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डीआईओएस और बीएसए को जांच करने के निर्देश
शाहजहांपुर
Updated Sat, 08 Aug 2015 12:21 AM IST
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एसडीएम से मिली सूचना के आधार पर सदर बाजार थाना पुलिस ने शुक्रवार को किताबों से भरा लोडर पकड़ लिया। लोडर में लाखों रुपये की पुरानी किताबें लदी हुईं थीं। पुस्तक व्यापारी इन्हें पुरानी किताबें बताते हुए कबाड़ में बेचने के लिए जा रहे थे, जबकि किताबों पर नॉट फॉर सेल अंकित था। साथ ही सारी किताबें नई थीं। एसडीएम सदर भी जांच करने के लिए सदर बाजार थाना में पहुंचे। बाद में उन्होंने मामले की जांच डीआईओएस और बीएसए को सौंप दी।
शुक्रवार सुबह 10 बजे के करीब एसडीएम सदर एपी श्रीवास्तव को किसी ने सूचना दी कि एक दुकानदार किताबों को अवैध तरीके से बेचने जा रहा है। सदर बाजार थाना पुलिस को लोडर बहादुरगंज पचराहा पर मिल गया, जिसे पकड़कर थाने में लाया गया। एसडीएम से मिले निर्देश पर थाने पहुंचे बेसिक शिक्षा के अधिकारियों ने सर्व शिक्षा अभियान की पुस्तकें न होने की बात कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया और लिख दिया कि ये सारी पुस्तकें प्राइवेट हैं।
किताबें पकड़ने की सूचना मिलने पर दुकानदार रोहित अग्रवाल पहुंच गए और कहा कि किताबें उनकी हैं। किताबें पुरानी होने की वजह से कबाड़ी को बेच रहे हैं। व्यापारी नेता सचिन बाथम सहित कई दुकानदार थाने में पहुंच गए और किताबों को पुरानी बताते हुए छोड़ने की बात कही। किताबें नई दिखने पर इंस्पेक्टर जेपी तिवारी ने मामले की सूचना एसडीएम को दी।
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एसडीएम ने खुद मौके पर पहुंचकर देखा तो पाया कि किताबों के पहले पेज पर ‘नॉट फॉर सेल’ लिखा हुआ है। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक और बीएसए से इस संबंध में बातचीत करके जानकारी ली। साथ ही राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य से भी जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने लोडर के चालक, कंडक्टर और कबाड़ी से अलग-अलग बातचीत की। बावजूद इसके मामले का फौरी तौर पर निर्णय न होते देखकर डीआईओएस और बीएसए को जांच कर आख्या देने के निर्देश दिए। इस संबंध में एसडीएम श्रीवास्तव ने बताया कि जांच रिपोर्ट आ जाने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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शुक्रवार सुबह 10 बजे के करीब एसडीएम सदर एपी श्रीवास्तव को किसी ने सूचना दी कि एक दुकानदार किताबों को अवैध तरीके से बेचने जा रहा है। सदर बाजार थाना पुलिस को लोडर बहादुरगंज पचराहा पर मिल गया, जिसे पकड़कर थाने में लाया गया। एसडीएम से मिले निर्देश पर थाने पहुंचे बेसिक शिक्षा के अधिकारियों ने सर्व शिक्षा अभियान की पुस्तकें न होने की बात कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया और लिख दिया कि ये सारी पुस्तकें प्राइवेट हैं।
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किताबें पकड़ने की सूचना मिलने पर दुकानदार रोहित अग्रवाल पहुंच गए और कहा कि किताबें उनकी हैं। किताबें पुरानी होने की वजह से कबाड़ी को बेच रहे हैं। व्यापारी नेता सचिन बाथम सहित कई दुकानदार थाने में पहुंच गए और किताबों को पुरानी बताते हुए छोड़ने की बात कही। किताबें नई दिखने पर इंस्पेक्टर जेपी तिवारी ने मामले की सूचना एसडीएम को दी।
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एसडीएम ने खुद मौके पर पहुंचकर देखा तो पाया कि किताबों के पहले पेज पर ‘नॉट फॉर सेल’ लिखा हुआ है। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक और बीएसए से इस संबंध में बातचीत करके जानकारी ली। साथ ही राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य से भी जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने लोडर के चालक, कंडक्टर और कबाड़ी से अलग-अलग बातचीत की। बावजूद इसके मामले का फौरी तौर पर निर्णय न होते देखकर डीआईओएस और बीएसए को जांच कर आख्या देने के निर्देश दिए। इस संबंध में एसडीएम श्रीवास्तव ने बताया कि जांच रिपोर्ट आ जाने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।