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खतरा: मुंबई और महाराष्ट्र से आए 270 लोगों को लेकर प्रशासन सतर्क
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शाहजहांपुर। मुंबई और महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से जिले में अब तक 230 प्रवासी कामगार पहुंच चुके हैं, जिनमें से 66 रविवार को आए हैं। इनमें से छह कोरोना पॉजिटिव निकल चुके हैं। ऐसे में मुंबई से आने वाले लोगों से सामुदायिक संक्रमण का खतरा हो सकता है। इस आशंका को देखते हुए डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने सभी एसडीएम को अलर्ट किया है। उन्होंने मुंबई या महाराष्ट्र से आए सभी प्रवासियों को शेल्टर होम में क्वारंटीन कर उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच कराने और कोई दिक्कत होने पर उन्हें सूचित करने के निर्देश दिए हैं।
बता देें कि देश के विभिन्न राज्यों से जिले में अभी तक लगभग 25 हजार प्रवासी लौट चुके हैं। इनमें से ज्यादातर 14 दिन की क्वारंटीन अवधि पूरी कर चुके हैं और उनका स्वास्थ्य सामान्य बना हुआ है। मगर पिछले तीन दिनों में मुंबई से लौटे छह प्रवासी कोरोना पॉजिटिव पाए जाने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। हालांकि पिछले दिनों पहुंचे इनमें से अधिकतर प्रवासियों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद होम क्वारंटीन किया गया था। मगर छह प्रवासी पॉजिटिव मिलने के बाद अब मुंबई से लौटे लोग प्रशासन के रडार पर हैं।
चार दिन पहले आए प्रवासियों पर विशेष नजर
डीएम ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि गांवों में मुंबई से पहुंचे सभी लोगों को शेल्टर होम में ही क्वारंटीन किया जाए। उन लोगों पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिन्हें यहां पहुंचे चार दिन हो चुके हैं। अगर उनमेें कोरोना जैसे लक्षण प्रकट हों तो तत्काल रिपोर्ट दें। उन्हें शेल्टर होम मेें रखकर भोजन का प्रबंध उनके घरों से कराएं। परिवार वालों से उनके कपड़े भी वहीं मंगाकर दिए जाएं। ऐसे लोगों के लिए शौचालय, स्नान आदि की पृथक व्यवस्था कराएं। डीएम ने कहा है कि यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति का सैंपल लिया जाए, लेकिन उनकी रैंडम जांच करानी जरूरी है।
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महाराष्ट्र से आए लोगों का खंगाला जाएगा ट्रैक रिकार्ड
डीएम का कहना है कि महाराष्ट्र से आए अधिकांश लोग भयवश या फिर जानबूझकर अपना ट्रैक रिकार्ड नहीं बता रहे हैं कि वे किस रूट से और कहां होकर आए हैं। इन चार दिन में वे कहां-कहां गए और परिवार समेत बाहर निकलकर कितने लोगों से मिले। उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि ऐसे सभी लोगों को विश्वास मेें लेकर उनसे इन बिंदुओं पर जानकारी जुटाएं। बाहर से आए लोगों को समझाएं कि वे इस तरह की जानकारी छिपाएंगे तो उनके संपर्क में आए लोगों को भी संक्रमण का खतरा होगा।
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बता देें कि देश के विभिन्न राज्यों से जिले में अभी तक लगभग 25 हजार प्रवासी लौट चुके हैं। इनमें से ज्यादातर 14 दिन की क्वारंटीन अवधि पूरी कर चुके हैं और उनका स्वास्थ्य सामान्य बना हुआ है। मगर पिछले तीन दिनों में मुंबई से लौटे छह प्रवासी कोरोना पॉजिटिव पाए जाने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। हालांकि पिछले दिनों पहुंचे इनमें से अधिकतर प्रवासियों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद होम क्वारंटीन किया गया था। मगर छह प्रवासी पॉजिटिव मिलने के बाद अब मुंबई से लौटे लोग प्रशासन के रडार पर हैं।
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चार दिन पहले आए प्रवासियों पर विशेष नजर
डीएम ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि गांवों में मुंबई से पहुंचे सभी लोगों को शेल्टर होम में ही क्वारंटीन किया जाए। उन लोगों पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिन्हें यहां पहुंचे चार दिन हो चुके हैं। अगर उनमेें कोरोना जैसे लक्षण प्रकट हों तो तत्काल रिपोर्ट दें। उन्हें शेल्टर होम मेें रखकर भोजन का प्रबंध उनके घरों से कराएं। परिवार वालों से उनके कपड़े भी वहीं मंगाकर दिए जाएं। ऐसे लोगों के लिए शौचालय, स्नान आदि की पृथक व्यवस्था कराएं। डीएम ने कहा है कि यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति का सैंपल लिया जाए, लेकिन उनकी रैंडम जांच करानी जरूरी है।
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महाराष्ट्र से आए लोगों का खंगाला जाएगा ट्रैक रिकार्ड
डीएम का कहना है कि महाराष्ट्र से आए अधिकांश लोग भयवश या फिर जानबूझकर अपना ट्रैक रिकार्ड नहीं बता रहे हैं कि वे किस रूट से और कहां होकर आए हैं। इन चार दिन में वे कहां-कहां गए और परिवार समेत बाहर निकलकर कितने लोगों से मिले। उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि ऐसे सभी लोगों को विश्वास मेें लेकर उनसे इन बिंदुओं पर जानकारी जुटाएं। बाहर से आए लोगों को समझाएं कि वे इस तरह की जानकारी छिपाएंगे तो उनके संपर्क में आए लोगों को भी संक्रमण का खतरा होगा।