फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   वृद्ध ने फांसी लगाकर दी जान

वृद्ध ने फांसी लगाकर दी जान

Thu, 04 Oct 2018 12:01 AM IST
Updated Thu, 04 Oct 2018 12:01 AM IST
विज्ञापन
वृद्ध ने फांसी लगाकर दी जान
वृद्ध ने फंदा लगाकर दी जान
विज्ञापन

गांव के बाहर आम के पेड़ पर रस्सी के सहारे लटका मिला शव
परिजन बोले कर्ज से थे परेशान, इसलिए कर ली खुदकुशी

अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर/कांट। थाना कांट क्षेत्र के गांव जरावन में वृद्ध ने फंदा लगाकर जान दे दी। उसका शव गांव के बाहर आम के पेड़ पर रस्सी के सहारे लटका मिला। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। परिजन बैंक कर्ज से परेशान होकर खुदकुशी की बात कह रहे हैं, जबकि पुलिस मानसिक तनाव को मौत का कारण बता रही है।
गांव जरावन निवासी 60 वर्षीय नरसिंह बुधवार सुबह खेत पर शौच जाने की बात कहकर निकल गए और गांव के बाहर गले में रस्सी से फंदा बनाकर आम के पेड़ पर लटक गए। सुबह लगभग छह बजे गांव के कुछ लोग उधर से गुजरे तो उन्होंने नरसिंह को फंदे पर लटके देखा। इसके बाद ग्रामीणों ने मामले की सूचना उनके परिजनों को और पुलिस को दी। पुलिस ने शव को उतरवाकर पंचनामे की कार्रवाई पूूरी कर पोस्टमार्टम को भेज दिया। मृतक के सभी बच्चे शादीशुदा हैं। नरसिंह की पत्नी द्रौपदी की 15 वर्ष पहले मौत हो चुकी है। नरसिंह की खुदकुशी की वजह पर पुलिस का कहना है कि पहले पत्नी और फिर बेटे की मौत की वजह से वह मानसिक रूप से परेशान रहते थे। संभव है कि इसी वजह से नरसिंह ने खुदकुशी कर ली।
विज्ञापन


नोटिस कब मिला, जानकारी नहीं
मृतक के बेटे जयदीप ने बताया कि उसके पिता ने पांच साल पहले एक लाख रुपये का लोन लिया था, समय से अदायगी नहीं हो पाने से बैंक ने नोटिस जारी कर दिया, जब बेटे से नोटिस बैंक से जारी होने व घर पर पहुंचने की तिथि की जानकारी ली तो वह इसके बारे में कुछ नहीं बता पाया। यही बात मृतक के मौसेरे भाई हरनाम सिंह यादव भी बता रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


मृतक के नाम लगभग 15 बीघा जमीन है, अभी डेढ़ माह पहले बैक से लोन लिया था, इसकी रिकवरी के लिए बैंक से नोटिस का कोई मतलब नहीं है। पहले जो लोन लिया था, वह कर्ज माफी योजना में माफ हो गया, इसके बाद दोबारा लोन लिया था। हो सकता है कि पत्नी और बेटे की मौत की वजह से मानसिक तौर पर परेशान रहते हों , फिलहाल मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
मनोज कुमार सिंह, इंस्पेक्टर कांट
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed