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कचहरी में रची थी अजीम की हत्या की साजिश
शाहजहांपुर।
Updated Tue, 08 Sep 2015 11:52 PM IST
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मोहल्ला महमंद जंगला में रहने वाले प्रापर्टी डीलर अजीम की मौत का खाका सोमवार की दोपहर कचहरी में तैयार किया गया था। जेल में सजा काट रहे सद्दन के भाई वकील की कचहरी में तारीख थी। उससे मुलाकात के दौरान अजीम को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई, जिसमें उसका दोस्त शाहरुख भी शामिल था। पुलिस ने हत्यारों की तलाश के लिए तीन टीमें गठित की हैं। इस बीच मंगलवार दोपहर अजीम को पुलिस सुरक्षा में सुपुर्दे खाक किया गया। जनाजे में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
अजीम ने खंडेलवाल वाली गली में जो मकान खरीदा था वह मशहूर हिस्ट्रीशीटर पीचू खां का था। उसकी कचहरी परिसर में हत्या कर दी गई थी। दिल्ली में परिवार के साथ रह रही उसकी पत्नी ने अजीम को मकान बेच दिया था। पीचू खां के भाई सद्दन और भतीजा उसी मकान में रहते थे, जो मकान खाली नहीं करना चाहते थे। इसी बात पर अजीम से रंजिश हो गई थी, क्योंकि वह कई बार मकान खाली करने का दबाव बना चुका था। एक हत्या के मामले में जेल में बंद सद्दन के भाई वकील की सोमवार को कचहरी में तारीख थी। अजीम भी मकान खाली कराने की बात करने के लिए शाहरुख के साथ वकील से मिलने कचहरी गया था। वकील ने भरोसा दिलाया कि जल्द मकान खाली हो जाएगा। इसके बाद अजीम घर चला आया। वकील ने शाहरुख, तन्नू, सद्ददन बातचीत करके अजीम को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। इसके लिए उसने शाहरुख को मोहरा बनाया और उसे लालच दिया। इसके बाद सभी लोग घर पहुंचे और अजीम की हत्या करने की योजना बनाई। घटना से करीब एक घंटा पहले शाहरुख अपने कपड़े प्रेस करने के लिए अजीम के घर भी गया था। फिर अजीम अपने ससुराल महमंद हद्दफ चला गया और वहां से वापस लौटने के क्रम में वह आजाद के खोखे पर खड़ा हुआ था, तभी शाहरुख और तन्नू अपने साथियों के साथ वहां पहुंच गए और फायर झोंक दिया।
तीन टीमें गठित अलग-अलग जगह रवाना
अजीम के हत्यारोपियों की तलाश के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। पुलिस ने संभावित जगहों पर सोमवार की रात ही दबिश दी, लेकिन कोई आरोपी हाथ नहीं लगा। पुलिस की दो टीमें गैरजनपदों में और एक टीमें जिले में ही हत्यारोपियों की तलाश में जुटी है। हत्यारोपियों के रिश्तेदार अपने-अपने घरों में ताला डालकर फरार हो गए हैं। पुलिस शाहरुख और उसके पिता पप्पू, तन्नू व नदीम की तलाश में जुटी हुई है।
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पुलिस सुरक्षा में अजीम
का शव सुपुर्दे खाक
मंगलवार की दोपहर दो बजे की नमाज के बाद अजीम का जनाजा उठाया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस और पीएससी मौजूद रही। महमंद जंगला वाले कब्रिस्तान में अजीम के शव को सुपुर्दे खाक किया गया।
देर रात हुआ शव का पोस्टमार्टम
रात दो बजे अजीम का पोस्टमार्टम शुरू हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक अजीम को बायीं तरफ पीठ में गोली लगी थी। जो कि फेफड़ों में जाकर फंस गई। गोली 315 बोर के तमंचे से मारी गई थी।
शव घर पर पहुंचने
पर मचा कोहराम
अजीम के सुबह करीब चार बजे घर पहुंचा। घर पहुंचते ही शव को देखकर कोहराम मच गया। अजीम की पत्नी नाजिया का रो-रोककर बुरा हाल था वह अपने बेटे अरहन को सीने से लगा रोते हुए कह रही थी कि वह अब किससे पापा कहेगा। मां शायरा और बहने शबाना और फरहाना रोते-रोते बेसुध हो गई थीं। आसपास की महिलाएं उनका ढांढस बंधा रही थी।
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अजीम ने खंडेलवाल वाली गली में जो मकान खरीदा था वह मशहूर हिस्ट्रीशीटर पीचू खां का था। उसकी कचहरी परिसर में हत्या कर दी गई थी। दिल्ली में परिवार के साथ रह रही उसकी पत्नी ने अजीम को मकान बेच दिया था। पीचू खां के भाई सद्दन और भतीजा उसी मकान में रहते थे, जो मकान खाली नहीं करना चाहते थे। इसी बात पर अजीम से रंजिश हो गई थी, क्योंकि वह कई बार मकान खाली करने का दबाव बना चुका था। एक हत्या के मामले में जेल में बंद सद्दन के भाई वकील की सोमवार को कचहरी में तारीख थी। अजीम भी मकान खाली कराने की बात करने के लिए शाहरुख के साथ वकील से मिलने कचहरी गया था। वकील ने भरोसा दिलाया कि जल्द मकान खाली हो जाएगा। इसके बाद अजीम घर चला आया। वकील ने शाहरुख, तन्नू, सद्ददन बातचीत करके अजीम को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। इसके लिए उसने शाहरुख को मोहरा बनाया और उसे लालच दिया। इसके बाद सभी लोग घर पहुंचे और अजीम की हत्या करने की योजना बनाई। घटना से करीब एक घंटा पहले शाहरुख अपने कपड़े प्रेस करने के लिए अजीम के घर भी गया था। फिर अजीम अपने ससुराल महमंद हद्दफ चला गया और वहां से वापस लौटने के क्रम में वह आजाद के खोखे पर खड़ा हुआ था, तभी शाहरुख और तन्नू अपने साथियों के साथ वहां पहुंच गए और फायर झोंक दिया।
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तीन टीमें गठित अलग-अलग जगह रवाना
अजीम के हत्यारोपियों की तलाश के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। पुलिस ने संभावित जगहों पर सोमवार की रात ही दबिश दी, लेकिन कोई आरोपी हाथ नहीं लगा। पुलिस की दो टीमें गैरजनपदों में और एक टीमें जिले में ही हत्यारोपियों की तलाश में जुटी है। हत्यारोपियों के रिश्तेदार अपने-अपने घरों में ताला डालकर फरार हो गए हैं। पुलिस शाहरुख और उसके पिता पप्पू, तन्नू व नदीम की तलाश में जुटी हुई है।
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पुलिस सुरक्षा में अजीम
का शव सुपुर्दे खाक
मंगलवार की दोपहर दो बजे की नमाज के बाद अजीम का जनाजा उठाया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस और पीएससी मौजूद रही। महमंद जंगला वाले कब्रिस्तान में अजीम के शव को सुपुर्दे खाक किया गया।
देर रात हुआ शव का पोस्टमार्टम
रात दो बजे अजीम का पोस्टमार्टम शुरू हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक अजीम को बायीं तरफ पीठ में गोली लगी थी। जो कि फेफड़ों में जाकर फंस गई। गोली 315 बोर के तमंचे से मारी गई थी।
शव घर पर पहुंचने
पर मचा कोहराम
अजीम के सुबह करीब चार बजे घर पहुंचा। घर पहुंचते ही शव को देखकर कोहराम मच गया। अजीम की पत्नी नाजिया का रो-रोककर बुरा हाल था वह अपने बेटे अरहन को सीने से लगा रोते हुए कह रही थी कि वह अब किससे पापा कहेगा। मां शायरा और बहने शबाना और फरहाना रोते-रोते बेसुध हो गई थीं। आसपास की महिलाएं उनका ढांढस बंधा रही थी।