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सीपीसीपी : पुलिस के सूचना तंत्र में शामिल होंगे आम लोग
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राजेश द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक
शाहजहांपुर। सिटीजन पुलिस कोऑपरेशन पोर्टल (सीपीसीपी) के तहत आम आदमी भी पुलिस के सूचना तंत्र का प्रमुख हिस्सा बनेगा। क्षेत्र में घट रहीं अनैतिक और गैरकानूनी गतिविधियों की सूचना सीधे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके लिए साफ-सुथरे चरित्र के लोगों को सूचना देने के लिए चिह्नित किया जा रहा है।
क्षेत्र में चल रहीं संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी के लिए कम्यूनिटी पुलिसिंग का सहारा लिया जाता है। पुलिस के पास अपने मुखबिर होते हैं। इसके अलावा स्पेशल पुलिस अधिकारी (एसपीओ) भी मदद करते हैं। इसके बावजूद कई बार सूचनाएं पुलिस तक पहुंचने में देरी हो जाती है। थाना स्तर पर सूचना पहुंचती भी है तो पुलिसकर्मी कार्रवाई करने की बजाय दबाने पर ज्यादा ध्यान देते हैं। अधिकारियों तक मामला न पहुंचने से गंभीरता से काम नहीं हो पाता।
इसके मद्देनजर एसपी राजेश द्विवेदी ने पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय बनाने की नई पहल करते हुए सिटिजन पुलिस कोऑपरेशन पोर्टल की शुरुआत की है। इसके तहत क्षेत्र के ऐसे लोगों को जोड़ा जाएगा जो ऐसे पेशे से होते हैं जिसमें आसपास की गतिविधियों पर उनकी नजर हर समय बनी रहती है।
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फिलवक्त उन लोगों को वाट्सएप के माध्यम से जोड़ा जाएगा। कोई संदिग्ध गतिविधि दिखने पर वे तत्काल एसपी, एसपी सिटी या एसपी ग्रामीण के मोबाइल पर मेसेज भेजेंगे। अधिकारी उस मेसेज की गंभीरता के मुताबिक तत्काल कार्रवाई करेंगे। एसपी के मुताबिक, हर थाना क्षेत्र में लोगों को सीपीसीपी से जोड़ा जा रहा है। जिले के एक हजार लोगों को नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य है। यह संख्या पांच सौ पहुंचने पर सीपीसीपी की शुरुआत कर दी जाएगी। संवाद
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ऐसे आया सीपीसीपी का विचार
एसपी ने बताया कि कॉलेजों के आसपास अराजकतत्वों की हरकतें बढ़ने पर उन्होंने सख्ती करनी शुरू की। क्षेत्रों में पैदल भ्रमण कर लोगों से बातचीत की। इस दौरान कैंट क्षेत्र में एक खोखे वाले से बात करने पर जानकारी मिली कि वहां अक्सर लोग हुड़दंग करते हैं। इसके बाद सीपीसीपी का विचार आया। आम आदमी सीधा पुलिस अधिकारियों से जुड़ेगा तो नेटवर्क मजबूत होने के साथ ही कई ऐसी जानकारियां भी मिल सकेंगी जिनसे भविष्य में बड़े अपराध को रोका जा सकेगा।
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थाना प्रभारी तक को नहीं होगी खबर...गुप्त रहेंगे सूत्र
सीपीसीपी में शामिल लोगों की जानकारी संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी तक को नहीं होगी। सूचना तंत्र बिलकुल गुप्त रहेगा। वे सीधे अधिकारियों को मेसेज कर घटना की जानकारी देंगे। इससे वे थाना प्रभारी की नजर में नहीं आएंगे। पुलिसकर्मी अगर अनैतिक कृत्य करता है तो उसकी भी जानकारी सीधा अधिकारियों तक पहुंच सकेगी।
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फोटो-2
सीपीसीपी पुलिस का सूचना तंत्र मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसमें उन्हीं लोगों को जोड़ा जाएगा जिनकी पृष्ठभूमि गैर आपराधिक होगी और सामाजिक चरित्र अच्छा होगा। ये सीधा मुझे, एसपी सिटी या एसपी ग्रामीण के मोबाइल नंबर पर वाट्सएप के माध्यम से जानकारी देंगे।
- राजेश द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक
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क्षेत्र में चल रहीं संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी के लिए कम्यूनिटी पुलिसिंग का सहारा लिया जाता है। पुलिस के पास अपने मुखबिर होते हैं। इसके अलावा स्पेशल पुलिस अधिकारी (एसपीओ) भी मदद करते हैं। इसके बावजूद कई बार सूचनाएं पुलिस तक पहुंचने में देरी हो जाती है। थाना स्तर पर सूचना पहुंचती भी है तो पुलिसकर्मी कार्रवाई करने की बजाय दबाने पर ज्यादा ध्यान देते हैं। अधिकारियों तक मामला न पहुंचने से गंभीरता से काम नहीं हो पाता।
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इसके मद्देनजर एसपी राजेश द्विवेदी ने पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय बनाने की नई पहल करते हुए सिटिजन पुलिस कोऑपरेशन पोर्टल की शुरुआत की है। इसके तहत क्षेत्र के ऐसे लोगों को जोड़ा जाएगा जो ऐसे पेशे से होते हैं जिसमें आसपास की गतिविधियों पर उनकी नजर हर समय बनी रहती है।
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फिलवक्त उन लोगों को वाट्सएप के माध्यम से जोड़ा जाएगा। कोई संदिग्ध गतिविधि दिखने पर वे तत्काल एसपी, एसपी सिटी या एसपी ग्रामीण के मोबाइल पर मेसेज भेजेंगे। अधिकारी उस मेसेज की गंभीरता के मुताबिक तत्काल कार्रवाई करेंगे। एसपी के मुताबिक, हर थाना क्षेत्र में लोगों को सीपीसीपी से जोड़ा जा रहा है। जिले के एक हजार लोगों को नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य है। यह संख्या पांच सौ पहुंचने पर सीपीसीपी की शुरुआत कर दी जाएगी। संवाद
ऐसे आया सीपीसीपी का विचार
एसपी ने बताया कि कॉलेजों के आसपास अराजकतत्वों की हरकतें बढ़ने पर उन्होंने सख्ती करनी शुरू की। क्षेत्रों में पैदल भ्रमण कर लोगों से बातचीत की। इस दौरान कैंट क्षेत्र में एक खोखे वाले से बात करने पर जानकारी मिली कि वहां अक्सर लोग हुड़दंग करते हैं। इसके बाद सीपीसीपी का विचार आया। आम आदमी सीधा पुलिस अधिकारियों से जुड़ेगा तो नेटवर्क मजबूत होने के साथ ही कई ऐसी जानकारियां भी मिल सकेंगी जिनसे भविष्य में बड़े अपराध को रोका जा सकेगा।
थाना प्रभारी तक को नहीं होगी खबर...गुप्त रहेंगे सूत्र
सीपीसीपी में शामिल लोगों की जानकारी संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी तक को नहीं होगी। सूचना तंत्र बिलकुल गुप्त रहेगा। वे सीधे अधिकारियों को मेसेज कर घटना की जानकारी देंगे। इससे वे थाना प्रभारी की नजर में नहीं आएंगे। पुलिसकर्मी अगर अनैतिक कृत्य करता है तो उसकी भी जानकारी सीधा अधिकारियों तक पहुंच सकेगी।
फोटो-2
सीपीसीपी पुलिस का सूचना तंत्र मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसमें उन्हीं लोगों को जोड़ा जाएगा जिनकी पृष्ठभूमि गैर आपराधिक होगी और सामाजिक चरित्र अच्छा होगा। ये सीधा मुझे, एसपी सिटी या एसपी ग्रामीण के मोबाइल नंबर पर वाट्सएप के माध्यम से जानकारी देंगे।
- राजेश द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक