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पॉवर प्लांट से रेडियो एक्टिव कैमरा चोरी
रोजा, शाहजहांपुर
Updated Tue, 10 Feb 2015 12:32 AM IST
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रिलायंस थर्मल पॉवर प्लांट की टरबाइन के पास लगा रेडियो एक्टिव कैमरा रविवार की रात संदिग्ध हालात में चोरी हो गया। इस मामले में वहां के सिक्योरिटी इंजार्च वीके मिश्रा की तरफ से रामचंद्र मिशन थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। इधर, एडीएम मुनेंद्र नाथ उपाध्याय ने चोरी हुआ कैमरा खोले या फिर तोड़े जाने पर रेडिएशन से मानव स्वास्थ्य को गंभीर खतरा होने की चेतावनी दी है।
चोरी का खुलासा सोमवार को दोपहर बाद उस वक्त हुआ जब कारखाना के अधिकारियों ने टरबाइन को निर्धारित तापमान से ज्यादा हीटअप होने से बचाने के लिए मौके पर कैमरा लाने के निर्देश दिए। चूंकि, कैमरे में रेडियो एक्टिव धातुएं इस्तेमाल की गई हैं। इसलिए कैमरा गुम होने की सूचना से पॉवर प्लांट से लेकर कॉलोनी तक हड़कंप मच गया। सिक्योरिटी इंचार्ज मिश्रा के अनुसार इसी कैमरे से टरबाइन की गर्मी का आंकलन करने के बाद तापमान को स्थिर रखा जाता है।
कैमरा चोरी होने के बाद करीब दो घंटे तक प्लांट के विभिन्न सेक्शनों में उसकी गहन तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं लगने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। एडीएम उपाध्याय ने पॉवर प्लांट के अधिकारियों के हवाले से बताया कि कैमरे की बॉडी खोलने या फिर तोड़ने की कोशिश करने पर हानिकारक रेडिएशन से आसपास मौजूद लोगों को कैंसर और त्वचा संबंधी गंभीर रोग होने का खतरा है। उन्होंने कहा कि जन सामान्य के लोग किसी के पास संदिग्ध कैमरा देख तत्काल पुलिस को सूचित कर दें।
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जींस और नर्वस सिस्टम बिगड़ने का डर
‘ऐसे कैमरों के रेडिएशन का दायरा ज्यादा नहीं होता, लेकिन रेडियो किरणों के विकिरण से आसपास के लोगों के जींस प्रभावित होने के साथ स्नायु तंत्र गड़बड़ाने का डर है। रेडियो एक्टिविटी से प्रभावित व्यक्ति की अगली पीढ़ियां कई रोग साथ लाती हैं। जापान में नागासाकी और हिरोशिमा के लोग इसके प्रमाण हैं।’
-डॉ. इरफान ह्यूमन, निदेशक, वैज्ञानिक संस्था रिसर्च
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चोरी का खुलासा सोमवार को दोपहर बाद उस वक्त हुआ जब कारखाना के अधिकारियों ने टरबाइन को निर्धारित तापमान से ज्यादा हीटअप होने से बचाने के लिए मौके पर कैमरा लाने के निर्देश दिए। चूंकि, कैमरे में रेडियो एक्टिव धातुएं इस्तेमाल की गई हैं। इसलिए कैमरा गुम होने की सूचना से पॉवर प्लांट से लेकर कॉलोनी तक हड़कंप मच गया। सिक्योरिटी इंचार्ज मिश्रा के अनुसार इसी कैमरे से टरबाइन की गर्मी का आंकलन करने के बाद तापमान को स्थिर रखा जाता है।
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कैमरा चोरी होने के बाद करीब दो घंटे तक प्लांट के विभिन्न सेक्शनों में उसकी गहन तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं लगने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। एडीएम उपाध्याय ने पॉवर प्लांट के अधिकारियों के हवाले से बताया कि कैमरे की बॉडी खोलने या फिर तोड़ने की कोशिश करने पर हानिकारक रेडिएशन से आसपास मौजूद लोगों को कैंसर और त्वचा संबंधी गंभीर रोग होने का खतरा है। उन्होंने कहा कि जन सामान्य के लोग किसी के पास संदिग्ध कैमरा देख तत्काल पुलिस को सूचित कर दें।
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जींस और नर्वस सिस्टम बिगड़ने का डर
‘ऐसे कैमरों के रेडिएशन का दायरा ज्यादा नहीं होता, लेकिन रेडियो किरणों के विकिरण से आसपास के लोगों के जींस प्रभावित होने के साथ स्नायु तंत्र गड़बड़ाने का डर है। रेडियो एक्टिविटी से प्रभावित व्यक्ति की अगली पीढ़ियां कई रोग साथ लाती हैं। जापान में नागासाकी और हिरोशिमा के लोग इसके प्रमाण हैं।’
-डॉ. इरफान ह्यूमन, निदेशक, वैज्ञानिक संस्था रिसर्च