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कोरोना मुक्त हुआ जिला, अब टीकाकरण पर पूरा जोर
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शाहजहांपुर। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में मिलने वाले सभी मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। अब जिला कोरोना मुक्त हो चुका है। 98 प्रतिशत टीकाकरण का कार्य भी पूर्ण हो चुका है। जिन लोगों ने वैक्सीन की पहली डोज नहीं लगवाई है, उनसे सीएमओ ने टीकाकरण कराने की अपील की है। कोरोना संक्रमण का आखिरी मरीज सात नवंबर को मिला था।
करीब दो साल पहले कोरोना संक्रमित मरीजों के मिलने की शुरुआत हुई थी। धीरे-धीरे जिले में कोरोना संक्रमण इस कर फैला कि अस्पतालों में जांच कराने वालों की लंबी-लंबी लाइनें लगने लगी थीं। पहले चरण में स्वास्थ्य विभाग ने दो लाख 27 हजार सैंपल लिए थे। इसमें 6800 कोरोना संक्रमित मरीज मिले थे। स्वास्थ्य विभाग ने एक प्राइवेट और दो सरकारी अस्पतालों को कोविड अस्पताल बनाकर मरीजों को भर्ती करके इलाज किया था।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर पहली लहर से भी ज्यादा खतरनाक थी। दूसरी लहर में स्वास्थ्य विभाग ने चार लाख 60 हजार लोगों के सैंपल लिए। इसमें 13,400 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। दूसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दो प्राइवेट अस्पताल सत्यानंद, वरुण अर्जुन और ओसीएफ समेत दो सरकारी अस्पतालों को कोविड अस्पताल बनाकर मरीजों को भर्ती किया गया था।
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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को जागरूक करने के साथ ही युद्घस्तर पर टीकाकरण का कार्य शुरू किया। इसका नतीजा ये रहा कि जिले में 21 लाख 17 हजार लोगों का टीकाकरण किया गया। जबकि स्वास्थ्य विभाग ने 21 लाख 72 हजार लोगों का वैक्सीनेशन कराने का लक्ष्य रखा था। 98 प्रतिशत वैक्सीनेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है। बाकी बचे अन्य लोगों में जिन्होंने पहली डोज अभी तक नहीं लगवाई है, उन्हें जागरूक किया जा रहा है।
सीएमओ डॉ. एसपी गौतम ने बताया कि सात नवंबर को आखिरी मरीज मिला था। टीकाकरण कार्य में लोगों का अच्छा सहयोग रहा है। यही कारण है कि 98 प्रतिशत टीकाकरण का कार्य पूरा कर लिया है। बचा हुआ लक्ष्य भी बहुत जल्द पूर्ण कर लिया जाएगा। जिन लोगों ने पहली डोज नहीं लगवाई है, वे जल्द टीकाकरण करा लें। कोरोना संक्रमण अब नहीं आएगा, यह सोचना गलत है। कोविड-19 गाइडलाइन का पालन जरूर करें।
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करीब दो साल पहले कोरोना संक्रमित मरीजों के मिलने की शुरुआत हुई थी। धीरे-धीरे जिले में कोरोना संक्रमण इस कर फैला कि अस्पतालों में जांच कराने वालों की लंबी-लंबी लाइनें लगने लगी थीं। पहले चरण में स्वास्थ्य विभाग ने दो लाख 27 हजार सैंपल लिए थे। इसमें 6800 कोरोना संक्रमित मरीज मिले थे। स्वास्थ्य विभाग ने एक प्राइवेट और दो सरकारी अस्पतालों को कोविड अस्पताल बनाकर मरीजों को भर्ती करके इलाज किया था।
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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर पहली लहर से भी ज्यादा खतरनाक थी। दूसरी लहर में स्वास्थ्य विभाग ने चार लाख 60 हजार लोगों के सैंपल लिए। इसमें 13,400 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। दूसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दो प्राइवेट अस्पताल सत्यानंद, वरुण अर्जुन और ओसीएफ समेत दो सरकारी अस्पतालों को कोविड अस्पताल बनाकर मरीजों को भर्ती किया गया था।
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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को जागरूक करने के साथ ही युद्घस्तर पर टीकाकरण का कार्य शुरू किया। इसका नतीजा ये रहा कि जिले में 21 लाख 17 हजार लोगों का टीकाकरण किया गया। जबकि स्वास्थ्य विभाग ने 21 लाख 72 हजार लोगों का वैक्सीनेशन कराने का लक्ष्य रखा था। 98 प्रतिशत वैक्सीनेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है। बाकी बचे अन्य लोगों में जिन्होंने पहली डोज अभी तक नहीं लगवाई है, उन्हें जागरूक किया जा रहा है।
सीएमओ डॉ. एसपी गौतम ने बताया कि सात नवंबर को आखिरी मरीज मिला था। टीकाकरण कार्य में लोगों का अच्छा सहयोग रहा है। यही कारण है कि 98 प्रतिशत टीकाकरण का कार्य पूरा कर लिया है। बचा हुआ लक्ष्य भी बहुत जल्द पूर्ण कर लिया जाएगा। जिन लोगों ने पहली डोज नहीं लगवाई है, वे जल्द टीकाकरण करा लें। कोरोना संक्रमण अब नहीं आएगा, यह सोचना गलत है। कोविड-19 गाइडलाइन का पालन जरूर करें।