फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   बेटे की तलाश में भटक रहे वृद्ध लालाराम

बेटे की तलाश में भटक रहे वृद्ध लालाराम

Tue, 20 Jun 2017 06:27 PM IST
Updated Tue, 20 Jun 2017 06:27 PM IST
विज्ञापन
बेटे की तलाश में भटक रहे वृद्ध लालाराम

विज्ञापन
शाहजहांपुर। चंडीगढ़ में बापू धाम कॉलोनी में सेक्टर-26 में रहने वाले लालाराम सक्सेना को शक है कि शाहजहांपुर में रहने वाले कुछ रिश्तेदारों ने उनके बेटे को गायब कर दिया है। वह बेटे की तलाश में भटक रहे हैं। उन्हें अभी भी उम्मीद हैं उनका बेटा शाहजहांपुर जिले में ही है और वह इसी उम्मीद में शाहजहांपुर आते हैं और फिर से मायूस होकर लौट जाते हैं, लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी है। दस माह बीत जाने के बाद भी बेटे का सुराग नहीं लगने पर पुलिस से उनका भरोसा उठता जा रहा है।

ओसीएफ से रिटायर 78 वर्षीय लालाराम सक्सेना ने बताया कि वह परिवार के साथ आठ सितंबर 2016 को शाहजहांपुर में मोहल्ला बाडूजई प्रथम में रहने वाले अपने साढू़ भोलानाथ के घर आए थे, यहीं से उनका बेटा शिव शंकर उर्फ पप्पू लापता हो गया। मामले की गुमशुदगी सदर बाजार थाने में दर्ज कराई, लेकिन पुलिस आज तक उनके बेटे को तलाश नहीं पाई। लालाराम ने बताया कि लापता होने के कुछ दिन बाद पता चला कि बेटा खुटार में दिवाकर के यहां है, वह खुटार भी तलाश करने गए, लेकिन वहां यह तो पता चला कि कुछ दिन यहां रहा, लेकिन यहां से भी वह चला गया। उन्होंने बेटे को लखीमपुर खीरी, पलिया, मैलानी में भी तलाश किया, लेकिन कुछ भी पता नहीं चला। लालाराम ने बताया कि चार बेटों में सबसे छोटा शिवशंकर शादीशुदा है, उसके दो बेटियां और एक बेटा भी है। बेटे की ससुराल भी शाहजहांपुर में है। उसे शक है कि शाहजहांपुर में रहने वाले कुछ रिश्तेदारों ने उसके बेटे को गायब कर दिया है। उसके न मिलने से घर वाले परेशान हैं। पुलिस से उसका भरोसा उठता जा रहा है कि वह उसके बेटे को तलाश भी कर पाएगी, लेकिन उसने अपनी खुद की उम्मीद नहीं छोड़ी है और इसी उम्मीद में वह शाहजहांपुर आकर बेटे की तलाश करते रहते हैं। उन्हें उम्मीद है कि बेटा यहीं कहीं होगा। मां कलावती की आंखें बेटे की राह देखते-देखते पथरा गईं हैं। बता दें कि लालाराम मूल रूप से पीलीभीत के ललौरीखेड़ा हरसुईया के रहने वाले हैं। ओसीएफ में कर्मचारी रहते उनका स्थानांतरण चंडीगढ़ हो गया, वहां से रिटायर होने के बाद वह वहीं बस गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed