{"_id":"580271854f1c1b6752292751","slug":"alerts-from-the-shahjahanpur-district-varanasi-scandal","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाराणसी कांड से अलर्ट हुआ शाहजहांपुर जिला प्रशासन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
वाराणसी कांड से अलर्ट हुआ शाहजहांपुर जिला प्रशासन
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Sat, 15 Oct 2016 11:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी में बाबा जय गुरुदेव के सत्संग समागम में उमड़े भक्तों में मची भगदड़ से हुए हादसे से जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है क्योंकि ऐसा ही एक कार्यक्रम सोमवार को यहां भी होना है। बाबा के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी कहे जा रहे बाबा उमाकांत महाराज का रूहानी काफिला बरेली मोड़ पर साउथ सिटी के सामने पड़ाव डालेगा। प्रशासन को इस आयोजन में बाबा के अनुयायियों की भारी उमड़ने का अंदेशा है। इसलिए अफसर आयोजन स्थल का दौरा कर कार्यक्रम के स्थानीय आयोजकों से व्यवस्थाओं का ब्यौरा लेने में जुट गए हैं। नए एसपी केबी सिंह ने शनिवार रात कार्यभार ग्रहण करते ही सोमवार को हो रहे इस आयोजन के रूट मैप और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
मालूम हो कि वाराणसी में आयोजकों ने स्थानीय प्रशासन को केवल पांच-सात हजार लोगों की भीड़ जुटने की सूचना दी, लेकिन अनुयायी कई गुना अधिक पहुंच गए। नतीजे में भीड़ बेकाबू होने से भगदड़ मची तो तमाम जानें चली गईं। ऐसे हादसे का यहां होने वाले कार्यक्रम में दोहराव नहीं होने पाए, प्रशासन इसी कवायद में जुटा है। यह अलग बात है कि कार्यक्रम की संभावित भीड़ के बारे में अभी अफसरों को भी कोई जानकारी नहीं है।
खास यह है कि रूहानी काफिले के आकर्षक प्रचार फोल्डर उज्जैन स्थित जयगुरुदेव आश्रम से जारी किए गए हैं। उज्जैन आश्रम में रह रहे यादव बाबा के वरिष्ठ सेवादार रोहिताश्व यादव ने वाराणसी हादसे का उल्लेख करते हुए स्थानीय आयोजन के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वाराणसी में मथुरा आश्रम पर कब्जा करने वाले दूसरे गुट के पंकज जी ने कार्यक्रम कराया, लेकिन बाबा उमाकांत के सत्संग समागम में स्वानुशासित भक्तों के चलते ऐसी गड़बड़ी नहीं होती।
विज्ञापन
कार्यक्रम के स्थानीय आयोजन से जुड़े गोकरन प्रसाद ने भीड़ से जुड़ा सवाल टालते हुए पहले कहा कि दो-चार हजार लोग आ ही जाएंगे, फिर बोले कि धार्मिक आध्यात्मिक कार्यक्रमों में अन्य लोग भी खिंचे चले आते हैं, इसलिए अनुयायी बढ़ भी सकते हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की अधिकारियों से अनुमति ली जा चुकी है। आयोजन स्थल पर व्यवस्था बनाए रखने में भक्तों की विशेष टोली सक्रिय रहेगी।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम की सूचना प्रशासन को तत्कालीन एसडीएम सदर अजय तिवारी से मिल चुकी थी, लेकिन वाराणसी में हुई घटना के मद्देनजर नव नियुक्त एसडीएम सदर रामजी मिश्रा को आयोजन से जुड़ी सारी जानकारियां संकलित करने के निर्देश दिए गए हैं। एडीएम के अनुसार एसडीएम मिश्रा आयोजकों से संपर्क करके जो रिपोर्ट देंगे, उसी पर कार्यक्रम के बारे में आगे निर्णय किया जाएगा।
वाराणसी कांड के बाद सोमवार को होने वाले रूहानी सत्संग कार्यक्रम को लेकर किसी भी स्तर पर कहीं चूक ना हो, इसकी विस्तृत समीक्षा कर तैयारी की जा रही है। सीओ सिटी को नए सिरे चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था करते हुए फोर्स की तैनाती का निर्देश दिया गया है।- रमेश कुमार भारतीय, एसपी देहात, शाहजहांपुर।
विज्ञापन
मालूम हो कि वाराणसी में आयोजकों ने स्थानीय प्रशासन को केवल पांच-सात हजार लोगों की भीड़ जुटने की सूचना दी, लेकिन अनुयायी कई गुना अधिक पहुंच गए। नतीजे में भीड़ बेकाबू होने से भगदड़ मची तो तमाम जानें चली गईं। ऐसे हादसे का यहां होने वाले कार्यक्रम में दोहराव नहीं होने पाए, प्रशासन इसी कवायद में जुटा है। यह अलग बात है कि कार्यक्रम की संभावित भीड़ के बारे में अभी अफसरों को भी कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
खास यह है कि रूहानी काफिले के आकर्षक प्रचार फोल्डर उज्जैन स्थित जयगुरुदेव आश्रम से जारी किए गए हैं। उज्जैन आश्रम में रह रहे यादव बाबा के वरिष्ठ सेवादार रोहिताश्व यादव ने वाराणसी हादसे का उल्लेख करते हुए स्थानीय आयोजन के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वाराणसी में मथुरा आश्रम पर कब्जा करने वाले दूसरे गुट के पंकज जी ने कार्यक्रम कराया, लेकिन बाबा उमाकांत के सत्संग समागम में स्वानुशासित भक्तों के चलते ऐसी गड़बड़ी नहीं होती।
विज्ञापन
कार्यक्रम के स्थानीय आयोजन से जुड़े गोकरन प्रसाद ने भीड़ से जुड़ा सवाल टालते हुए पहले कहा कि दो-चार हजार लोग आ ही जाएंगे, फिर बोले कि धार्मिक आध्यात्मिक कार्यक्रमों में अन्य लोग भी खिंचे चले आते हैं, इसलिए अनुयायी बढ़ भी सकते हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की अधिकारियों से अनुमति ली जा चुकी है। आयोजन स्थल पर व्यवस्था बनाए रखने में भक्तों की विशेष टोली सक्रिय रहेगी।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम की सूचना प्रशासन को तत्कालीन एसडीएम सदर अजय तिवारी से मिल चुकी थी, लेकिन वाराणसी में हुई घटना के मद्देनजर नव नियुक्त एसडीएम सदर रामजी मिश्रा को आयोजन से जुड़ी सारी जानकारियां संकलित करने के निर्देश दिए गए हैं। एडीएम के अनुसार एसडीएम मिश्रा आयोजकों से संपर्क करके जो रिपोर्ट देंगे, उसी पर कार्यक्रम के बारे में आगे निर्णय किया जाएगा।
वाराणसी कांड के बाद सोमवार को होने वाले रूहानी सत्संग कार्यक्रम को लेकर किसी भी स्तर पर कहीं चूक ना हो, इसकी विस्तृत समीक्षा कर तैयारी की जा रही है। सीओ सिटी को नए सिरे चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था करते हुए फोर्स की तैनाती का निर्देश दिया गया है।- रमेश कुमार भारतीय, एसपी देहात, शाहजहांपुर।