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करोड़ों की मालकिन गाय भूख-प्यास से बेहाल हैं

Mon, 13 Apr 2015 11:17 PM IST
पुवायां।
पुवायां। Updated Mon, 13 Apr 2015 11:17 PM IST
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Cows are suffering from hunger and thirst of millions mistress
 एक करोड़ रुपये से अधिक का बैंक बैलेंस, 383 एकड़ जमीन, लेकिन खाने के नाम
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पर सूखा भूसा। खुटार के राजकीय गोसदन में पल रहीं गायों की यही दशा है। यह हालत तब है जब डीएम गो सदन की अध्यक्ष और सीडीओ सचिव हैं। हरा चारा नहीं मिलने और देखरेख के अभाव में गोसदन की कई गायें हड्डियों का ढांचा भर रह गई हैं और तिल-तिल कर मरने को विवश हैं।
विनोवा भावे के भूदान आंदोलन से प्रेरित होकर खुटार के चौहान राज परिवार की रानी ताजकुंवरि ने गांव खुटार के गांव सिमरा वीरान में 383 एकड़ जमीन दान में दे दी थी। इसी भूमि पर राजकीय गोसदन बना हुआ है। गोसदन की देखरेख और सुचारू संचालन के लिए प्रबंध समिति बनी हुई है। गोसदन की लगभग डेढ़ से पौने दो सौ एकड़ भूमि प्रति वर्ष ठेके पर उठाई जाती है। इससे प्राप्त राशि से गायों की देखरेख किए जाने का प्रावधान है, गोसदन के बैंक ऑफ बड़ौदा और डाकघर में खुले खातों में जमा रकम एक करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है, लेकिन गायों की दशा बदतर होती जा रही है।
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एक कटु सत्य यह भी है कि गोसदन में गायों की संख्या कभी सौ का आंकड़ा पार नहीं कर पाती है, जबकि खुटार, पुवायां, बंडा आदि की पुलिस जो प्रतिबंधित पशु पकड़ती है उन्हें गोसदन भेजा जाता है। कुछ माह पूर्व लखनऊ से साहीवाल नस्ल की बढ़िया गायें गोसदन में भेजी गई थीं।
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अब जरा गोसदन में गायों को मिल रही सुविधाओं पर ध्यान डाल लेते हैं। सौ गायों को पीने के एक लिए मात्र एक खटारा सा हैंडपंप लगा है। इससे गायों को किस प्रकार पानी पिलाया जाता होगा यह आसानी से समझा जा सकता है। सौ गायों का हरा चारा काटने के लिए हाथ से खींची जाने वाली एक चारा मशीन है, लेकिन इसकी हालत देखकर लगता है कि महीनों से हरा चारा काटा ही नहीं गया है। चारा लाने के लिए एक डनलप है जो पूरी तरह से टूट चुका है। चलने में असमर्थ कई गायें धूप में ही पड़ी रहती हैं। शाम को गायों के आगे सूखा भूसा डाल दिया जाता है, जिसे पशु खाते ही नहीं हैं। कुल मिलाकर गोसदन गायों के लिए किसी नर्क से कम नहीं है।


कुछ अधिकारी मचा रहे जमकर लूट
पुवायां। गोसदन से जुडे़ कुछ अधिकारी खूब मालामाल हो गए हैं। गोसदन की जमीन की नीलामी में हर वर्ष बड़ा घोटाला किया जाता है। नीलामी पर जमीन लेने वालों से साठगांठ कर उन्हें ज्यादा जमीन जुतवा दी जाती है और किसानों से रुपये लेकर घोटाला कर लिया जाता है। गोसदन के नए प्रभारी डॉ. धीरज गंगवार ने चार्ज लेने के बाद ज्यादा जमीन जोतने वालों पर शिकंजा कसा तो दो किसानों ने शपथपत्र देकर बताया कि उनके पास 10 एकड़ से अधिक भूमि बिना नीलामी की है और इस जमीन के लिए एक अधिकारी को रुपए दिए गए हैं। डॉ. गंगवार ने जमीन की पैमाइश कराए जाने के लिए एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों को पत्र लिखा , लेकिन पैमाइश नहीं कराई गई। एक किसान ने पूरी फसल भी काट ली है।



जल्द सही होंगी व्यवस्थाएं
मुझे हाल ही में गोसदन का चार्ज मिला है। तब से मैं गोसदन में नई बोरिंग कराए जाने, हैंडपंप लगवाए जाने सहित अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में लगा हूं। अधिकारियों को पत्र भेजे गए हैं। हरा चारा भी बुवाए जाने की तैयारी चल रही है। ज्यादा जमीन जोतने वाले किसानों के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
- डॉ. धीरज गंगवार प्रभारी राजकीय गोसदन सिमरा वीरान, खुटार
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