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पूर्व गृह राज्यमंत्री पर रेप केस वापसी पर सुनवाई 24 को
Updated Wed, 16 May 2018 01:48 AM IST
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पूर्व गृह राज्यमंत्री पर रेप केस वापसी पर सुनवाई 24 को
पीड़िता की ओर से कोर्ट ने लिखित रूप से मांगी आपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज रेप केस को वापस लेने का मामला एक बार फिर खटाई में पड़ गया है। मंगलवार को इस मामले में सीजेएम शिखा प्रधान की कोर्ट ने सुनवाई के लिए 24 मई निर्धारित की है। इसके लिए पीड़ित पक्ष को लिखित रूप से आपत्ति दाखिल करनी होगी।
मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में सरकारी वकील ने राज्य सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए मुकदमा वापस लेने का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया, वहीं वकील ने पीड़िता के माध्यम से कोर्ट को बताया कि चिन्मयानंद ने हाईकोर्ट से जो स्टे ले रखा था वह खारिज हो चुका है, लिहाजा उनके खिलाफ वारंट जारी किया जाए। इस पर कोर्ट ने पीड़िता की ओर से लिखित आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए 24 मई की तिथि नियत कर दी है। बता दें कि वर्ष 2011 में स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती की शिष्या ने उन पर बंधक बनाकर रेप करने का आरोप लगाते हुए चौक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस पर चिन्मयानंद ने हाईकोर्ट से स्टे ले रखा था। भाजपा की सरकार बनने के बाद चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज मामले को राज्य सरकार ने 321 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत केस वापसी को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इस पर मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में सुनवाई थी।
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पीड़िता की ओर से कोर्ट ने लिखित रूप से मांगी आपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज रेप केस को वापस लेने का मामला एक बार फिर खटाई में पड़ गया है। मंगलवार को इस मामले में सीजेएम शिखा प्रधान की कोर्ट ने सुनवाई के लिए 24 मई निर्धारित की है। इसके लिए पीड़ित पक्ष को लिखित रूप से आपत्ति दाखिल करनी होगी।
मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में सरकारी वकील ने राज्य सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए मुकदमा वापस लेने का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया, वहीं वकील ने पीड़िता के माध्यम से कोर्ट को बताया कि चिन्मयानंद ने हाईकोर्ट से जो स्टे ले रखा था वह खारिज हो चुका है, लिहाजा उनके खिलाफ वारंट जारी किया जाए। इस पर कोर्ट ने पीड़िता की ओर से लिखित आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए 24 मई की तिथि नियत कर दी है। बता दें कि वर्ष 2011 में स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती की शिष्या ने उन पर बंधक बनाकर रेप करने का आरोप लगाते हुए चौक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस पर चिन्मयानंद ने हाईकोर्ट से स्टे ले रखा था। भाजपा की सरकार बनने के बाद चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज मामले को राज्य सरकार ने 321 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत केस वापसी को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इस पर मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में सुनवाई थी।
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