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घरों में सप्लाई हो रहे दूध में नहीं मिली क्रीम
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
Updated Fri, 12 May 2017 11:42 PM IST
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खाद्य सुरक्षा निदेशालय
- फोटो : अमर उजाला
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मिल्क एनालाइजर से हुई दूध के नमूनों की जांच
पानी मिश्रित कई नमूनों में एसएनएफ की कमी पाई गई
दूध के नमूनों में मिलावट अथवा सॉलिड नॉट फैट की कमी आदि की फौरी जांच के लिए खाद्य सुरक्षा निदेशालय से भेजी गई मिल्क एनालाइजर मशीन का विभागीय अधिकारियों ने शुक्रवार को शहर की कृष्णानगर कॉलोनी में डेमो किया। अधिकारियों ने कई घरों से दूध लेकर मशीन से जांच की तो पाया कि दो नमूनों से क्रीम गायब है। अन्य नमूनों में पानी की मिलावट समेत कई कमियों का पता चला।
बता दें कि खाद्य सुरक्षा विभाग दूध समेत अन्य खाद्य वस्तुओं के सील किए गए नमूनों को जांच के लिए सामान्य तौर पर लखनऊ स्थित राजकीय जन विश्लेषक प्रयोगशाला भेजता है। नमूनों की जांच रिपोर्ट मिलने में अमूमन एक-डेढ़ माह का समय लग जाता है। चूंकि, गर्मियोें के सीजन में दूध, खोया और अन्य दुग्ध उत्पादोें में मिलावट से फूल प्वॉयजनिंग की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए दूध में मिलावट की तात्कालिक जांच के लिए मिल्क एनालाइजर का इस्तेमाल किया गया।
जांच के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियोें की टीम ने जेल रोड सिथत कृष्णानगर कॉलोनी को चुना। वहां के 15 घरों से दूध के नमूने लिए गए। कॉलोनी निवासी सर्वेश वर्मा और हरप्रीत सिंह के घर से लिए दूध के नमूनों की जांच से पता चला कि दूधिए क्रीम निकालकर दूध सप्लाई कर रहे हैं। इसी कॉलोनी में रहने वाले प्रभाकर अवस्थी, लीलाधर चावला, सतीश चंद्र्र, राजू, जसवंत, सुरेंद्र बजाज, मनीष गोेगिया, नरेंद्र नैय्यर, राजेंद्र पुरी और रमेश नैयर ने भी टीम को घरों में आने वाले दूध के नमूने दिए।
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यही नहीं, खिरनीबाग निवासी राजकुमार गुप्ता और पंकज गुप्ता ने भी दूूध के नमूनों की जांच कराई। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीपी सिंह के अनुसार इनमें से कई नमूनों में एसएनएफ की कमी के चलते पानी के अलावा अन्य किसी रसायन की मिलावट नहीं पाई गई। जांच के दौरान मौके पर आ पहुंचे सिंधौली क्षेत्र के गांव कुरसंडा निवासी दूध विक्रेेता अरुण कुमार से भी दूध का नमूना लिया गया, लेकिन उसे मशीन ने सही बताया। जांच टीम में शामिल खाद्य सुरक्षा अधिकारी शंभू दयाल, महेश चंद्र, अनिल गंगवार, देेवेश सिंह, जयपाल सिंह आदि ने नमूने संकलित किए।
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पानी मिश्रित कई नमूनों में एसएनएफ की कमी पाई गई
दूध के नमूनों में मिलावट अथवा सॉलिड नॉट फैट की कमी आदि की फौरी जांच के लिए खाद्य सुरक्षा निदेशालय से भेजी गई मिल्क एनालाइजर मशीन का विभागीय अधिकारियों ने शुक्रवार को शहर की कृष्णानगर कॉलोनी में डेमो किया। अधिकारियों ने कई घरों से दूध लेकर मशीन से जांच की तो पाया कि दो नमूनों से क्रीम गायब है। अन्य नमूनों में पानी की मिलावट समेत कई कमियों का पता चला।
बता दें कि खाद्य सुरक्षा विभाग दूध समेत अन्य खाद्य वस्तुओं के सील किए गए नमूनों को जांच के लिए सामान्य तौर पर लखनऊ स्थित राजकीय जन विश्लेषक प्रयोगशाला भेजता है। नमूनों की जांच रिपोर्ट मिलने में अमूमन एक-डेढ़ माह का समय लग जाता है। चूंकि, गर्मियोें के सीजन में दूध, खोया और अन्य दुग्ध उत्पादोें में मिलावट से फूल प्वॉयजनिंग की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए दूध में मिलावट की तात्कालिक जांच के लिए मिल्क एनालाइजर का इस्तेमाल किया गया।
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जांच के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियोें की टीम ने जेल रोड सिथत कृष्णानगर कॉलोनी को चुना। वहां के 15 घरों से दूध के नमूने लिए गए। कॉलोनी निवासी सर्वेश वर्मा और हरप्रीत सिंह के घर से लिए दूध के नमूनों की जांच से पता चला कि दूधिए क्रीम निकालकर दूध सप्लाई कर रहे हैं। इसी कॉलोनी में रहने वाले प्रभाकर अवस्थी, लीलाधर चावला, सतीश चंद्र्र, राजू, जसवंत, सुरेंद्र बजाज, मनीष गोेगिया, नरेंद्र नैय्यर, राजेंद्र पुरी और रमेश नैयर ने भी टीम को घरों में आने वाले दूध के नमूने दिए।
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यही नहीं, खिरनीबाग निवासी राजकुमार गुप्ता और पंकज गुप्ता ने भी दूूध के नमूनों की जांच कराई। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीपी सिंह के अनुसार इनमें से कई नमूनों में एसएनएफ की कमी के चलते पानी के अलावा अन्य किसी रसायन की मिलावट नहीं पाई गई। जांच के दौरान मौके पर आ पहुंचे सिंधौली क्षेत्र के गांव कुरसंडा निवासी दूध विक्रेेता अरुण कुमार से भी दूध का नमूना लिया गया, लेकिन उसे मशीन ने सही बताया। जांच टीम में शामिल खाद्य सुरक्षा अधिकारी शंभू दयाल, महेश चंद्र, अनिल गंगवार, देेवेश सिंह, जयपाल सिंह आदि ने नमूने संकलित किए।