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रेडीमेड वस्त्रों के कारोबार पर मंडराया कोरोना का साया
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शाहजहांपुर। होली पर बंपर बिक्री के बाद महानगर समेत जिले में रेडीमेड वस्त्रों का कारोबार ठंडा पड़ गया है। हालांकि, वस्त्र व्यवसायी इसे कोरोना के खौफ का असर नहीं बल्कि त्योहार के बाद बिक्री में स्वाभाविक मंदी मान रहे हैं लेकिन देश की राजधानी दिल्ली में जिस तरह महामारी से बचाव को एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं, उसे देखते हुए वहां की कपड़ा फैक्टरियों से आने वाले दिनों में सप्लाई थमने की आशंका है। ऐसी स्थिति में कपड़ा कारोबार पर असर पड़ सकता है।
महानगर समेत जिले में रेडीमेड कपड़ों के छोटे-बड़े लगभग 250 से अधिक शोरूम हैं। होली से पहले दिल्ली दंगों की आंच में झुलसी तो वहां रेडीमेड के थोक बाजार गांधी नगर, टैंक रोड, शास्त्रीनगर आदि से आवक थम गई। यहां के कई व्यापारी दिल्ली गए तो उन्हें मायूस लौटना पड़ा। त्योहार से एक सप्ताह पहले हालात सामान्य हुए तो व्यापारियों ने दोबारा दिल्ली जाकर माल की लोडिंग कराई और होली पर कपड़ों की बंपर बिक्री की। होली के दौरान हर व्यापारी ने दो से पांच लाख रुपये का माल बेचा और इस तरह लगभग पांच करोड़ रुपये का कारोबार हो गया।
अब होली के बाद कपड़ा बाजार में सन्नाटा है। रेडीमेड कारोबार का हब माने जाने वाले महानगर के गोविंदगंज बाजार से लेकर सदर बाजार, बहादुरगंज और मंडी आदि में इन दिनों बहुत कम ग्राहक पहुंच रहे हैं। दुकानदारों को अब शादियों के सीजन पर बिक्री बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन उसमें भी अभी दस दिन बाकी हैं क्योंकि विवाह के शुभ मुहूर्त चैत्र नवरात्र से आरंभ होंगे। व्यापारियों का कहना है कि दिल्ली में कोरोना संकट के चलते सरकारी, गैर सरकारी कार्यालयों की तरह फैक्टरियां बंद होने की नौबत आई तो व्यापार पर असर पड़ेगा।
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महानगर समेत जिले में रेडीमेड कपड़ों के छोटे-बड़े लगभग 250 से अधिक शोरूम हैं। होली से पहले दिल्ली दंगों की आंच में झुलसी तो वहां रेडीमेड के थोक बाजार गांधी नगर, टैंक रोड, शास्त्रीनगर आदि से आवक थम गई। यहां के कई व्यापारी दिल्ली गए तो उन्हें मायूस लौटना पड़ा। त्योहार से एक सप्ताह पहले हालात सामान्य हुए तो व्यापारियों ने दोबारा दिल्ली जाकर माल की लोडिंग कराई और होली पर कपड़ों की बंपर बिक्री की। होली के दौरान हर व्यापारी ने दो से पांच लाख रुपये का माल बेचा और इस तरह लगभग पांच करोड़ रुपये का कारोबार हो गया।
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अब होली के बाद कपड़ा बाजार में सन्नाटा है। रेडीमेड कारोबार का हब माने जाने वाले महानगर के गोविंदगंज बाजार से लेकर सदर बाजार, बहादुरगंज और मंडी आदि में इन दिनों बहुत कम ग्राहक पहुंच रहे हैं। दुकानदारों को अब शादियों के सीजन पर बिक्री बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन उसमें भी अभी दस दिन बाकी हैं क्योंकि विवाह के शुभ मुहूर्त चैत्र नवरात्र से आरंभ होंगे। व्यापारियों का कहना है कि दिल्ली में कोरोना संकट के चलते सरकारी, गैर सरकारी कार्यालयों की तरह फैक्टरियां बंद होने की नौबत आई तो व्यापार पर असर पड़ेगा।
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