फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   पुवायां में बनाए जा रहे हैं फर्जी नोड्यूज प्रमाणपत्र

पुवायां में बनाए जा रहे हैं फर्जी नोड्यूज प्रमाणपत्र

Fri, 13 Oct 2017 11:49 PM IST
Updated Fri, 13 Oct 2017 11:49 PM IST
विज्ञापन
पुवायां में बनाए जा रहे हैं फर्जी नोड्यूज प्रमाणपत्र
पुवायां (शाहजहांपुर)। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में फर्जी नो ड्यूज लगाकर खाता खुलवाने के प्रयास में एक युवक को शाखा प्रबंधक ने पकड़ लिया। बाद में उसे पुलिस को सौंप दिया गया।
विज्ञापन

गांव सिंघापुर निवासी अनिल कुमार शुक्रवार को पुवायां स्थित बड़ौदा ग्रामीण बैंक की ररूआ शाखा में नया खाता खुलवाना चाहता था। बैंक प्रबंधक ने उससे अन्य बैंकों का नोड्यूज लाने को कहा था। शुक्रवार को अनिल नोड्यूज प्रमाणपत्र लेकर तकिया शाखा पर गया तो प्रबंधक अनिल सिंह यह देखकर दंग रह गए कि नोड्यूज पर उनकी शाखा की फर्जी मोहर लगी हुई थी और 115 रुपये की फर्जी जमा रसीद भी संलग्न थी। बैंक प्रबंधक ने अनिल कुमार को पकड़ लिया और कोतवाली लाकर पुलिस को सौंप दिया। अनिल ने बताया कि पुवायां के निगोही रोड स्थित एक दुकान से उसे नोड्यूज और जमा रसीद दी गई है। दोनों कागजों के फर्जी होने के बारे में उसे जानकारी नहीं है। अनिल का कहना है कि उस दुकान से तमाम बैकों के नोड्यूृज आदि दिए जाते हैं और नोड्यूज के लिए रुपये जमा कर रसीद दी जाती है। बैंक में ज्यादा समय लगता है, जबकि दुकान पर कुछ ही देर में नोड्यूज मिल जाता है, जिस कारण लोग वहां से नोड्यूज लेने जाते हैं। इंस्पेक्टर अशोक सोलंकी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन

फर्जी निवास, जाति प्रमाणपत्र भी पकड़े जा चुके हैं
पुवायां। कुछ वर्ष पूर्व नगर में फर्जी जाति, आय, निवास प्रमाणपत्र बनाने वाला गिरोह सक्रिय था। एक प्रमाणपत्र पकड़े जाने पर तत्कालीन एसडीएम ने मामले की जांच लेखपल से कराई थी, जिसमें तमाम प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए थे। फर्जीवाड़े का पता चलते ही ठगों ने दुकान बंद कर दी थी, इसके बाद इस मामले में कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई थी। फर्जीवाड़े में आज तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दुकान बंद कर गायब हो गए ठग
पुवायां। अनिल को पुलिस हिरासत में दिए जाने की खबर ठगों को लग गई, इस पर वह दुकान बंद कर फरार हो गए। बताया जाता है कि फर्जी नोड्यूज जारी करने वाले लोग कुछ बैंकों के अधिकारी कर्मचारियों के संपर्क में रहते हैं और किसानों को कर्ज आदि दिलाने के बदले भारी रकम ऐंठते हैं, इसमें कर्मचारियों का भी हिस्सा होता है। निगोही रोड स्थित दुकान में फर्जीवाड़े का यह धंधा काफी समय से चल रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed