फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   10 to culpable homicide, seven years' imprisonment

गैर इरादतन हत्या में 10 को सात साल की कैद

Tue, 05 Jan 2016 11:52 PM IST
शाहजहांपुर।
शाहजहांपुर। Updated Tue, 05 Jan 2016 11:52 PM IST
विज्ञापन
 गांव में बदायूं के बिल्सी से आई बारात के जनवासे में पहुंचने पर बैंड बजना बंद होने से नाराज दबंगों ने बारातियों पर ऐसा कहर ढाया कि दूल्हे पक्ष के एक बुजुर्ग का प्राण पखेरू उड़ गए। वर्ष 2009 में गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र के गांव मरैना में 29 अप्रैल की रात को हुई इस घटना में कुल 10 नामजद आरोपियों को अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम गोपाल उपाध्याय ने मंगलवार को गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषीसिद्ध अभियुक्त करार दिया। दसों अभियुक्तों को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। जुर्माना न अदा करने की सूरत में चार-चार माह अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। साथ ही इन सभी को आईपीसी की धारा 323/149 का अभियुक्त पाते हुए छह-छह माह के कठोर कारावास की सजा भी सुनाई गई। पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को इन सजाओं में समायोजित करने का आदेश हुआ है।
विज्ञापन

उक्त घटना में मारे गए भगवान दास बदायूं के बिनावर थाना क्षेत्र के चंदोरा गांव के निवासी थी। उनके बेटे करन पाल की तहरीर के आधार पर गढ़िया रंगीन थाना में वारदात की अगली सुबह 30 अप्रैल 2009 को पांच बजे एफआईआर दर्ज हुई। दर्ज केस के अनुसार, करन के तहेरे भतीजे संतोष का विवाह गढ़िया रंगीन के ग्राम मरैना में रामवीर की बेटी से तय हुआ था। उसी क्रम में ये 29 अप्रैल 2009 की रात करीब आठ बजे बारात लेकर मरैना पहुंचे। बैंड बाजे के साथ नाचते - गाते बाराती रात करीब साढ़े 10 बजे जनवासे पहुंचे और वहां चाय-नाश्ता का दौर शुरू होने पर बैंड बाजा बजना बंद हो गया। तभी मरैना में ही रहने वाले दबंग किस्म के राजवीर सिंह उर्फ बड़े लल्ला, विनोद कुमार सिंह, प्रमोद कुमार सिंह, कल्लू सिंह, पप्पू सिंह, राम कुमार सिंह उर्फ लल्ला, अशोक पाल सिंह, रामू पंडित, शेखर पंडित और बड़किन्ना उर्फ अरेंद्र हाथों में लाठी-डंडा लिए वहां आ धमके और बैंड वालों को बाजा बजाने के लिए जबरदस्ती करने लगे। मना करने पर आक्रोशित होकर दबंगों ने बैंड वालों पर धावा बोला। दूल्हे पक्ष के करन और उनके भाई हीरालाल ने बीचबचाव की कोशिश की तो इन्हें भी लाठी, लात और घूसों से मारना शुरू कर दिया गया। देखते ही देखते बारातियों को दौड़ा-दौड़ाकर मारापीटा जाने लगा। इतने में करन के पिता भगवानदास ने बीचबचाव करना चाहा तो हमलावरों ने उनके गले में पड़े गमछे को ही कस दिया और घसीटकर ले जाने लगे। लड़की पक्ष वालों ने उन्हें छुड़ाने की कोशिश की तो हमलावरों ने उनके गले में गमछा जोर से कस दिया एवं जमीन पर गिराकर लात-घूसों से पीटने लगे। थोड़ी ही देर में भगवानदास ने दम तोड़ दिया। फिर सभी आरोपी बारातियों को चुपचाप गांव से निकल जाने अन्यथा जान से मार दिए जाने की धमकी देते हुए मौके से चले गए।
विज्ञापन

कोर्ट में पुलिस की ओर पेश चार्जशीट में बताया गया कि गांव में आरोपियों का इतना आतंक है कि पिट रहे बारातियों के लाख चिल्लाने पर भी कोई भी गांव वाला मदद को नहीं आया और उल्टे सभी ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए एवं घटना के दौरान भीतर ही छुपे रहे। सरकारी वकील वंशीलाल की ओर से पेश किए गए गवाहों के बयान, प्रस्तुत साक्ष्यों और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्क सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed