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दो ठेकेदारों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज
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तिलहर (शाहजहांपुर)। क्षेत्र के गांव सहवेगपुर ईंट भट्ठे पर बंधक बनाए गए छत्तीसगढ़ के 62 महिला पुरुष मजदूरों को 10 दिन पहले बंधन मुक्त कराए जाने के मामले में भट्ठा मालिक ने दो ठेकेदारों के खिलाफ कोतवाली में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ से आई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने एसपी डॉ. एस चन्नप्पा को सहवेगपुर भट्टे पर छत्तीसगढ़ के 62 मजदूरों के बंद होने की जानकारी दी थी। इस मामले में एसपी के निर्देश पर पुलिस के सहयोग से सभी बंधक बनाए गए मजदूरों को पुलिस ने मुक्त करा दिया था। छत्तीसगढ़ पुलिस टीम के आने पर भट्ठा मालिक वहां से फरार हो गए थे। इधर, 10 दिन बीतने के बाद भट्ठा मालिक रेहान निवासी शीशगढ़ बरेली ने कोतवाली में मजदूरों को लाने वाले छत्तीसगढ़ के ठेकेदारों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा है कि उसके भाई वकार की छत्तीसगढ़ निवासी ठेकेदार विष्णु पात्रे व सोने चंद्र से जान पहचान थी। भट्टे पर हमेशा मजदूरों की जरूरत पड़ती है, इसी के तहत छत्तीसगढ़ निवासी दोनों ठेकेदारों ने उन्हें मजदूर उपलब्ध कराने का वादा किया था। भट्टा मालिक ने बताया कि विष्णु पात्रे व सोने चंद्र ने 62 मजदूर उनके भट्टे पर भेजे थे। बदले में छह लाख 37 हजार रुपए ठेकेदार लेकर गए थे। भट्टा मालिक का आरोप है कि चार अप्रैल को सभी मजदूरों के भट्टे से चले जाने के कारण उसे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
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बता दें कि छत्तीसगढ़ से आई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने एसपी डॉ. एस चन्नप्पा को सहवेगपुर भट्टे पर छत्तीसगढ़ के 62 मजदूरों के बंद होने की जानकारी दी थी। इस मामले में एसपी के निर्देश पर पुलिस के सहयोग से सभी बंधक बनाए गए मजदूरों को पुलिस ने मुक्त करा दिया था। छत्तीसगढ़ पुलिस टीम के आने पर भट्ठा मालिक वहां से फरार हो गए थे। इधर, 10 दिन बीतने के बाद भट्ठा मालिक रेहान निवासी शीशगढ़ बरेली ने कोतवाली में मजदूरों को लाने वाले छत्तीसगढ़ के ठेकेदारों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा है कि उसके भाई वकार की छत्तीसगढ़ निवासी ठेकेदार विष्णु पात्रे व सोने चंद्र से जान पहचान थी। भट्टे पर हमेशा मजदूरों की जरूरत पड़ती है, इसी के तहत छत्तीसगढ़ निवासी दोनों ठेकेदारों ने उन्हें मजदूर उपलब्ध कराने का वादा किया था। भट्टा मालिक ने बताया कि विष्णु पात्रे व सोने चंद्र ने 62 मजदूर उनके भट्टे पर भेजे थे। बदले में छह लाख 37 हजार रुपए ठेकेदार लेकर गए थे। भट्टा मालिक का आरोप है कि चार अप्रैल को सभी मजदूरों के भट्टे से चले जाने के कारण उसे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
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