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शिफ्टों में खुलवाई जाएं दुकानें
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शाहजहांपुर। कोरोना कर्फ्यू की अवधि बढ़ने से उन सभी व्यवसायों से जुड़े कारोबारी खासे परेशान हैं जिन्हें कर्फ्यू के दौरान अपनी दुकानें लगातार बंद रखनी पड़ रहीं हैं। सराफा, कपड़ा, जनरल स्टोर, रेडीमेड वस्त्र, बिजली उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो पार्ट्स और वर्कशाप आदि प्रतिष्ठानों के संचालकों को हो रहे कारोबारी नुकसान को देखते हुए व्यापार संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रशासन से गत वर्ष लॉकडाउन में लागू की गई व्यवस्था के अनुसार यह सभी दुकानें शिफ्ट वार खुलवाने की मांग की है।
इस संबंध में उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ ने एडीएम प्रशासन राम सेवक द्विवेदी से वार्ता की, लेकिन उन्हें कोई आश्वासन नही मिला।
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व्यापार संगठनों के पदाधिकारियों की बात
सहालगी सीजन चल रहा है और अब ईद भी आ गई है। ऐसे मौकों पर लोगों को जेवर, कपड़ा से लेकर खाने-पीने के सामान आदि सब कुछ चाहिए होता है। इसलिए कर्फ्यू के दौरान सभी व्यवसाइयों को दुकानें खोलने को दो-दो घंटे की ढील मिलनी चाहिए। शासन की नई गाइडलाइन में ऐसा कोई प्रावधान नहीं होने पर प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
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-वेद प्रकाश गुप्ता, जिलाध्यक्ष, उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल (कंछल गुट)
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पिछले साल भी शादी-बरात का आधा सीजन बीतने के बाद लॉकडाउन में दुकानें खोलने की छूट मिलने से कारोबारी नुकसान हुआ था। अब फिर वही हालात पैदा हो रहे हैं। सरकार कर्फ्यू की अवधि लगातार बढ़ाए जा रही है। कोरोना की तीसरी लहर का असर सभी पर पड़ेगा। इसलिए शासन-प्रशासन किराने की तरह अन्य व्यवसायों की दुकानें खोलने की भी अनुमति दे।
-पंकज वर्मा सराफ, जिलाध्यक्ष, आदर्श व्यापार मंडल
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जैसे किराना, फल, सब्जी आदि की बिक्री की छूट दी गई है, उसी तरह सराफा, रेडीमेड, होजरी, प्लंबर, बिजली आदि व्यवसायों को भी शिफ्ट वार दो-दो घंटे दुकानें खोलने की छूट मिलनी चाहिए। इससे बाजारों में ज्यादा भीड़ भी नहीं होगी। इन दिनों अंगौछा, तौलिया आदि कपड़े मास्क जैसा काम कर सकते हैं, लेकिन कपड़े की दुकानें बंद हैं जबकि ईद में नए कपड़े खरीदने का रिवाज है।
-नीरज गुप्ता, जिला कोषाध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट
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कर्फ्यू में कई व्यवसायों की दुकानेें लगातार बंद रहने की दशा में छोटे दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो जाएगा। ऐसी दशा मेें जो लोग कोरोना से बचेंगे, वह भुखमरी और कुपोषण का शिकार बन जाएंगे। सरकार को किराना की तरह अन्य व्यवसायों के लिए भी समान नीति अपनाते हुए उनसे संबंधित दुकानें खोलने की व्यवस्था बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
-रोहित अग्रवाल, जिलाध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट युवा प्रकोष्ठ
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सरकार ने 17 मई तक कोरोना कर्फ्यू लागू रखने का निर्णय किया है। शासन से प्राप्त हुए आदेश में किराना के अतिरिक्त अन्य व्यवसायों की दुकानें खोलने के बारे में कोई दिशा निर्देश नहीं हैं। इसलिए बाजारों मेें बंदी की व्यवस्था यथावत लागू रहेगी और उसमें किसी को कोई ढील देना संभव नहीं है। बाजार खोलने के बारे मेें यदि कोई गाइडलाइन मिलती है तो उसका अनुपालन किया जाएगा।
-रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन
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इस संबंध में उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ ने एडीएम प्रशासन राम सेवक द्विवेदी से वार्ता की, लेकिन उन्हें कोई आश्वासन नही मिला।
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व्यापार संगठनों के पदाधिकारियों की बात
सहालगी सीजन चल रहा है और अब ईद भी आ गई है। ऐसे मौकों पर लोगों को जेवर, कपड़ा से लेकर खाने-पीने के सामान आदि सब कुछ चाहिए होता है। इसलिए कर्फ्यू के दौरान सभी व्यवसाइयों को दुकानें खोलने को दो-दो घंटे की ढील मिलनी चाहिए। शासन की नई गाइडलाइन में ऐसा कोई प्रावधान नहीं होने पर प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
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-वेद प्रकाश गुप्ता, जिलाध्यक्ष, उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल (कंछल गुट)
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पिछले साल भी शादी-बरात का आधा सीजन बीतने के बाद लॉकडाउन में दुकानें खोलने की छूट मिलने से कारोबारी नुकसान हुआ था। अब फिर वही हालात पैदा हो रहे हैं। सरकार कर्फ्यू की अवधि लगातार बढ़ाए जा रही है। कोरोना की तीसरी लहर का असर सभी पर पड़ेगा। इसलिए शासन-प्रशासन किराने की तरह अन्य व्यवसायों की दुकानें खोलने की भी अनुमति दे।
-पंकज वर्मा सराफ, जिलाध्यक्ष, आदर्श व्यापार मंडल
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जैसे किराना, फल, सब्जी आदि की बिक्री की छूट दी गई है, उसी तरह सराफा, रेडीमेड, होजरी, प्लंबर, बिजली आदि व्यवसायों को भी शिफ्ट वार दो-दो घंटे दुकानें खोलने की छूट मिलनी चाहिए। इससे बाजारों में ज्यादा भीड़ भी नहीं होगी। इन दिनों अंगौछा, तौलिया आदि कपड़े मास्क जैसा काम कर सकते हैं, लेकिन कपड़े की दुकानें बंद हैं जबकि ईद में नए कपड़े खरीदने का रिवाज है।
-नीरज गुप्ता, जिला कोषाध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट
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कर्फ्यू में कई व्यवसायों की दुकानेें लगातार बंद रहने की दशा में छोटे दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो जाएगा। ऐसी दशा मेें जो लोग कोरोना से बचेंगे, वह भुखमरी और कुपोषण का शिकार बन जाएंगे। सरकार को किराना की तरह अन्य व्यवसायों के लिए भी समान नीति अपनाते हुए उनसे संबंधित दुकानें खोलने की व्यवस्था बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
-रोहित अग्रवाल, जिलाध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट युवा प्रकोष्ठ
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सरकार ने 17 मई तक कोरोना कर्फ्यू लागू रखने का निर्णय किया है। शासन से प्राप्त हुए आदेश में किराना के अतिरिक्त अन्य व्यवसायों की दुकानें खोलने के बारे में कोई दिशा निर्देश नहीं हैं। इसलिए बाजारों मेें बंदी की व्यवस्था यथावत लागू रहेगी और उसमें किसी को कोई ढील देना संभव नहीं है। बाजार खोलने के बारे मेें यदि कोई गाइडलाइन मिलती है तो उसका अनुपालन किया जाएगा।
-रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन