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साढे़ पांच सौ शिक्षामित्रों की हुई काउंसिलिंग
शाहजहांपुर।
Updated Sun, 19 Apr 2015 11:40 PM IST
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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में रविवार से शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने की प्रक्रिया में काउंसिलिंग शुरू हो गई। पहले दिन चार विकास खंडों के करीब साढ़े पांच सौ शिक्षामित्र काउंसिलिंग में शामिल हुए।
रविवार को चिलचिलाती धूप में बंडा, खुटार, पुवायां और सिंधौली ब्लाक के शिक्षामित्रों को शिक्षक बनने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। इस बीच लगभग 550 शिक्षामित्रों ने अपने मूल अभिलेख डायट में जमा किए। साथ ही निर्धारित प्रपत्रों के साथ दो-दो फाइल सेट भी जमा हुए। काउंसिलिंग में डायट प्राचार्य गजराज सिंह यादव, बीएसए के प्रतिनिधि के रूप में सुरेश पाल, डिप्टी बीएसए सुशील बाबू मिश्रा, जिला समन्वयक सोहन शुक्ला आदि शामिल रहे, जबकि काउंसिलिंग के लिए लगाए गए स्टालों की व्यवस्था में खंड शिक्षा अधिकारी राजेश चतुर्वेदी, मनोज बोस, भगवान राव, अमित सक्सेना, राजेश कुमार, आईपी सिंह, अविनाश दीक्षित समेत डायट और बीएसए कार्यालय स्टाफ का योगदान रहा।
अधिकारियों से हुई कई बार नोकझोंक
काउंसिलिंग को लेकर शिक्षामित्रों की अधिकारियों से छुटपुट नोकझोक भी हुई। समस्या एक प्रारूप को लेकर खड़ी हुई, बाद में शिक्षामित्र नेताओं ने जैसे-तैसे बात संभाली तब कहीं काउंसिलिंग आगे बढ़ सकी।
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चिलचिलाती धूप में खूब तपे शिक्षामित्र
काउंसिलिंग के दिन यानी रविवार को सूर्यदेव ने भी जलवा दिखाया। नतीजा यह हुआ कि शिक्षामित्र पसीना से तरबतर काउंसिलिंग को लाइन में लगे रहे। डायट परिसर में हैंडपंप भी एक ही है, लिहाजा लोग पानी को भी तरसते ही रहे।
समस्या निवारण कैंप लगाया
प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने साथियों की मदद को डायट परिसर में ही समस्या निवारण कैंप लगाया। जिलाध्यक्ष रत्नाकर दीक्षित के नेतृत्व में श्याम लाल यादव, सचिन मिश्रा, वेद वर्मा, सुबोध वर्मा, रामपूत पाल, डीएन अवस्थी आदि ने जहां काउंसिलिंग में मदद की, वहीं शिक्षामित्रों की समस्याओं को सुलझाने में भी योगदान दिया।
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रविवार को चिलचिलाती धूप में बंडा, खुटार, पुवायां और सिंधौली ब्लाक के शिक्षामित्रों को शिक्षक बनने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। इस बीच लगभग 550 शिक्षामित्रों ने अपने मूल अभिलेख डायट में जमा किए। साथ ही निर्धारित प्रपत्रों के साथ दो-दो फाइल सेट भी जमा हुए। काउंसिलिंग में डायट प्राचार्य गजराज सिंह यादव, बीएसए के प्रतिनिधि के रूप में सुरेश पाल, डिप्टी बीएसए सुशील बाबू मिश्रा, जिला समन्वयक सोहन शुक्ला आदि शामिल रहे, जबकि काउंसिलिंग के लिए लगाए गए स्टालों की व्यवस्था में खंड शिक्षा अधिकारी राजेश चतुर्वेदी, मनोज बोस, भगवान राव, अमित सक्सेना, राजेश कुमार, आईपी सिंह, अविनाश दीक्षित समेत डायट और बीएसए कार्यालय स्टाफ का योगदान रहा।
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अधिकारियों से हुई कई बार नोकझोंक
काउंसिलिंग को लेकर शिक्षामित्रों की अधिकारियों से छुटपुट नोकझोक भी हुई। समस्या एक प्रारूप को लेकर खड़ी हुई, बाद में शिक्षामित्र नेताओं ने जैसे-तैसे बात संभाली तब कहीं काउंसिलिंग आगे बढ़ सकी।
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चिलचिलाती धूप में खूब तपे शिक्षामित्र
काउंसिलिंग के दिन यानी रविवार को सूर्यदेव ने भी जलवा दिखाया। नतीजा यह हुआ कि शिक्षामित्र पसीना से तरबतर काउंसिलिंग को लाइन में लगे रहे। डायट परिसर में हैंडपंप भी एक ही है, लिहाजा लोग पानी को भी तरसते ही रहे।
समस्या निवारण कैंप लगाया
प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने साथियों की मदद को डायट परिसर में ही समस्या निवारण कैंप लगाया। जिलाध्यक्ष रत्नाकर दीक्षित के नेतृत्व में श्याम लाल यादव, सचिन मिश्रा, वेद वर्मा, सुबोध वर्मा, रामपूत पाल, डीएन अवस्थी आदि ने जहां काउंसिलिंग में मदद की, वहीं शिक्षामित्रों की समस्याओं को सुलझाने में भी योगदान दिया।