{"_id":"af4fa1ea94718ff76a31e0eafde924c5","slug":"asharam-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आसाराम को दो सेवादार पकड़े गए","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आसाराम को दो सेवादार पकड़े गए
शाहजहांपुर
Updated Sun, 07 Dec 2014 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाबालिग बिटिया से दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद आसाराम के करीबियों ने समझौता कराने की आस नहीं छोड़ी है। ऐसी ही कोशिश में शनिवार को दिन में करीब दो बजे बिटिया के घर के बाहर संदिग्ध अवस्था में घूम रहे दो लोगों को मोहल्ले वालों की सूचना पर पुलिस ने दबोच लिया। इनमें एक कानपुर और दूसरा गाजियाबाद का है। दोनों खुद को आसाराम का सेवादार बता रहे हैं। कोतवाली पुलिस ने इन दोनों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई के साथ ही पीड़ित बिटिया के भाई की तहरीर पर जान से मारने की धमकी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
शनिवार को इन दोनों को मोहल्ले के लोगों ने बिटिया के घर के आसपास घूमते हुए देखा। शक होने पर बिटिया के घर पर तैनात पुलिस कर्मियों को जानकारी दी। इस बीच दोनों ने भागने का प्रयास किया मगर लोगों की मदद से पकड़ लिए गए। दोनों को पहले अजीजगंज पुलिस चौकी और वहां से कोतवाली लाया गया। इंस्पेक्टर आरपी सिंह के मुताबिक पकड़े गए एक कथित सेवादार ने अपना नाम नारायण पांडेय, निवासी नौबस्ता, कानपुर और दूसरे ने प्रदीप मिश्रा निवासी विजयनगर-गाजियाबाद बताया। खुद को आसाराम का करीबी बताते हुए उन्होंने दोनों पक्षों में समझौता कराने के लिए आने की बात बताई। नारायण ने पुलिस को बताया कि वह 2004 से आसाराम से जुड़ा हुआ है और प्रवचन कार्यक्रमों में आसाराम के साथ रहता था। आसाराम के जेल जाने के बाद नारायण संजय नामक एक व्यक्ति के साथ डेढ़ महीने पहले भी समझौता कराने के लिए पीड़िता के घर पहुंचा था। उस समय संजय ने उसकी पीड़िता के घरवालों से बात नहीं होने दी थी। इधर तीन दिन पहले नारायण फिर यहां आया और दो दिन से पीड़िता के घर के आसपास चक्कर लगा रहा था। नारायण के बुलाने पर शुक्रवार की रात प्रदीप भी यहां पहुंच गया था। प्रदीप ने खुद को आसाराम से 1994 से जुड़ा हुआ बताया। कहा, वह कार्यक्रमों के दौरान भंडारे में खाना बनाता था।
विज्ञापन
शनिवार को इन दोनों को मोहल्ले के लोगों ने बिटिया के घर के आसपास घूमते हुए देखा। शक होने पर बिटिया के घर पर तैनात पुलिस कर्मियों को जानकारी दी। इस बीच दोनों ने भागने का प्रयास किया मगर लोगों की मदद से पकड़ लिए गए। दोनों को पहले अजीजगंज पुलिस चौकी और वहां से कोतवाली लाया गया। इंस्पेक्टर आरपी सिंह के मुताबिक पकड़े गए एक कथित सेवादार ने अपना नाम नारायण पांडेय, निवासी नौबस्ता, कानपुर और दूसरे ने प्रदीप मिश्रा निवासी विजयनगर-गाजियाबाद बताया। खुद को आसाराम का करीबी बताते हुए उन्होंने दोनों पक्षों में समझौता कराने के लिए आने की बात बताई। नारायण ने पुलिस को बताया कि वह 2004 से आसाराम से जुड़ा हुआ है और प्रवचन कार्यक्रमों में आसाराम के साथ रहता था। आसाराम के जेल जाने के बाद नारायण संजय नामक एक व्यक्ति के साथ डेढ़ महीने पहले भी समझौता कराने के लिए पीड़िता के घर पहुंचा था। उस समय संजय ने उसकी पीड़िता के घरवालों से बात नहीं होने दी थी। इधर तीन दिन पहले नारायण फिर यहां आया और दो दिन से पीड़िता के घर के आसपास चक्कर लगा रहा था। नारायण के बुलाने पर शुक्रवार की रात प्रदीप भी यहां पहुंच गया था। प्रदीप ने खुद को आसाराम से 1994 से जुड़ा हुआ बताया। कहा, वह कार्यक्रमों के दौरान भंडारे में खाना बनाता था।
विज्ञापन