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हवालात में फांसी लगाने की कोशिश
शाहजहांपुर/ मिर्जापुर।
Updated Wed, 14 Jan 2015 12:26 AM IST
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थाना मिर्जापुर क्षेत्र के गांव गुटैटी में रहने वाले रामरतन के हत्यारोपी भगत कुम्हार ने मंगलवार की सुबह हवालात में कमीज से फांसी लगाने की कोशिश की। गंभीर हालात में भगत को जिला अस्पताल लाया गया, जहां हालत नाजुक देकर उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। भगत की कोर्ट में पेशी के बाद जेल में दाखिल कराया गया, जहां से उसे लखनऊ ले जाया गया।
पड़ोस के गांव ढाई में रहने वाले भगत को रामरतन ने चार साल पहले खेती की देखभाल के लिए अपने साथ रख लिया था। भगत अपने परिवार में अकेला था। 27 दिसंबर की दोपहर रामरतन और भगत का लेनदेन को लेकर विवाद हो गया था। शाम को दोनों एक साथ एक साइकिल से ढाई गांव की बाजार गए थे। वहां से लौटते समय बल्देवपुर गांव के पास भगत ने रामरतन के गोली मार दी। रामरतन के चार गोलियां लगी थीं। गांव धियपुरा निवासी रामरतन के भांजे ने भगत के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के बाद से भगत फरार चल रहा था। मिर्जापुर पुलिस ने सोमवार की शाम को भगत को ढाई गांव से गिरफ्तार किया था, लेकिन पुलिस उसकी गिरफ्तारी मंगलवार की सुबह सवा पांच बजे दिखा रही है।
शौचालय के दरवाजे के
बीम से डाला था फंदा
पुलिस के मुताबिक भगत ने हवालात के शौचालय के दरवाजा के बीम से कमीज बांधकर शौच करने वाले डिब्बे पर चढ़कर फांसी लगाने की कोशिश की। फंदा सही न लगने की वजह से वह जमीन में गिर पड़ा। गिरने की आवाज सुनकर हेड कांस्टेबिल ने हवालात में झांककर देखा तो भगत जमीन में पड़ा कराह था। आनन-फानन में भगत को हवालात से निकालकर बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल भेजा गया।
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डॉक्टर के मुताबिक गले में रस्सी के निशान
थाने की पुलिस कमीज से फांसी लगाने की बात कह रही है, लेकिन जिला अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. एके सिंह गले में रस्सी के निशान बता रहे हैं। कहीं पुलिस अपने को फंसता देखकर रस्सी की जगह कमीज तो नहीं बता रही है।
सीजेएम ने भगत को लिया रिमांड पर
जिला अस्पताल से रेफर होने के बाद मिर्जापुर पुलिस भगत को सीजीएम कोर्ट में पेश किया। सीजीएम ने एंबुलेंस में भगत की हालत गंभीर देखकर बेहतर इलाज के निर्देश दिए। इसके बाद भगत को जिला जेल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक देखकर जेल में दाखिल किए बगैर लखनऊ भेज दिया।
तमंचा बरामद करने के
लिए लगाई थी पिटाई
सूत्रों के मुताबिक सोमवार शाम को पुलिस ने आरोपी भगत को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद करने के लिए उसकी पिटाई लगाई थी। पुलिस ने धमकी दी थी कि अगर सुबह तक तमंचा बरामद नहीं हुआ तो उसकी खैर नहीं।
भगत की हालत में सुधार है फिर भी उसे चेकअप के लिए लखनऊ मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। मामले की जांच कराकर थाने के पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- आरपीएस यादव, एसपी
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पड़ोस के गांव ढाई में रहने वाले भगत को रामरतन ने चार साल पहले खेती की देखभाल के लिए अपने साथ रख लिया था। भगत अपने परिवार में अकेला था। 27 दिसंबर की दोपहर रामरतन और भगत का लेनदेन को लेकर विवाद हो गया था। शाम को दोनों एक साथ एक साइकिल से ढाई गांव की बाजार गए थे। वहां से लौटते समय बल्देवपुर गांव के पास भगत ने रामरतन के गोली मार दी। रामरतन के चार गोलियां लगी थीं। गांव धियपुरा निवासी रामरतन के भांजे ने भगत के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के बाद से भगत फरार चल रहा था। मिर्जापुर पुलिस ने सोमवार की शाम को भगत को ढाई गांव से गिरफ्तार किया था, लेकिन पुलिस उसकी गिरफ्तारी मंगलवार की सुबह सवा पांच बजे दिखा रही है।
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शौचालय के दरवाजे के
बीम से डाला था फंदा
पुलिस के मुताबिक भगत ने हवालात के शौचालय के दरवाजा के बीम से कमीज बांधकर शौच करने वाले डिब्बे पर चढ़कर फांसी लगाने की कोशिश की। फंदा सही न लगने की वजह से वह जमीन में गिर पड़ा। गिरने की आवाज सुनकर हेड कांस्टेबिल ने हवालात में झांककर देखा तो भगत जमीन में पड़ा कराह था। आनन-फानन में भगत को हवालात से निकालकर बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल भेजा गया।
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डॉक्टर के मुताबिक गले में रस्सी के निशान
थाने की पुलिस कमीज से फांसी लगाने की बात कह रही है, लेकिन जिला अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. एके सिंह गले में रस्सी के निशान बता रहे हैं। कहीं पुलिस अपने को फंसता देखकर रस्सी की जगह कमीज तो नहीं बता रही है।
सीजेएम ने भगत को लिया रिमांड पर
जिला अस्पताल से रेफर होने के बाद मिर्जापुर पुलिस भगत को सीजीएम कोर्ट में पेश किया। सीजीएम ने एंबुलेंस में भगत की हालत गंभीर देखकर बेहतर इलाज के निर्देश दिए। इसके बाद भगत को जिला जेल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक देखकर जेल में दाखिल किए बगैर लखनऊ भेज दिया।
तमंचा बरामद करने के
लिए लगाई थी पिटाई
सूत्रों के मुताबिक सोमवार शाम को पुलिस ने आरोपी भगत को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद करने के लिए उसकी पिटाई लगाई थी। पुलिस ने धमकी दी थी कि अगर सुबह तक तमंचा बरामद नहीं हुआ तो उसकी खैर नहीं।
भगत की हालत में सुधार है फिर भी उसे चेकअप के लिए लखनऊ मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। मामले की जांच कराकर थाने के पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- आरपीएस यादव, एसपी