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हादसा नहीं, मेरे बेटे की हत्या हुई
Updated Tue, 22 Aug 2017 06:51 PM IST
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शाहजहांपुर। बेटे कन्हैया लाल की मौत पर बिलख रही मां चमेली देवी का आरोप है कि उनके बेटे की हत्या की गई। हादसा होने की बात वारदात को छिपाने के लिए की जा रही है। पति के साथ छोड़ जाने के बाद चमेली का एकमात्र सहारा उनका बेटा कन्हैया ही था, वह भी छिन गया। अब उनका कोई नहीं है।
चमेली देवी ने बताया कि उनके पति गेंदनलाल ने साथ छोड़ दिया तो वह बेटे कन्हैया के साथ निगोही कस्बे में किराये पर मकान लेकर रहने लगीं। दो दिन पहले वह पीलीभीत के बीसलपुर कस्बे में सत्संग सुनने गईं थीं। सोमवार देर रात उनके पास मोबाइल पर सूचना पहुंची कि कन्हैया की हादसे में मौत हो गई है लेकिन वह इसे हादसा मानने का तैयार नहीं है। उनका कहना है कि बेटे की हत्या की गई है। बेटे के संबंध बिलसंडा के पास के एक गांव की लड़की से थे। वह अक्सर उससे मिलने जाता था। उसने बेटे को आगाह भी किया था। चमेली को शक है कि उनके बेटे की लड़की के घरवालों ने ही हत्या की है।
मालूम हो कि कन्हैया को कस्बे के ही रहने वाले लखबिंदर ने सोमवार दोपहर घायल अवस्था में जिला अस्पताल पहुंचाया था। जहां कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई थी। उसकी बाइक ईशापुर रोड पर गौंटिया मोड़ के पास पड़ी मिली थी। पुलिस को बाइक से किसी ट्रैक्टर से टकरा जाने की सूचना दी गई थी। चमेली ने बताया कि वह लोगों के घरों में काम करके पेट पाल रही है। बेटे ने लैपटॉप चलाना सीख लिया था। इसके बाद उसने मोबाइल की दुकान पर बैठना शुरू कर दिया था। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
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चमेली देवी ने बताया कि उनके पति गेंदनलाल ने साथ छोड़ दिया तो वह बेटे कन्हैया के साथ निगोही कस्बे में किराये पर मकान लेकर रहने लगीं। दो दिन पहले वह पीलीभीत के बीसलपुर कस्बे में सत्संग सुनने गईं थीं। सोमवार देर रात उनके पास मोबाइल पर सूचना पहुंची कि कन्हैया की हादसे में मौत हो गई है लेकिन वह इसे हादसा मानने का तैयार नहीं है। उनका कहना है कि बेटे की हत्या की गई है। बेटे के संबंध बिलसंडा के पास के एक गांव की लड़की से थे। वह अक्सर उससे मिलने जाता था। उसने बेटे को आगाह भी किया था। चमेली को शक है कि उनके बेटे की लड़की के घरवालों ने ही हत्या की है।
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मालूम हो कि कन्हैया को कस्बे के ही रहने वाले लखबिंदर ने सोमवार दोपहर घायल अवस्था में जिला अस्पताल पहुंचाया था। जहां कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई थी। उसकी बाइक ईशापुर रोड पर गौंटिया मोड़ के पास पड़ी मिली थी। पुलिस को बाइक से किसी ट्रैक्टर से टकरा जाने की सूचना दी गई थी। चमेली ने बताया कि वह लोगों के घरों में काम करके पेट पाल रही है। बेटे ने लैपटॉप चलाना सीख लिया था। इसके बाद उसने मोबाइल की दुकान पर बैठना शुरू कर दिया था। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
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