जाली आईडी से सिम एक्टिवेट करने का भंडाफोड़
पंचायत चुनावों के दौरान जलालाबाद, जैतीपुर, कलान, ददरौल, सिंधौली और पुवायां में फर्जी आईडी से प्रीपेड सिम चालू कराने की कुछ शिकायतें पुलिस को मिली थीं। पुलिस ने उस वक्त तो इन सूचनाओं को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया, मगर हाल ही में पठानकोट में हमले के बाद अलर्ट जारी हुआ तो पुलिस ने इस रैकेट के सूत्र तलाशने की कोशिश शुरू कर दी। छानबीन के दौरान इस बात की पुष्टि हुई कि शहर के चौक कोतवाली क्षेत्र के घूरन तलैया में रहने वाला आइडिया कंपनी का वितरक राजा कपूर बड़े पैमाने पर फर्जी आईडी बनवाकर प्री पेड सिम एक्टीवेट कराकर बेच रहा है। पुलिस ने इसके बाद शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे शहर के मोहल्ला आनंदपुरम के एक मकान पर छापा मारकर राजा कपूर के साथ दातागंज (बदायूं) निवासी मनोज गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया।
राजा और मनोज से पूछताछ में पता चला कि मनोज शहर की कृष्णा कलर लैब से अज्ञात लोगों के फोटो लेकर फर्जी आईडी तैयार कराता है। इन जाली आईडी के जरिये ही राजा और उसके अन्य सहयोगी रोडवेज के पास दुर्गा होटल के पीछे स्थित टेलीकॉम कंपनियों के एक्टीवेशन कार्यालयों से सिम एक्टीवेट करा लेते हैं। पता चला कि इस जालसाजी में कंपनी प्रतिनिधियों की भी मौन स्वीकृति रहती थी। पुलिस यह पता लगने के बाद रात में ही दबिश देकर बांका (बिहार) के गांव अमरपुर निवासी राजेश कुमार झा, स्थानीय चौक कोतवाली के मोहल्ला खलीलगर्बी निवासी गुफरान और सदर बाजार थाना क्षेत्र के महमंद जलालनगर निवासी गोपाल फकीर चंद समेत तीन और लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से जालसाजी में इस्तेमाल होने वाले कंप्यूटर, स्कैनर, प्रिंटर और अन्य दस्तावेज भी जब्त कर लिए गए।
एसपी बबलू कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का कहना है कि व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के चलते मोबाइल कंपनियों का नए सिम जारी करने के टारगेट को पूरा करने का दबाव रहता है। इसी कारण एक ही व्यक्ति की आईडी पर कई-कई प्री एक्टिवेटेड सिम वितरकों के जरिये बेच दिए जाते हैं। इस एसपी ने बताया कि इस प्रकरण में जिन तीन टेलीकॉम कंपनियों के प्री एक्टिवेटेड सिम बेचने के मामले सामने आए हैं, उनके अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराई जा रही है। इन कंपनियों पर आवश्यक कार्यवाही के लिए टेलीकॉम रेग्यूलेटरी अथारिटी आफ इंडिया (ट्राई) से भी संपर्क साधा जा रहा है।