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बीडीओ, प्रधान समेत आठ के खिलाफ मुकदमा
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Sun, 21 Aug 2016 11:55 PM IST
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कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन खंड विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, बंडा के प्रधान और गांवसभसा के पांच सदस्यों के खिलाफ गांवसभा की समितियों का फर्जी गठन कर धन आहरण करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
गांवसभा बंडा के सदस्य ओमवीर सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि गांवसभा के चुनाव के बाद से प्रधान साबरी बेगम ने संवैधानिक तरीके से ग्राम समितियों का गठन नहीं किया। जिससे गांवसभा के विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए। उन्होंने तत्कालीन खंड विकास अधिकारी पीएन द्विवेदी, ग्राम पंचायत अधिकारी शशिकपूर गौतम सहित जिले के उच्च अधिकारियों को सूचना देकर समितियों के गठन की मांग की तो जिला प्रशासन के आदेश पर समितियों के गठन के लिए कई बार खुली बैठक बुलाई गई, लेकिन प्रधान के अनुपस्थित रहने के कारण बैठक को स्थगित करना पड़ा।
गुपचुप तरीके से समितियों के गठन की चर्चा होने पर उन्होंने खंड विकास अधिकारी से जानकारी मांगी तो बीडीओ ने उन्हें लिखित में दिया कि समितियों का गठन नहीं हुआ है। उधर ग्राम प्रधान ने कोरम के अभाव में ग्राम पंचायत सदस्यों के फर्र्जी हस्ताक्षरों से समितियों का गठन कर ग्राम पंचायत के बैंक खातों से धन आहरित करना शुरु कर दिया। प्रकरण संज्ञान में आने पर उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने बीडीओ, प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी और गांवसभा के पांच सदस्यों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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एसओ राजेश सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आठ लोगों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। विवेचना में तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
गांवसभा बंडा के सदस्य ओमवीर सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि गांवसभा के चुनाव के बाद से प्रधान साबरी बेगम ने संवैधानिक तरीके से ग्राम समितियों का गठन नहीं किया। जिससे गांवसभा के विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए। उन्होंने तत्कालीन खंड विकास अधिकारी पीएन द्विवेदी, ग्राम पंचायत अधिकारी शशिकपूर गौतम सहित जिले के उच्च अधिकारियों को सूचना देकर समितियों के गठन की मांग की तो जिला प्रशासन के आदेश पर समितियों के गठन के लिए कई बार खुली बैठक बुलाई गई, लेकिन प्रधान के अनुपस्थित रहने के कारण बैठक को स्थगित करना पड़ा।
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गुपचुप तरीके से समितियों के गठन की चर्चा होने पर उन्होंने खंड विकास अधिकारी से जानकारी मांगी तो बीडीओ ने उन्हें लिखित में दिया कि समितियों का गठन नहीं हुआ है। उधर ग्राम प्रधान ने कोरम के अभाव में ग्राम पंचायत सदस्यों के फर्र्जी हस्ताक्षरों से समितियों का गठन कर ग्राम पंचायत के बैंक खातों से धन आहरित करना शुरु कर दिया। प्रकरण संज्ञान में आने पर उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने बीडीओ, प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी और गांवसभा के पांच सदस्यों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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एसओ राजेश सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आठ लोगों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। विवेचना में तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।