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घायल बालक की मौत, शव रखकर लगाया जाम  

Mon, 18 Apr 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो/शाहजहांपुर
ब्यूरो/शाहजहांपुर Updated Mon, 18 Apr 2016 12:04 AM IST
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घायल बालक की मौत, शव रखकर लगाया जाम  
 
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 कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अजीजगंज में शनिवार को बाइक की चपेट में आकर घायल हुए बालक की लखनऊ में मौत हो गई। यहां पहुंचे मृतक के परिवार वालों ने पुलिस पर रिपोर्ट लिखने में लापरवाही का आरोप लगाते गर्रा नदी पुल पर जाम लगा दिया। पुलिस के काफी समझाने के बाद मृतक के परिवार वालों ने करीब आधा घंटे बाद जाम खोला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 
थाना सिंधौली के गांव दिवाली में रहने वाले राजेश की मोहल्ला अजीजगंज में ससुराल है। राजेश की पत्नी आशा अपने चार वर्षीय बेटे निहाल और दो वर्ष की बेटी नैना के साथ होली पर अपने मायके आई हुई थी। तब वह यहीं रुकी हुई थी। शनिवार की दोपहर में निहाल बच्चों के साथ घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार बाइक निहाल को रौंद दिया था। बाइक चालक मौके पर बाइक छोड़कर भाग गया था। घायल निहाल को जिला जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर होने पर उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। निहाल को लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां भी इलाज के बाद उसकी हालत में कोई सुधार नहीं होने पर डॉक्टर ने जवाब दे दिया। रविवार की सुबह करीब चार बजे परिवार निहाल को घर वापस लाने की तैयारी कर रहे थे, तभी उसने दम तोड़ दिया। परिवार वाले उसका शव ननिहाल में ले आए। 
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पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए लगाया जाम 
निहाल के परिवार वालों का आरोप था कि पुलिस ने बाइक चालक के खिलाफ सही रिपोर्ट दर्ज नहीं की है और आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया।  इसी के चलते गर्रा नदी के पुल के पास निहाल का शव रखकर जाम लगा दिया गया। परिवार और मोहल्ले के लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस और चौकी अजीजगंज की पुलिस ने जाम लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। इसी बीच पुल के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारे लग गईं। जाम खुलने के बाद पुलिस यातायात सामान्य करवाया। 
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दो बोतल खून देकर भी नहीं बचा पाई आशा बेटे की जान 
लखनऊ के निजी अस्पताल में निहाल को भर्ती कराने के बाद डॉक्टरों ने कहा कि दो बोतल खून की जरूरत है। निहाल और मां आशा का एक ही ब्लड गु्रप था। आशा ने पहले एक यूनिट खून दिया। डॉक्टरों फिर एक बोतल खून चढ़ाने के लिए बात कही, खून का इंतजाम नहीं होते देख आशा ने दूसरी यूनिट खून देेने की बात कही, लेकिन डॉक्टरों ने मना कर दिया। मना करने बाबजूद आशा ने दूसरी यूनिट खून दिया, लेकिन इसके बाद भी निहाल की जान नहीं बचा पाई। 


मृतक बच्चे के परिवार वालों ने आरोपी बाइक सवार की गिरफ्तारी को लेकर जाम लगा दिया था। आरोपी सिंधौली क्षेत्र के गांव गंधरपुर का रहने वाला सोनू है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया और उसकी तलाश की जा रही है। - वीरेंद्र सिंह चौहान, एसएसआई कोतवाली
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