{"_id":"595cec774f1c1b44768b45f7","slug":"11499262071-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लैपटॉप की जगह निकला खिलौना","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लैपटॉप की जगह निकला खिलौना
Updated Wed, 05 Jul 2017 07:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुवायां (शाहजहांपुर)। टीवी पर विज्ञापन देखकर सात हजार रुपये में मंगाया गया लैपटॉप बच्चों के खेलने वाला खिलौना निकला। शिकायत पर कंपनी वालों ने लैपटॉप वापस मंगवा लिया, लेकिन अब न तो रुपये वापस किए जा रहे हैं और न लैपटॉप मिल पा रहा है।
पुवायां निवासी शिवकुमार ने बताया कि टीवी पर उन्होंने एक विज्ञापन देखा जिसमें सात हजार रुपये में लैपटॉप बिक्री की बात की गई थी। उन्होंने अपने पुत्र की पढ़ाई की मदद के लिए संबंधित नंबर पर लैपटॉप बुक करने की बात की तो बताया गया कि एक इंटरनेट साइट पर ऑनलाइन बुकिंग करानी पड़ेगी और नेट बैंकिग, क्रेडिट कार्ड आदि के माध्यम से एडवांस राशि भेजनी होगी तभी लैपटॉप मिल सकेगा।
शिवकुमार ने 15 जून को एक साइबर कैफे के माध्यम से नेट बैंकिग से सात हजार रुपये का भुगतान करा दिया। 25 जून को डाक से लैपटॉप मिलने पर जब उन्होंने पैकेट खोला तो उसमें बच्चों के खेलने वाला लैपटॉप रखा मिला। उन्होंने लैपटॉप की बुकिंग वाले नंबर पर कॉल की तो कहा गया कि खिलौना लैपटॉप धोखे से उनके पास पहुंच गया है। एक पता नोट कराने के बाद लैपटॉप वापस करने और जल्द ही दूसरा लैपटॉप भेजने का आश्वासन दिया गया। शिवकुमार ने बताए गए पते पर लैपटॉप वापस कर दिया। अब उसका मोबाइल रिसीव नहीं किया जा रहा है और दूसरा लैपटॉप भी नहीं मिला है। शिवकुमार ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुवायां निवासी शिवकुमार ने बताया कि टीवी पर उन्होंने एक विज्ञापन देखा जिसमें सात हजार रुपये में लैपटॉप बिक्री की बात की गई थी। उन्होंने अपने पुत्र की पढ़ाई की मदद के लिए संबंधित नंबर पर लैपटॉप बुक करने की बात की तो बताया गया कि एक इंटरनेट साइट पर ऑनलाइन बुकिंग करानी पड़ेगी और नेट बैंकिग, क्रेडिट कार्ड आदि के माध्यम से एडवांस राशि भेजनी होगी तभी लैपटॉप मिल सकेगा।
विज्ञापन
शिवकुमार ने 15 जून को एक साइबर कैफे के माध्यम से नेट बैंकिग से सात हजार रुपये का भुगतान करा दिया। 25 जून को डाक से लैपटॉप मिलने पर जब उन्होंने पैकेट खोला तो उसमें बच्चों के खेलने वाला लैपटॉप रखा मिला। उन्होंने लैपटॉप की बुकिंग वाले नंबर पर कॉल की तो कहा गया कि खिलौना लैपटॉप धोखे से उनके पास पहुंच गया है। एक पता नोट कराने के बाद लैपटॉप वापस करने और जल्द ही दूसरा लैपटॉप भेजने का आश्वासन दिया गया। शिवकुमार ने बताए गए पते पर लैपटॉप वापस कर दिया। अब उसका मोबाइल रिसीव नहीं किया जा रहा है और दूसरा लैपटॉप भी नहीं मिला है। शिवकुमार ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन