{"_id":"a739b75a8e8ce62cd10a32fb399dae7b","slug":"13-hours-by-climbing-the-tower-scene-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"13 घंटे तक टॉवर पर चढ़ कर किया तमाशा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
13 घंटे तक टॉवर पर चढ़ कर किया तमाशा
शाहजहांपुर
Updated Sat, 05 Sep 2015 12:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो युवक कलान कस्बे में मकरंद इंटर कॉलेज रोड के एक निजी कंपनी के मोबाइल टावर पर पर शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे चढ़ गए। दोनों कुछ दिन पहले खुद पर लगाए गए गुंडा एक्ट हटाए जाने की मांग कर रहे थे। खबर लगते ही कलान पुुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को उतारने का प्रयास किया लेकिन दोनों ने एसपी और डीएम के आने के बाद ही उतरने की शर्त रख दी। सीओ और एसडीएम ने भी काफी समझाया लेकिन दोनों अपनी बात पर अड़े रहे। फिर स्थानीय व्यापारी नेताओं नेे भाजपा विधानमंडल दल नेता सुरेश खन्ना को मामले की जानकारी दी तो उन्होंने डीएम और एसपी से बात की और फिर व्यापारी नेताओं के मार्फत मोबाइल पर दोनों को आश्वस्त कर उतरने को मनाया। इसके बाद शाम करीब छह बजे दोनों 13 घंटे बाद टावर से उतरे।
टॉवर पर चढ़ने वाले स्पेयर पार्ट्स व्यापारी 20 वर्षीय रविंद्र भारती और आढ़ती 21 वर्षीय रजत भारती पर गुंडा एक्ट की कार्यवाही पिछले साल 21 अगस्त को व्यापारियों द्वारा जाम लगाए जाने के मामले में की गई थी। एक व्यापारी के साथ पुलिस के अभद्रता करने पर व्यापारियों ने जाम लगाया था। पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए लाठीचार्ज किया था तो दूसरे पक्ष से भी मोर्चा लिया गया था। घटना में तत्कालीन एसडीएम और सीओ भी घायल हुए थे। उस घटना के बाद पुलिस ने करीब 60 अज्ञात व्यापारियों के खिलाफ बलवे का मुकदमा दर्ज किया था। उसी मामले की विवेचना के दौरान 20 आरोपियों के नाम पुलिस के सामने आए। उन सभी के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्यवाही शुरू कर दी गई। रविंद्र भारती और रजत भारती का कहना था कि वे घटना में शामिल ही नहीं थे, इसके बावजूद गुंडा एक्ट तक लगा दिया गया। इसी से वे दोनों नाराज थे।
विज्ञापन
टॉवर पर चढ़ने वाले स्पेयर पार्ट्स व्यापारी 20 वर्षीय रविंद्र भारती और आढ़ती 21 वर्षीय रजत भारती पर गुंडा एक्ट की कार्यवाही पिछले साल 21 अगस्त को व्यापारियों द्वारा जाम लगाए जाने के मामले में की गई थी। एक व्यापारी के साथ पुलिस के अभद्रता करने पर व्यापारियों ने जाम लगाया था। पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए लाठीचार्ज किया था तो दूसरे पक्ष से भी मोर्चा लिया गया था। घटना में तत्कालीन एसडीएम और सीओ भी घायल हुए थे। उस घटना के बाद पुलिस ने करीब 60 अज्ञात व्यापारियों के खिलाफ बलवे का मुकदमा दर्ज किया था। उसी मामले की विवेचना के दौरान 20 आरोपियों के नाम पुलिस के सामने आए। उन सभी के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्यवाही शुरू कर दी गई। रविंद्र भारती और रजत भारती का कहना था कि वे घटना में शामिल ही नहीं थे, इसके बावजूद गुंडा एक्ट तक लगा दिया गया। इसी से वे दोनों नाराज थे।
विज्ञापन