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माता-पिता और मामा ने की थी युवती की हत्या
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मिर्जापुर (शाहजहंपुर)। बदायूं की युवती की हत्या ममेरे भाई से प्रेम संबंध की वजह से उसके ही माता-पिता ने की थी। इस घटना में युवती के मामा भी शामिल थे। पुलिस ने इस मामले में युवती के माता-पिता और मामा व गाड़ी के ड्राइवर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। ऑनरकिलिंग के इस मामले का शुक्रवार एसपी डा. एस चनप्पा ने खुलासा किया।
उन्होंने बताया कि ढाईघाट रोड पर मोहम्मदपुर गुलड़िया गांव के पास पुलिया के नीचे 27 फरवरी को पुलिस ने ग्रामीणों की सूचना पर शव बरामद किया गया था। जिसकी शिनाख्त बदायूं के थाना अलापुर के मोहल्ला छोटे हसन की पुत्री के रूप में हुई थी। पुलिस की सूचना पर पहुंचे छोटे हसन ने बताया था कि उसकी 22 वर्षीय बेटी नौ फरवरी को कानपुर के बिल्लौर थाना क्षेत्र में मजार पर उर्स के दौरान गई थी। जहां से उसके साले थाना व कस्बा हजरतपुर निवासी रहीस का बेटा तस्लीम बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। शव मिल जाने पर छोटे हसन की तहरीर पर मिर्जापुर पुलिस ने तस्लीम के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। इसके बाद पुलिस ने जब नामजद आरोपी तस्लीम को हिरासत में लिया तो उसने बताया कि उसका छोटे हसन की बेटी से दो साल से प्रेम संबंध थे, दोनों ने दिल्ली में छह फरवरी को कोर्ट मैरिज व निकाह कर लिया था। इस बात की जानकारी परिवार में किसी को नहीं थी। युवती नौ फरवरी को परिवार वालों के साथ कानपुर के बिल्लौर थाना क्षेत्र में मकनपुर स्थित मजार पर लगने वाले उर्स में गई थी। वहां युवती परिवार वालों से खुद अलग हो गई और एक बुजुर्ग महिला के साथ कानपुर पहुंची और वहां पर दिल्ली से तस्लीम आ गया। फिर यहीं से दोनों दिल्ली चले गए, लेकिन दिल्ली में रहने के लिए जगह नहीं मिलने पर दोनों वहां से यह सोचकर कानपुर को चल दिए कि वहीं कमाए खाएंगे। वहां से लौटते समय रास्ते में तस्लीम के पास उसके ताऊ सिद्दीक का फोन आया कि जो हुआ सो हुआ। तुम लोग घर आ जाओ, इस पर दोनों हजरतपुुर बदायूं आ गए। यहां तस्लीम सात-आठ दिन तक रहा, इसी बीच युवती की मां अनीशा अपने घर अलापुर से हजरतपुर पहुंच गई और उसने भाई सिद्दीक व रहीस से कहा कि उन लोगों ने उसे निकाल दिया था। कुछ दिन रहने के बाद जब सब कुछ सामान्य हो गया, तब फिर तस्लीम को परिवार वालों ने कमाने के लिए दिल्ली भेज दिया और कहा कि युवती को बाद में भेज देंगे। तस्लीम के दिल्ली चले जाने के बाद 26 फरवरी को छोटे हसन अपने भाई के बेटे आरिफ के जरिये अलापुर के सीलमपुर नई बस्ती निवासी भूरे की ओमनी किराये पर लेकर हजरतपुर पहुंच गया। साथ में आरिफ भी गया। यहां युवती को यह बताया कि तुम्हे दिल्ली तस्लीम के पास जाने के लिए बदायूं से बस पर बैठा देंगे। गाड़ी में युवती और उसके पिता, मां और तस्लीम का पिता रहीस (रहीस, छोटे हसन का सगा साला) पीछे की सीट पर बैठ गए और आगे की सीट पर ड्राइवर भूरे, आरिफ, साबेश बैठ गए। रास्ते में युवती का दुपट्टे से रहीस, छोटे हसन, अनीशा ने गला कस दिया। इससे उसकी मौत हो गई और मिर्जापुर के पास ढाईघाट रोड पर मोहम्मदपुर गुलड़िया गांव के पास पुलिया के नीचे फेंक दिया। उसकी जींस की पैंट में एक पर्स मिला, जिसमें 16 हजार रुपये और एक आधार कार्ड जिस पर दिल्ली का पता लिखा है और एक मोबाइल नंबर की पर्ची भी मिली थी। मोबाइल नंबर से ही शिनाख्त हुई थी। युवती के पिता छोटे हसन दिल्ली में रहकर सिलाई करते हैं, वहीं तसलीम भी रहता था। पुलिस को अनीशा व साबेश की तलाश है। साबेश भी युवती का ममेरा भाई है।
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उन्होंने बताया कि ढाईघाट रोड पर मोहम्मदपुर गुलड़िया गांव के पास पुलिया के नीचे 27 फरवरी को पुलिस ने ग्रामीणों की सूचना पर शव बरामद किया गया था। जिसकी शिनाख्त बदायूं के थाना अलापुर के मोहल्ला छोटे हसन की पुत्री के रूप में हुई थी। पुलिस की सूचना पर पहुंचे छोटे हसन ने बताया था कि उसकी 22 वर्षीय बेटी नौ फरवरी को कानपुर के बिल्लौर थाना क्षेत्र में मजार पर उर्स के दौरान गई थी। जहां से उसके साले थाना व कस्बा हजरतपुर निवासी रहीस का बेटा तस्लीम बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। शव मिल जाने पर छोटे हसन की तहरीर पर मिर्जापुर पुलिस ने तस्लीम के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। इसके बाद पुलिस ने जब नामजद आरोपी तस्लीम को हिरासत में लिया तो उसने बताया कि उसका छोटे हसन की बेटी से दो साल से प्रेम संबंध थे, दोनों ने दिल्ली में छह फरवरी को कोर्ट मैरिज व निकाह कर लिया था। इस बात की जानकारी परिवार में किसी को नहीं थी। युवती नौ फरवरी को परिवार वालों के साथ कानपुर के बिल्लौर थाना क्षेत्र में मकनपुर स्थित मजार पर लगने वाले उर्स में गई थी। वहां युवती परिवार वालों से खुद अलग हो गई और एक बुजुर्ग महिला के साथ कानपुर पहुंची और वहां पर दिल्ली से तस्लीम आ गया। फिर यहीं से दोनों दिल्ली चले गए, लेकिन दिल्ली में रहने के लिए जगह नहीं मिलने पर दोनों वहां से यह सोचकर कानपुर को चल दिए कि वहीं कमाए खाएंगे। वहां से लौटते समय रास्ते में तस्लीम के पास उसके ताऊ सिद्दीक का फोन आया कि जो हुआ सो हुआ। तुम लोग घर आ जाओ, इस पर दोनों हजरतपुुर बदायूं आ गए। यहां तस्लीम सात-आठ दिन तक रहा, इसी बीच युवती की मां अनीशा अपने घर अलापुर से हजरतपुर पहुंच गई और उसने भाई सिद्दीक व रहीस से कहा कि उन लोगों ने उसे निकाल दिया था। कुछ दिन रहने के बाद जब सब कुछ सामान्य हो गया, तब फिर तस्लीम को परिवार वालों ने कमाने के लिए दिल्ली भेज दिया और कहा कि युवती को बाद में भेज देंगे। तस्लीम के दिल्ली चले जाने के बाद 26 फरवरी को छोटे हसन अपने भाई के बेटे आरिफ के जरिये अलापुर के सीलमपुर नई बस्ती निवासी भूरे की ओमनी किराये पर लेकर हजरतपुर पहुंच गया। साथ में आरिफ भी गया। यहां युवती को यह बताया कि तुम्हे दिल्ली तस्लीम के पास जाने के लिए बदायूं से बस पर बैठा देंगे। गाड़ी में युवती और उसके पिता, मां और तस्लीम का पिता रहीस (रहीस, छोटे हसन का सगा साला) पीछे की सीट पर बैठ गए और आगे की सीट पर ड्राइवर भूरे, आरिफ, साबेश बैठ गए। रास्ते में युवती का दुपट्टे से रहीस, छोटे हसन, अनीशा ने गला कस दिया। इससे उसकी मौत हो गई और मिर्जापुर के पास ढाईघाट रोड पर मोहम्मदपुर गुलड़िया गांव के पास पुलिया के नीचे फेंक दिया। उसकी जींस की पैंट में एक पर्स मिला, जिसमें 16 हजार रुपये और एक आधार कार्ड जिस पर दिल्ली का पता लिखा है और एक मोबाइल नंबर की पर्ची भी मिली थी। मोबाइल नंबर से ही शिनाख्त हुई थी। युवती के पिता छोटे हसन दिल्ली में रहकर सिलाई करते हैं, वहीं तसलीम भी रहता था। पुलिस को अनीशा व साबेश की तलाश है। साबेश भी युवती का ममेरा भाई है।
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