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सहकारिता विभाग के गोदाम जर्जर, तेज बारिश में ढहने का खतरा

Wed, 29 Jun 2022 12:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jun 2022 12:48 AM IST
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Cooperative department's warehouse shabby, fear of collapsing in heavy rain
कान साधन सहकारी समिति का जर्जर भवन। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। किसान सेवा सहकारी समितियों पर दशकों पहले बनाए गए खाद-बीज के गोदाम अब जर्जर हो चुके हैं। इनकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। यदि तेज बारिश हुई तो इनके ढह जाने की आशंका है। खास बात यह है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 की जिला योजना में जर्जर हो चुके 35 गोदामों के लिए 157.86 लाख (एक करोड़, 57 लाख 86 हजार रुपये) का खर्च स्वीकृत किया गया लेकिन इस मद में अभी तक कोई धनराशि जारी नहीं हो सकी। अधिकारी भी मानते हैं कि खस्ताहाल गोदामों की जल्द मरम्मत नहीं कराई गई तो मानसून सीजन में गोदाम टपकने से खाद और बीज का स्टॉक सुरक्षित रखना कठिन हो जाएगा।
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भंडारण के लायक नहीं रहा कलान का भंडारगृह
कलान। साधन सहकारी समिति का मौजूदा भवन बरसों पुराना हो चुका है। भवन इतना जर्जर हो चुका है कि छत के लिंटर का प्लास्टर छूटकर नीचे गिरने अब सरिया दिखने लगी हैं और उनमें भी सीलन से जंक लग चुका है। अब मानसून सीजन नजदीक आने के साथ समिति और गोदाम पर मौजूद रहने वाले कर्मचारियों को हादसे की आशंका सता रही है। समिति के सचिव/गोदाम प्रभारी परमार सिंह ने पड़ोस में किराये का गोदाम ले रखा है और उसी में बीज, खाद रखी जा रही है। सचिव का कहना है कि गोदाम का ऊपर से किराया तक नहीं मिल पा रहा है जबकि मांग लगातार भेजी जा रही है। संवाद
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पुराने गोदाम की जमीन पर अवैध कब्जा
साधन सहकारी समिति का पुराना भवन कई वर्ष पूर्व ढह चुका है। बाद में पुराने गोदाम की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया। समिति के सचिव परमार सिंह के अनुसार इस संबंध में कई बार थाने से लेकर जिला मुख्यालय तक शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में दूसरा गोदाम न्याय पंचायत जखिया में बनाया गया था। उन्होंने बताया कि देखरेख की कमी से जखिया का गोदाम भी जर्जर और गिरने की स्थिति में पहुंच गया है।
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दो किमी दूर दूसरे गांव में रखी जाती है खाद
पुवायां। किसान सेवा सहकारी समिति लिमिटेड सतवां बुजुर्ग का भवन वर्षों से बेहद जर्जर हालत में होने के कारण यहां किसानों को कई वर्ष से समिति की सुविधाओं का लाभ नहीं मिल सका है। सतवां बुजुर्ग समिति में लगभग 14 सौ किसान सदस्य हैं। कई वर्ष पूर्व भवन जर्जर होने के कारण खाद आदि का आना बंद हो गया था। कुछ वर्षों तक दुकानों को किराये पर लेकर काम चलाया गया, लेकिन पांच वर्ष से यहां किसानों के लिए खाद नहीं आई है। इसका एक कारण यह भी है कि कई किसान समिति का बकाया अदा नहीं कर रहे हैं। समिति के सचिव रामसरन लाल ने बताया कि उन्होंने जनवरी में समिति का चार्ज लिया था और इसके बाद से भवन बनवाने के लिए अधिकारियों को पत्राचार शुरू कर दिया। समिति पर चार-पांच वर्ष से खाद ही नहीं आई थी, लेकिन उन्होंने मई में 36 टन यूरिया मंगवाई। खाद को दो किमी दूर बेला समिति के गांव आंवा दुगैया में बने भवन में रखा गया है। किसानों को खाद लेने के लिए आवां दुगैया जाना पड़ता है।

जिला योजना में भी 35 गोदामों की मरम्मत प्रस्तावित की गई। जिला योजना समिति ने बजट स्वीकृत किया, लेकिन धनराशि मिले तभी काम कराना संभव होगा। बारिश में छतें टपकने पर खाद-बीज भीगने से बचाना मुश्किल होता है। जिला योजना अथवा अन्य किसी स्रोत से बजट मिलते ही प्राथमिकता के आधार पर गोदामों की मरम्मत कराई जाएगी। -डॉ. गणेश गुप्ता, सहायक निबंधक (सहकारिता)

सहकारी समिति सतवां बुजुर्ग का जर्जर भवन

सहकारी समिति सतवां बुजुर्ग का जर्जर भवन- फोटो : POWAYAN

 

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