{"_id":"59bbdcbb4f1c1b99688b4b77","slug":"electricity-cut-can-create-law-and-order-problem","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानून व्यवस्था को खतरा बन रही बिजली कटौती","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कानून व्यवस्था को खतरा बन रही बिजली कटौती
अमर उजाला ब्यूरो,शाहजहांपुर
Updated Fri, 15 Sep 2017 07:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भीषण गर्मी और उमस के बीच जिले में हो रही अंधाधुंध बिजली कटौती कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बनने लगी है। बिजली कटौती से हर वर्ग में उबाल है। लोग कटौती के खिलाफ सड़कों पर आने लगे हैं। बिजली विभाग के अफसरों-कर्मचारियों से भिड़ रहे हैं। कई जगह इन्हें बंधक बनाए जाने की भी खबरें हैं। धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन देने का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, शुक्रवार को पैना पावर हाउस के 160 एमवीए के ट्रांसफार्मर में आई तकनीकी खराबी को दूर कर लिया गया। इसके बाद भी बिजली सप्लाई पटरी पर नहीं आई है। शुक्रवार को दिन में लगातार पांच घंटे बिजली सप्लाई ठप रही।
बिजली विभाग पहले से ही स्थानीय स्तर पर कटौती कर रहा था। इस बीच दो दिन पहले पुवायां रोड स्थित पैना पावर हाउस के 160 एमवीए के ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आ गई। इस ट्रांसफार्मर पर 70 फीसदी से ज्यादा बिजली सप्लाई का लोड होने से पूरे जिले में बिजली सप्लाई ठप हो गई। 100 एमवीए के ट्रांसफार्मर से हर फीडर पर दो-दो घंटे सप्लाई दी गई। पावर हाउस में तकनीकी खराबी आने से पहले भी जिले में बिजली सप्लाई का हाल ज्यादा अच्छा नहीं था। लोगों ने इस मुद्दे को कई बार कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के सामने भी उठाया। आश्वासन के अवाला कैबिनेट मंत्री से भी कुछ नहीं मिला। लगातार कटौती से लोगों में बिजली विभाग के साथ सरकार के खिलाफ भी गुस्सा पनप रहा है। धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन देने के दौर के बीच कम गुस्सा फूट कर कानून व्यवस्था के लिए खतरा बन जाए इस बारे में कहा नहीं जा सकता।
विज्ञापन
बिजली विभाग पहले से ही स्थानीय स्तर पर कटौती कर रहा था। इस बीच दो दिन पहले पुवायां रोड स्थित पैना पावर हाउस के 160 एमवीए के ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आ गई। इस ट्रांसफार्मर पर 70 फीसदी से ज्यादा बिजली सप्लाई का लोड होने से पूरे जिले में बिजली सप्लाई ठप हो गई। 100 एमवीए के ट्रांसफार्मर से हर फीडर पर दो-दो घंटे सप्लाई दी गई। पावर हाउस में तकनीकी खराबी आने से पहले भी जिले में बिजली सप्लाई का हाल ज्यादा अच्छा नहीं था। लोगों ने इस मुद्दे को कई बार कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के सामने भी उठाया। आश्वासन के अवाला कैबिनेट मंत्री से भी कुछ नहीं मिला। लगातार कटौती से लोगों में बिजली विभाग के साथ सरकार के खिलाफ भी गुस्सा पनप रहा है। धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन देने के दौर के बीच कम गुस्सा फूट कर कानून व्यवस्था के लिए खतरा बन जाए इस बारे में कहा नहीं जा सकता।
विज्ञापन